अनुच्छेद 243ZQ · अपराध और शास्तियाँ
(1) किसी राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा, सहकारी समितियों से संबंधित अपराधों और ऐसे अपराधों के लिए दंडों हेतु प्रावधान कर सकता है।
(2) किसी राज्य के विधानमंडल द्वारा खंड (1) के अधीन बनाए गए कानून में निम्नलिखित कार्य या चूक को अपराध माना जाएगा, अर्थात्:—
(क) कोई सहकारी समिति या उसका कोई अधिकारी या सदस्य जानबूझकर झूठा विवरण प्रस्तुत करता है या झूठी जानकारी देता है, या कोई व्यक्ति जानबूझकर राज्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस संबंध में अधिकृत व्यक्ति द्वारा उससे मांगी गई कोई जानकारी नहीं देता है;
(ख) कोई व्यक्ति जानबूझकर या बिना किसी उचित कारण के राज्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत जारी किसी सम्मन, अनुरोध या वैध लिखित आदेश की अवज्ञा करता है;
(ग) कोई भी नियोक्ता जो पर्याप्त कारण के बिना, सहकारी समिति को अपने कर्मचारी से कटौती की गई राशि को कटौती की तारीख से चौदह दिनों की अवधि के भीतर भुगतान करने में विफल रहता है;
(घ) कोई भी अधिकारी या संरक्षक जो जानबूझकर किसी सहकारी समिति, जिसका वह अधिकारी या संरक्षक है, की पुस्तकों, खातों, दस्तावेजों, अभिलेखों, नकदी, प्रतिभूति और अन्य संपत्ति की अभिरक्षा किसी अधिकृत व्यक्ति को सौंपने में विफल रहता है; और
(ई) जो कोई भी बोर्ड के सदस्यों या पदाधिकारियों के चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान या चुनाव के बाद कोई भ्रष्ट आचरण अपनाता है।
