भारत का संविधान
26 नवंबर 1949 को अंगीकृत और 26 जनवरी 1950 से लागू।
पूरा संविधान — भाग, अनुच्छेद, अनुसूचियाँ, परिशिष्ट और संशोधन — हिंदी और अंग्रेज़ी में।
- अनुच्छेद
- 506
- भाग
- 50
- अनुसूचियाँ
- 12
- संशोधन अधिनियम
- 106
विषय-सूची
Iसंघ और उसका राज्यक्षेत्रअनुच्छेद 1–44 अनुच्छेद
IIनागरिकताअनुच्छेद 5–117 अनुच्छेद
- 5संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता
- 6पाकिस्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
- 7पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ प्रव्रजकों के नागरिकता के अधिकार
- 8भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
- 9विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित करने वाले व्यक्तियों का नागरिक न होना
- 10नागरिकता के अधिकारों का बना रहना
- 11नागरिकता के अधिकार का संसद द्वारा विधि द्वारा विनियमन
IIIAमूल अधिकार - साधारणअनुच्छेद 12–132 अनुच्छेद
IIIBमूल अधिकार - समता का अधिकारअनुच्छेद 14–185 अनुच्छेद
IIICमूल अधिकार - स्वतंत्रता का अधिकारअनुच्छेद 19–225 अनुच्छेद
IIIDमूल अधिकार - शोषण के विरुद्ध अधिकारअनुच्छेद 23–242 अनुच्छेद
IIIEमूल अधिकार - धर्म की स्वतंत्रता का अधिकारअनुच्छेद 25–284 अनुच्छेद
- 25अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता
- 26धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
- 27किसी विशिष्ट धर्म की अभिवृद्धि के लिए करों के संदाय के बारे में स्वतंत्रता
- 28कुछ शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपासना में उपस्थित होने के बारे में स्वतंत्रता
IIIFमूल अधिकार - सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारअनुच्छेद 29–313 अनुच्छेद
IIIGमूल अधिकार - कुछ विधियों की व्यावृत्तिअनुच्छेद 31A–31D4 अनुच्छेद
IIIHमूल अधिकार - संवैधानिक उपचारों का अधिकारअनुच्छेद 32–355 अनुच्छेद
- 32इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार
- 32Aअनुच्छेद 32 के अधीन कार्यवाहियों में राज्य की विधियों की सांविधानिक विधिमान्यता पर विचार न किया जाना
- 33इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को बलों आदि पर उनके लागू होने में रूपांतरित करने की संसद की शक्ति
- 34किसी क्षेत्र में सैनिक विधि प्रवृत्त रहने पर इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर निर्बंधन
- 35इस भाग के उपबंधों को प्रभावी करने के लिए विधान
IVराज्य की नीति के निदेशक तत्त्वअनुच्छेद 36–5120 अनुच्छेद
- 36परिभाषा
- 37इस भाग में अंतर्विष्ट सिद्धांतों का लागू होना
- 38राज्य का लोगों के कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाना
- 39राज्य द्वारा अनुसरण किए जाने वाले नीति के कुछ तत्व
- 39Aसमान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता
- 40ग्राम पंचायतों का संगठन
- 41कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार
- 42काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं तथा प्रसूति सहायता का उपबंध
- 43कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि
- 43Aउद्योगों के प्रबंध में कर्मकारों का भाग लेना
- 43Bसहकारी समितियों का संवर्धन
- 44नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता
- 45छह वर्ष से कम आयु के बालकों के लिए बचपन की देखरेख और शिक्षा का उपबंध
- 46अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों का संवर्धन
- 47पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्थ्य को सुधारने का राज्य का कर्तव्य
- 48कृषि और पशुपालन का संगठन
- 48Aपर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन तथा वन और वन्य जीव की रक्षा
- 49राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थानों तथा वस्तुओं का संरक्षण
- 50कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण
- 51अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संवर्धन
IVAमूल कर्तव्यअनुच्छेद 51A1 अनुच्छेद
VAसंघ (अध्याय 1 - कार्यपालिका)अनुच्छेद 52–7827 अनुच्छेद
- 52भारत का राष्ट्रपति
- 53संघ की कार्यपालिका शक्ति
- 54राष्ट्रपति का निर्वाचन
- 55राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति
- 56राष्ट्रपति की पदावधि
- 57पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता
- 58राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन के लिए अर्हताएं
- 59राष्ट्रपति के पद की शर्तें
- 60राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
- 61राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया
- 62राष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति की पदावधि
- 63भारत का उपराष्ट्रपति
- 64उपराष्ट्रपति का राज्य सभा का पदेन सभापति होना
- 65राष्ट्रपति के पद में आकस्मिक रिक्तियों के दौरान या उसकी अनुपस्थिति के दौरान उपराष्ट्रपति का राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना या उसके कृत्यों का निर्वहन करना
- 66उप राष्ट्रपति का निर्वाचन
- 67उपराष्ट्रपति की पदावधि
- 68उपराष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति की पदावधि
- 69उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
- 70अन्य आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन
- 71राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित या उससे संसक्त विषय
- 72राष्ट्रपति की क्षमा आदि प्रदान करने और कुछ मामलों में दंडादेश के निलंबन, परिहार या लघुकरण की शक्ति
- 73संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
- 74राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रि-परिषद्
- 75मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध
- 76भारत का महान्यायवादी
- 77भारत सरकार के कार्य का संचालन
- 78राष्ट्रपति को जानकारी देने आदि के संबंध में प्रधान मंत्री के कर्तव्य
VBसंघ (अध्याय 2 - संसद)अनुच्छेद 79–12244 अनुच्छेद
- 79संसद् का गठन
- 80राज्य सभा का गठन
- 81लोक सभा का गठन
- 82प्रत्येक जनगणना के पश्चात पुनःसमायोजन
- 83संसद् के सदनों की अवधि
- 84संसद की सदस्यता के लिए अर्हता
- 85संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन
- 86राष्ट्रपति का सदनों को संबोधित करने और संदेश भेजने का अधिकार
- 87राष्ट्रपति द्वारा विशेष अभिभाषण
- 88सदनों के संबंध में मंत्रियों और महान्यायवादी के अधिकार
- 89राज्य सभा का सभापति और उपसभापति
- 90उपसभापति के पद से रिक्ति, त्यागपत्र और उससे हटाया जाना
- 91उपसभापति या अन्य व्यक्ति की सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की शक्ति
- 92सभापति का अपने पद से हटाए जाने का संकल्प विचाराधीन होने पर पीठासीन न होना
- 93लोक सभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
- 94अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों से रिक्ति, त्यागपत्र और उनसे हटाया जाना
- 95उपाध्यक्ष या अन्य व्यक्ति की अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का पालन करने या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की शक्ति
- 96अध्यक्ष का अपने पद से हटाए जाने का संकल्प विचाराधीन होने पर पीठासीन न होना
- 97सभापति और उपसभापति तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते
- 98संसद का सचिवालय
- 99सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
- 100सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति
- 101स्थानों का रिक्त होना
- 102सदस्यता के लिए निरर्हताएँ
- 103सदस्यों की निरर्हताओं संबंधी प्रश्नों पर विनिश्चय
- 104अनुच्छेद 99 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित न होने पर या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्ति
- 105संसद के सदनों की तथा उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियां, विशेषाधिकार आदि
- 106सदस्यों के वेतन और भत्ते
- 107विधेयकों के पुरःस्थापन और पारित किए जाने के बारे में उपबंध
- 108कुछ मामलों में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक
- 109धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया
- 110“धन विधेयक” की परिभाषा
- 111विधेयकों पर अनुमति
- 112वार्षिक वित्तीय विवरण
- 113प्राक्कलनों के संबंध में संसद में प्रक्रिया
- 114विनियोग विधेयक
- 115अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक अनुदान
- 116लेखानुदान, प्रत्ययानुदान और अपवादानुदान
- 117वित्तीय विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध
- 118प्रक्रिया के नियम
- 119वित्तीय कार्य के संबंध में संसद में प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन
- 120संसद् में प्रयोग की जाने वाली भाषा
- 121संसद में चर्चा पर निर्बंधन
- 122न्यायालयों द्वारा संसद् की कार्यवाहियों की जाँच न किया जाना
VCसंघ (अध्याय 3 - राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां)अनुच्छेद 1231 अनुच्छेद
VDसंघ (अध्याय 4 - संघ न्यायपालिका)अनुच्छेद 124–14731 अनुच्छेद
- 124उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन
- 124Aराष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग
- 124Bआयोग के कृत्य
- 124Cसंसद की विधि बनाने की शक्ति
- 125न्यायाधीशों के वेतन आदि
- 126कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति
- 127तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति
- 128उच्चतम न्यायालय के बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति
- 129उच्चतम न्यायालय का अभिलेख न्यायालय होना
- 130उच्चतम न्यायालय का स्थान
- 131उच्चतम न्यायालय की आरंभिक अधिकारिता
- 131Aकेंद्रीय विधियों की सांविधानिक विधिमान्यता संबंधी प्रश्नों के बारे में उच्चतम न्यायालय की अनन्य अधिकारिता।
- 132कुछ मामलों में उच्च न्यायालयों से अपीलों में उच्चतम न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता
- 133दीवानी मामलों के संबंध में उच्च न्यायालयों से अपीलों में उच्चतम न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता
- 134दांडिक मामलों के संबंध में उच्चतम न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता
- 134Aउच्चतम न्यायालय में अपील के लिए प्रमाणपत्र
- 135विद्यमान विधि के अधीन संघीय न्यायालय की अधिकारिता और शक्तियों का उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रयोक्तव्य होना
- 136उच्चतम न्यायालय द्वारा अपील के लिए विशेष इजाजत
- 137उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णयों या आदेशों का पुनर्विलोकन
- 138उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता का विस्तारण
- 139उच्चतम न्यायालय को कुछ रिट जारी करने की शक्तियाँ प्रदान करना
- 139Aकुछ मामलों का अंतरण
- 140उच्चतम न्यायालय की आनुषंगिक शक्तियाँ
- 141उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि का सभी न्यायालयों पर आबद्धकर होना
- 142उच्चतम न्यायालय की डिक्रियों और आदेशों का प्रवर्तन और प्रकटीकरण आदि के बारे में आदेश
- 143राष्ट्रपति की उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति
- 144उच्चतम न्यायालय की सहायता में कार्य करने के लिए सिविल और न्यायिक प्राधिकारी
- 144Aविधियों की संवैधानिक वैधता से संबंधित प्रश्नों के निपटारे के बारे में विशेष उपबंध
- 145न्यायालय के नियम आदि
- 146उच्चतम न्यायालय के अधिकारी और सेवक तथा व्यय
- 147निर्वचन
VEसंघ (अध्याय 5 - भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक)अनुच्छेद 148–1514 अनुच्छेद
VIAराज्य (अध्याय 1 - साधारण)अनुच्छेद 1521 अनुच्छेद
VIBराज्य (अध्याय 2 - कार्यपालिका)अनुच्छेद 153–16715 अनुच्छेद
- 153राज्यों के राज्यपाल
- 154राज्य की कार्यपालिका शक्ति
- 155राज्यपाल की नियुक्ति
- 156राज्यपाल की पदावधि
- 157राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के लिए अर्हताएं
- 158राज्यपाल के पद की शर्तें
- 159राज्यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
- 160कुछ आकस्मिकताओं में राज्यपाल के कृत्यों का निर्वहन
- 161राज्यपाल की क्षमा आदि प्रदान करने और कुछ मामलों में दंडादेश के निलंबन, परिहार या लघुकरण की शक्ति
- 162राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
- 163राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रि-परिषद्
- 164मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध
- 165राज्य का महाधिवक्ता
- 166किसी राज्य की सरकार के कार्य का संचालन
- 167राज्यपाल को जानकारी देने आदि के संबंध में मुख्य मंत्री के कर्तव्य
VICराज्य (अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल)अनुच्छेद 168–21245 अनुच्छेद
- 168राज्यों में विधानमंडलों का गठन
- 169राज्यों में विधान परिषदों का उत्सादन या सृजन
- 170विधान सभाओं का गठन
- 171विधान परिषदों का गठन
- 172राज्य विधानमंडलों की अवधि
- 173राज्य विधानमंडल की सदस्यता के लिए अर्हता
- 174राज्य विधानमंडल के सत्र, सत्रावसान और विघटन
- 175राज्यपाल का सदन या सदनों को संबोधित करने और संदेश भेजने का अधिकार
- 176राज्यपाल द्वारा विशेष अभिभाषण
- 177सदनों के संबंध में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार
- 178विधान सभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
- 179अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों से रिक्ति, त्यागपत्र और उनसे हटाया जाना
- 180उपाध्यक्ष या अन्य व्यक्ति की अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का पालन करने या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की शक्ति
- 181अध्यक्ष का अपने पद से हटाए जाने का संकल्प विचाराधीन होने पर पीठासीन न होना
- 182विधान परिषद का सभापति और उपसभापति
- 183सभापति और उपसभापति के पदों से रिक्ति, त्यागपत्र और उनसे हटाया जाना
- 184उपसभापति या अन्य व्यक्ति की सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की शक्ति
- 185सभापति का अपने पद से हटाए जाने का संकल्प विचाराधीन होने पर पीठासीन न होना
- 186अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तथा सभापति और उपसभापति के वेतन और भत्ते
- 187राज्य विधानमंडल का सचिवालय
- 188सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
- 189सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति
- 190स्थानों का रिक्त होना
- 191सदस्यता के लिए निरर्हताएँ
- 192सदस्यों की निरर्हताओं संबंधी प्रश्नों पर विनिश्चय
- 193अनुच्छेद 188 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित न होने पर या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्ति
- 194विधानमंडलों के सदनों की तथा उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियां, विशेषाधिकार आदि
- 195सदस्यों के वेतन और भत्ते
- 196विधेयकों के पुरःस्थापन और पारित किए जाने के बारे में उपबंध
- 197धन विधेयकों से भिन्न विधेयकों के बारे में विधान परिषद की शक्तियों पर निर्बंधन
- 198धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया
- 199“धन विधेयक” की परिभाषा
- 200विधेयकों पर अनुमति
- 201विचार के लिए आरक्षित विधेयक
- 202वार्षिक वित्तीय विवरण
- 203प्राक्कलनों के संबंध में विधानमंडल में प्रक्रिया
- 204विनियोग विधेयक
- 205अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक अनुदान
- 206लेखानुदान, प्रत्ययानुदान और अपवादानुदान
- 207वित्तीय विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध
- 208प्रक्रिया के नियम
- 209वित्तीय कार्य के संबंध में राज्य के विधानमंडल में प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन
- 210विधानमंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा
- 211विधानमंडल में चर्चा पर निर्बंधन
- 212न्यायालयों द्वारा विधानमंडल की कार्यवाहियों की जाँच न किया जाना
VIDराज्य (अध्याय 4 - राज्यपाल की विधायी शक्ति)अनुच्छेद 2131 अनुच्छेद
VIEराज्य (अध्याय 5 - राज्यों के उच्च न्यायालय)अनुच्छेद 214–23222 अनुच्छेद
- 214राज्यों के लिए उच्च न्यायालय
- 215उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना
- 216उच्च न्यायालयों का गठन
- 217उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति और पद की शर्तें
- 218उच्चतम न्यायालय से संबंधित कुछ उपबंधों का उच्च न्यायालयों पर लागू होना
- 219उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
- 220स्थायी न्यायाधीश रह चुकने के पश्चात वकालत करने पर निर्बंधन
- 221न्यायाधीशों के वेतन आदि
- 222किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में स्थानांतरण
- 223कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति
- 224अपर और कार्यकारी न्यायाधीशों की नियुक्ति
- 224Aउच्च न्यायालयों के बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति
- 225विद्यमान उच्च न्यायालयों की अधिकारिता
- 226उच्च न्यायालयों की कुछ रिट निकालने की शक्ति
- 226Aअनुच्छेद 226 के अधीन कार्यवाहियों में केंद्रीय विधियों की सांविधानिक विधिमान्यता पर विचार न किया जाना।
- 227उच्च न्यायालय द्वारा सभी न्यायालयों पर अधीक्षण की शक्ति
- 228कुछ मामलों का उच्च न्यायालय में अंतरण
- 228Aराज्य विधियों की संवैधानिक वैधता से संबंधित प्रश्नों के निपटारे के बारे में विशेष उपबंध
- 229उच्च न्यायालयों के अधिकारी और सेवक तथा व्यय
- 230उच्च न्यायालयों की अधिकारिता का संघ राज्यक्षेत्रों तक विस्तार
- 231दो या अधिक राज्यों के लिए एक समान उच्च न्यायालय की स्थापना
- 232निर्वचन
VIFराज्य (अध्याय 6 - अधीनस्थ न्यायालय)अनुच्छेद 233–2417 अनुच्छेद
- 233जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति
- 233Aकुछ जिला न्यायाधीशों की नियुक्तियों और उनके द्वारा दिए गए निर्णयों आदि का विधिमान्यकरण
- 234न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की भर्ती
- 235अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण
- 236निर्वचन
- 237इस अध्याय के उपबंधों का मजिस्ट्रेटों के किसी वर्ग या वर्गों पर लागू होना
- 241संघ राज्यक्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय
VIIलोप किया गयाअनुच्छेद 2381 अनुच्छेद
VIIIसंघ राज्यक्षेत्रअनुच्छेद 239–2428 अनुच्छेद
- 239संघ राज्यक्षेत्रों का प्रशासन
- 239Aकुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए स्थानीय विधानमंडलों या मंत्रि-परिषदों या दोनों का सृजन
- 239AAदिल्ली के संबंध में विशेष उपबंध
- 239ABसंवैधानिक तंत्र की विफलता की दशा में उपबंध
- 239Bविधानमंडल के सत्रावसान के दौरान प्रशासक की अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति
- 240कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति
- 241संघ राज्यक्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय
- 242कुर्ग
IXAपंचायतेंअनुच्छेद 243–243O16 अनुच्छेद
- 243परिभाषाएँ
- 243Aग्राम सभा
- 243Bपंचायतों का गठन
- 243Cपंचायतों का गठन
- 243Dस्थानों का आरक्षण
- 243Eपंचायतों आदि की अवधि
- 243Fसदस्यता के लिए निरर्हताएँ
- 243Gपंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
- 243Hपंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्तियां और उनकी निधियां
- 243Iवित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए वित्त आयोग का गठन
- 243Jपंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा
- 243Kपंचायतों के निर्वाचन
- 243Lसंघ राज्यक्षेत्रों पर लागू होना
- 243Mइस भाग का कुछ क्षेत्रों को लागू न होना
- 243Nविद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना
- 243Oनिर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन
IXBनगरपालिकाएंअनुच्छेद 243P–243ZG18 अनुच्छेद
- 243Pपरिभाषाएँ
- 243Qनगरपालिकाओं का गठन
- 243Rनगरपालिकाओं का गठन
- 243Sवार्ड समितियों आदि का गठन और संरचना
- 243Tस्थानों का आरक्षण
- 243Uनगरपालिकाओं आदि की अवधि
- 243Vसदस्यता के लिए निरर्हताएँ
- 243Wनगरपालिकाओं आदि की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
- 243Xनगरपालिकाओं द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्ति और उनकी निधियां
- 243Yवित्त आयोग
- 243Zनगरपालिकाओं के लेखाओं की संपरीक्षा
- 243ZAनगरपालिकाओं के निर्वाचन
- 243ZBसंघ राज्यक्षेत्रों पर लागू होना
- 243ZCइस भाग का कुछ क्षेत्रों को लागू न होना
- 243ZDजिला योजना के लिए समिति
- 243ZEमहानगर योजना के लिए समिति
- 243ZFविद्यमान विधियों और नगरपालिकाओं का बना रहना
- 243ZGनिर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन
IXCसहकारी समितियांअनुच्छेद 243ZH–243ZT13 अनुच्छेद
- 243ZHपरिभाषाएँ
- 243ZIसहकारी सोसाइटियों का निगमन
- 243ZJबोर्ड के सदस्यों और उसके पदधारियों की संख्या और पदावधि
- 243ZKबोर्ड के सदस्यों का निर्वाचन
- 243ZLबोर्ड का अधिक्रमण और निलंबन तथा अंतरिम प्रबंधन
- 243ZMसहकारी समितियों के लेखाओं की संपरीक्षा
- 243ZNसाधारण निकाय की बैठकों का आयोजन
- 243ZOसदस्य का जानकारी प्राप्त करने का अधिकार
- 243ZPविवरणियां
- 243ZQअपराध और शास्तियाँ
- 243ZRबहु-राज्य सहकारी समितियों पर लागू होना
- 243ZSसंघ राज्यक्षेत्रों पर लागू होना
- 243ZTविद्यमान विधियों का बना रहना
Xअनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रअनुच्छेद 244–244A2 अनुच्छेद
XIAसंघ और राज्यों के बीच संबंध (अध्याय 1.— विधायी संबंध)अनुच्छेद 245–25512 अनुच्छेद
- 245संसद् द्वारा और राज्यों के विधानमंडलों द्वारा बनाई गई विधियों का विस्तार
- 246संसद द्वारा और राज्यों के विधानमंडलों द्वारा बनाई गई विधियों की विषयवस्तु
- 246Aमाल और सेवा कर के संबंध में विशेष उपबंध
- 247कुछ अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना के लिए उपबंध करने की संसद की शक्ति
- 248विधान बनाने की अवशिष्ट शक्तियां
- 249राष्ट्रहित में राज्य सूची के किसी विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद की शक्ति
- 250यदि आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में है तो राज्य सूची के किसी विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद की शक्ति
- 251अनुच्छेद 249 और 250 के अधीन संसद् द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधानमंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति
- 252दो या अधिक राज्यों के लिए उनकी सम्मति से विधि बनाने और ऐसी विधि को किसी अन्य राज्य द्वारा अंगीकृत किए जाने की संसद की शक्ति
- 253अंतरराष्ट्रीय करारों को प्रभावी करने के लिए विधान
- 254संसद् द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधानमंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति
- 255सिफारिशों और पूर्व मंजूरियों संबंधी अपेक्षाओं का केवल प्रक्रिया विषयक माना जाना
XIBसंघ और राज्यों के बीच संबंध (अध्याय 2.— प्रशासनिक संबंध)अनुच्छेद 256–26310 अनुच्छेद
- 256राज्यों और संघ की बाध्यता
- 257कुछ मामलों में राज्यों पर संघ का नियंत्रण
- 257Aसंघ के सशस्त्र बलों या अन्य बलों की तैनाती द्वारा राज्यों को सहायता।
- 258कुछ मामलों में संघ की राज्यों को शक्तियां आदि प्रदान करने की शक्ति
- 258Aराज्यों की संघ को कृत्य सौंपने की शक्ति
- 259पहली अनुसूची के भाग ख के राज्यों में सशस्त्र बल।
- 260भारत के बाहर के राज्यक्षेत्रों के संबंध में संघ की अधिकारिता
- 261लोक कार्य, अभिलेख और न्यायिक कार्यवाहियां
- 262अंतर्राज्यिक नदियों या नदी-घाटियों के जल संबंधी विवादों का न्यायनिर्णयन
- 263अंतर्राज्यिक परिषद के बारे में उपबंध
XIIAवित्त, संपत्ति, संविदाएँ और वाद (अध्याय 1 — वित्त)अनुच्छेद 264–29132 अनुच्छेद
- 264निर्वचन
- 265कर विधि के प्राधिकार के बिना अधिरोपित न किए जाना
- 266भारत की और राज्यों की संचित निधियाँ और लोक लेखे
- 267आकस्मिकता निधि
- 268संघ द्वारा उद्गृहीत किंतु राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित शुल्क
- 268Aसंघ द्वारा उद्ग्रहीत और संघ तथा राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित सेवा कर
- 269संघ द्वारा उद्ग्रहीत और संगृहीत किंतु राज्यों को सौंपे जाने वाले कर
- 269Aअंतरराज्यिक व्यापार या वाणिज्य के दौरान माल और सेवा कर का उद्ग्रहण और संग्रहण
- 270संघ और राज्यों के बीच उद्ग्रहीत और वितरित किए जाने वाले कर
- 271संघ के प्रयोजनों के लिए कुछ शुल्कों और करों पर अधिभार
- 272वे कर जो संघ द्वारा उद्ग्रहीत और संगृहीत किए जाते हैं और संघ तथा राज्यों के बीच वितरित किए जा सकते हैं
- 273जूट और जूट उत्पादों पर निर्यात शुल्क के बदले में अनुदान
- 274जिन करों में राज्य हितबद्ध हैं उन पर प्रभाव डालने वाले विधेयकों के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक
- 275संघ से कुछ राज्यों को अनुदान
- 276वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं और नियोजनों पर कर
- 277व्यावृत्तियां
- 278पहली अनुसूची के भाग ख के राज्यों के साथ कुछ वित्तीय विषयों के संबंध में करार।
- 279“निवल आगम” आदि का परिकलन
- 279Aमाल और सेवा कर परिषद्
- 280वित्त आयोग
- 281वित्त आयोग की सिफारिशें
- 282संघ या किसी राज्य द्वारा अपने राजस्व में से वहन किया जाने योग्य व्यय
- 283संचित निधियों, आकस्मिकता निधियों और लोक लेखों में जमा धनराशियों की अभिरक्षा आदि
- 284लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादियों की जमाराशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा
- 285राज्य के कराधान से संघ की संपत्ति की छूट
- 286माल के विक्रय या क्रय पर कर अधिरोपित करने के बारे में निर्बंधन
- 287विद्युत पर करों से छूट
- 288कुछ मामलों में जल या विद्युत के संबंध में राज्यों द्वारा कराधान से छूट
- 289संघ के कराधान से राज्य की संपत्ति और आय की छूट
- 290कुछ व्ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन
- 290Aकुछ देवस्वम् निधियों को वार्षिक भुगतान
- 291शासकों की प्रिवी पर्स राशियां
XIIBवित्त, संपत्ति, संविदाएँ और वाद (अध्याय 2 — उधार लेना)अनुच्छेद 292–2932 अनुच्छेद
XIICवित्त, संपत्ति, संविदाएँ और वाद (अध्याय 3 — संपत्ति, संविदाएँ, अधिकार, दायित्व)अनुच्छेद 294–3007 अनुच्छेद
- 294कुछ मामलों में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार
- 295अन्य मामलों में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार
- 296राजगामी या व्यपगत या स्वामीहीन होने के कारण प्रोद्भूत होने वाली संपत्ति
- 297प्रादेशिक समुद्र या महाद्वीपीय मग्नतट के भीतर मूल्यवान चीजें और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संसाधन संघ में निहित होना
- 298व्यापार आदि चलाने की शक्ति
- 299संविदाएँ
- 300वाद और कार्यवाहियां
XIIDवित्त, संपत्ति, संविदाएँ और वाद (अध्याय 4 — संपत्ति का अधिकार)अनुच्छेद 300A1 अनुच्छेद
XIIIभारत के राज्यक्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागमअनुच्छेद 301–3077 अनुच्छेद
- 301व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता
- 302व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन अधिरोपित करने की संसद की शक्ति
- 303व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन
- 304राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन
- 305विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार के लिए उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति
- 306पहली अनुसूची के भाग ख के कुछ राज्यों की व्यापार और वाणिज्य पर निर्बंधन अधिरोपित करने की शक्ति
- 307अनुच्छेद 301 से 304 के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए प्राधिकारी की नियुक्ति
XIVAसंघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (अध्याय 1.— सेवाएं)अनुच्छेद 308–3148 अनुच्छेद
- 308निर्वचन
- 309संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा शर्तें
- 310संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि
- 311संघ या किसी राज्य के अधीन सिविल हैसियतों में नियोजित व्यक्तियों की पदच्युति, पद से हटाया जाना या पंक्ति में अवनति
- 312अखिल भारतीय सेवाएँ
- 312Aकुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा शर्तों में परिवर्तन या उन्हें प्रतिसंहृत करने की शक्ति
- 313संक्रमणकालीन उपबंध
- 314कुछ सेवाओं के विद्यमान अधिकारियों के संरक्षण का उपबंध
XIVBसंघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (अध्याय 2.— लोक सेवा आयोग)अनुच्छेद 315–3239 अनुच्छेद
- 315संघ के लिए और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग
- 316सदस्यों की नियुक्ति और पदावधि
- 317लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाया जाना और निलंबन
- 318आयोग के सदस्यों और कर्मचारिवृंद की सेवा शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति
- 319आयोग के सदस्यों का सदस्य न रहने पर पदधारण करने का प्रतिषेध
- 320लोक सेवा आयोगों के कृत्य
- 321लोक सेवा आयोगों के कृत्यों का विस्तार करने की शक्ति
- 322लोक सेवा आयोगों के व्यय
- 323लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन
XIVCभाग Xiva (अधिकरण)अनुच्छेद 323A–323B2 अनुच्छेद
XVनिर्वाचनअनुच्छेद 324–329A7 अनुच्छेद
- 324निर्वाचनों का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित होना
- 325धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर कोई व्यक्ति किसी विशेष निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने के लिए अपात्र न होना और न ही उसमें सम्मिलित किए जाने का दावा करना
- 326लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार के आधार पर होना
- 327विधानमंडलों के निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की संसद की शक्ति
- 328राज्य के विधानमंडल को ऐसे विधानमंडल के निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की शक्ति
- 329निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन
- 329Aप्रधान मंत्री और अध्यक्ष की दशा में संसद के निर्वाचनों के बारे में विशेष उपबंध
XVIकुछ वर्गों से संबंधित विशेष उपबंधअनुच्छेद 330–342A19 अनुच्छेद
- 330लोक सभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण
- 330Aलोक सभा में महिलाओं के लिए स्थानों का आरक्षण
- 331लोक सभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व
- 332राज्यों की विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण
- 332Aराज्यों की विधान सभाओं में महिलाओं के लिए स्थानों का आरक्षण
- 333राज्यों की विधान सभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व
- 334स्थानों का आरक्षण और विशेष प्रतिनिधित्व कुछ अवधि के पश्चात समाप्त होना
- 334Aमहिलाओं के लिए स्थानों का आरक्षण प्रभावी होना
- 335सेवाओं और पदों के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के दावे
- 336कुछ सेवाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के लिए विशेष उपबंध
- 337आंग्ल-भारतीय समुदाय के लाभ के लिए शैक्षिक अनुदानों के संबंध में विशेष उपबंध
- 338अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग
- 338Aअनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग
- 338Bपिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय आयोग
- 339अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर संघ का नियंत्रण
- 340पिछड़े वर्गों की दशाओं का अन्वेषण करने के लिए आयोग की नियुक्ति
- 341अनुसूचित जातियां
- 342अनुसूचित जनजातियां
- 342Aसामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग
XVIIAराजभाषा (अध्याय 1 — संघ की भाषा)अनुच्छेद 343–3442 अनुच्छेद
XVIIBराजभाषा (अध्याय 2 — प्रादेशिक भाषाएँ)अनुच्छेद 345–3473 अनुच्छेद
XVIICराजभाषा (अध्याय 3 — उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों आदि की भाषा)अनुच्छेद 348–3492 अनुच्छेद
XVIIDराजभाषा (अध्याय 4 — विशेष निदेश)अनुच्छेद 350–3514 अनुच्छेद
XVIIIआपात उपबंधअनुच्छेद 352–36010 अनुच्छेद
- 352आपात की उद्घोषणा
- 353आपात की उद्घोषणा का प्रभाव
- 354आपात की उद्घोषणा के प्रवर्तन में रहते हुए राजस्व के वितरण से संबंधित उपबंधों का लागू होना
- 355राज्यों की बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से संरक्षा करने का संघ का कर्तव्य
- 356राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता की दशा में उपबंध
- 357अनुच्छेद 356 के अधीन जारी की गई उद्घोषणा के अधीन विधायी शक्तियों का प्रयोग
- 358आपातों के दौरान अनुच्छेद 19 के उपबंधों का निलंबन
- 359आपातों के दौरान भाग 3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन
- 359Aइस भाग का पंजाब राज्य पर लागू होना।
- 360वित्तीय आपात के बारे में उपबंध
XIXप्रकीर्णअनुच्छेद 361–36710 अनुच्छेद
- 361राष्ट्रपति और राज्यपालों तथा राजप्रमुखों का संरक्षण
- 361Aसंसद और राज्य विधानमंडलों की कार्यवाहियों के प्रकाशन का संरक्षण
- 361Bलाभप्रद राजनीतिक पद पर नियुक्ति के लिए निरर्हता
- 362भारतीय राज्यों के शासकों के अधिकार और विशेषाधिकार
- 363कुछ संधियों, करारों आदि से उत्पन्न विवादों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन
- 363Aभारतीय राज्यों के शासकों को दी गई मान्यता समाप्त होना और प्रिवी पर्स का उन्मूलन
- 364बड़े पत्तनों और विमानक्षेत्रों के बारे में विशेष उपबंध
- 365संघ द्वारा दिए गए निदेशों का अनुपालन करने में, या उन्हें प्रभावी करने में, असफलता का प्रभाव
- 366परिभाषाएँ
- 367निर्वचन
XXसंविधान का संशोधनअनुच्छेद 3681 अनुच्छेद
XXIअस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंधअनुच्छेद 369–39236 अनुच्छेद
- 369राज्य सूची के कुछ विषयों के संबंध में, मानो वे समवर्ती सूची के विषय हों, विधि बनाने की संसद की अस्थायी शक्ति
- 370जम्मू और कश्मीर राज्य के संबंध में अस्थायी उपबंध
- 3712*** महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Aनागालैंड राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Bअसम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Cमणिपुर राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Dआंध्र प्रदेश राज्य या तेलंगाना राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Eआंध्र प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना
- 371Fसिक्किम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Gमिजोरम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Hअरुणाचल प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Iगोवा राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 371Jकर्नाटक राज्य के संबंध में विशेष उपबंध
- 372विद्यमान विधियों का प्रवृत्त बने रहना और उनका अनुकूलन
- 372Aराष्ट्रपति की विधियों का अनुकूलन करने की शक्ति
- 373कुछ मामलों में निवारक निरोध के अधीन व्यक्तियों के संबंध में आदेश करने की राष्ट्रपति की शक्ति
- 374फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों और फेडरल न्यायालय में या काउंसिल में महामहिम के समक्ष लंबित कार्यवाहियों के बारे में उपबंध
- 375न्यायालयों, प्राधिकारियों और अधिकारियों का संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए कार्य करते रहना
- 376उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के बारे में उपबंध
- 377भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के बारे में उपबंध
- 378लोक सेवा आयोगों के बारे में उपबंध
- 378Aआंध्र प्रदेश विधान सभा की अवधि के बारे में विशेष उपबंध
- 379अनंतिम संसद और उसके अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के बारे में उपबंध
- 380राष्ट्रपति के बारे में उपबंध
- 381राष्ट्रपति की मंत्रि-परिषद्
- 382पहली अनुसूची के भाग क के राज्यों के लिए अनंतिम विधानमंडलों के बारे में उपबंध
- 283प्रांतों के राज्यपालों के बारे में उपबंध
- 384राज्यपालों की मंत्रि-परिषद्
- 385पहली अनुसूची के भाग ख के राज्यों में अनंतिम विधानमंडलों के बारे में उपबंध
- 386पहली अनुसूची के भाग ख के राज्यों के लिए मंत्रि-परिषद्।
- 387कुछ निर्वाचनों के प्रयोजनों के लिए जनसंख्या के निर्धारण के बारे में विशेष उपबंध
- 388अनंतिम संसद और राज्यों के अनंतिम विधानमंडलों में आकस्मिक रिक्तियों को भरने के बारे में उपबंध
- 389डोमिनियन विधानमंडलों में और प्रांतों तथा भारतीय राज्यों के विधानमंडलों में लंबित विधेयकों के बारे में उपबंध
- 390संविधान के प्रारंभ और 31 मार्च, 1950 के बीच प्राप्त या जुटाया गया धन या उपगत व्यय
- 391कुछ आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति की पहली और चौथी अनुसूचियों का संशोधन करने की शक्ति
- 392राष्ट्रपति की कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति
XXIIसंक्षिप्त नाम, प्रारंभ, [हिंदी में प्राधिकृत पाठ] और निरसनअनुच्छेद 393–3954 अनुच्छेद
- 1पहली अनुसूची11 प्रविष्टियाँ
- 2दूसरी अनुसूची5 प्रविष्टियाँ
- 3तीसरी अनुसूची10 प्रविष्टियाँ
- 4चौथी अनुसूची3 प्रविष्टियाँ
- 5पाँचवीं अनुसूची4 प्रविष्टियाँ
- 6छठी अनुसूची29 प्रविष्टियाँ
- 7सातवीं अनुसूची16 प्रविष्टियाँ
- 8आठवीं अनुसूची1 प्रविष्टियाँ
- 9नौवीं अनुसूची10 प्रविष्टियाँ
- 10दसवीं अनुसूची8 प्रविष्टियाँ
- 11ग्यारहवीं अनुसूची1 प्रविष्टियाँ
- 12बारहवीं अनुसूची1 प्रविष्टियाँ
- 2023संविधान (106वाँ संशोधन) अधिनियम, 2023106th Amendment
- 2021संविधान (105वाँ संशोधन) अधिनियम, 2021105th Amendment
- 2019संविधान (104वाँ संशोधन) अधिनियम, 2019104th Amendment
- 2019संविधान (103वाँ संशोधन) अधिनियम, 2019103rd Amendment
- 2018संविधान (102वाँ संशोधन) अधिनियम, 2018102nd Amendment
- 2016संविधान (101वाँ संशोधन) अधिनियम, 2016101st Amendment
- 2015संविधान (100वाँ संशोधन) अधिनियम, 2015100th Amendment
- 2014संविधान (99वाँ संशोधन) अधिनियम, 201499th Amendment
उद्देशिका
हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य[1] बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को:
सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए,
तथा उन सबमें,
व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता[2] सुनिश्चित कराने वाली, बंधुता बढ़ाने के लिए,
दृढ़ संकल्प होकर अपनी संविधानसभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ईस्वी (मिति माघशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
---------
[1] संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा-2 द्वारा (3-1-1977 से) संपूर्ण प्रभु्त्व लोकतंत्रात्मक गणराज्य के स्थान पर प्रतिस्थापित
[2] संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा-2 द्वारा (3-1-1977 से) "राष्ट्र की एकता" के स्थान पर प्रतिस्थापित.
