अनुच्छेद 296भाग XIIC · वित्त, संपत्ति, संविदाएँ और वाद (अध्याय 3 — संपत्ति, संविदाएँ, अधिकार, दायित्व)

अनुच्छेद 296 · राजगामी या व्यपगत या स्वामीहीन होने के कारण प्रोद्भूत होने वाली संपत्ति