अनुच्छेद 315 · संघ के लिए और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग
(1) इस अनुच्छेद के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग होगा।
(2) दो या दो से अधिक राज्य इस बात पर सहमत हो सकते हैं कि राज्यों के उस समूह के लिए एक लोक सेवा आयोग होगा, और यदि इस आशय का प्रस्ताव सदन द्वारा या, जहाँ दो सदन हैं, उन राज्यों में से प्रत्येक के विधानमंडल के प्रत्येक सदन द्वारा पारित किया जाता है, तो संसद उन राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (इस अध्याय में संयुक्त आयोग के रूप में संदर्भित) की नियुक्ति के लिए कानून द्वारा प्रावधान कर सकती है।
(3) उपर्युक्त किसी भी कानून में ऐसे आकस्मिक और परिणामी प्रावधान शामिल हो सकते हैं जो कानून के उद्देश्यों को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक या वांछनीय हों।
(4) संघ के लिए लोक सेवा आयोग, यदि किसी राज्य के राज्यपाल द्वारा ऐसा करने का अनुरोध किया जाए, तो राष्ट्रपति की स्वीकृति से राज्य की सभी या किसी भी आवश्यकता को पूरा करने के लिए सहमत हो सकता है।
(5) इस संविधान में संघ लोक सेवा आयोग या राज्य लोक सेवा आयोग के संदर्भों को, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो, संघ या, जैसा भी मामला हो, राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले आयोग के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा, जहाँ तक प्रश्नगत विशेष मामले का संबंध है।
