अनुच्छेद 300 · वाद और कार्यवाहियां
(1) भारत सरकार भारत संघ के नाम से मुकदमा कर सकती है या उस पर मुकदमा किया जा सकता है, और किसी राज्य की सरकार राज्य के नाम से मुकदमा कर सकती है या उस पर मुकदमा किया जा सकता है, और संसद के अधिनियम या इस संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों के आधार पर ऐसे राज्य के विधानमंडल द्वारा बनाए गए किसी भी प्रावधान के अधीन रहते हुए, अपने-अपने मामलों के संबंध में उसी प्रकार मुकदमा कर सकती है या उस पर मुकदमा किया जा सकता है, जैसे कि भारत डोमिनियन और संबंधित प्रांत या संबंधित भारतीय राज्य मुकदमा कर सकते थे या उन पर मुकदमा किया जा सकता था यदि यह संविधान अधिनियमित नहीं किया गया होता।
(2) यदि इस संविधान के प्रारंभ में—
(क) यदि कोई कानूनी कार्यवाही लंबित है जिसमें भारत डोमिनियन एक पक्षकार है, तो उन कार्यवाहियों में डोमिनियन के स्थान पर भारत संघ को प्रतिस्थापित माना जाएगा; और
(ख) यदि कोई कानूनी कार्यवाही लंबित है जिसमें कोई प्रांत या भारतीय राज्य पक्षकार है, तो उन कार्यवाहियों में संबंधित राज्य को प्रांत या भारतीय राज्य के स्थान पर प्रतिस्थापित माना जाएगा।
