कानूनी टूल
कैलकुलेटर, डिकोडर और ड्राफ़्ट प्रारूप जो आपके मामले का उत्तर निकालते हैं — हर टूल उस धारा का हवाला देता है जिस पर वह आधारित है।
- एफ़आईआर डिकोडरएफ़आईआर में लिखी धाराएँ यहाँ चिपकाइए — हर धारा का मतलब सरल हिन्दी में।टूल खोलिए
- अपराध जाँचककोई धारा चुनिए — जमानतीय है या नहीं, संज्ञेय है या नहीं, कौन-सा न्यायालय।टूल खोलिए
- अपराध को परिणाम से खोजेंकिन अपराधों में दस वर्ष का दंड है, किनमें बिना वारंट गिरफ्तारी हो सकती है, किनका शमन हो सकता है।टूल खोलिए
- दंड कैलकुलेटरएक से अधिक धाराएँ जोड़िए और कुल कारावास व जुर्माने की सीमा देखिए।टूल खोलिए
- परिसीमा कैलकुलेटरकुछ अपराधों में न्यायालय एक निश्चित अवधि के बाद संज्ञान नहीं ले सकता। यह गणना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 514 से 519 (पहले दं.प्र.सं. धारा 468 से 473) पर आधारित है।टूल खोलिए
- चेक बाउंस — समय-सीमाचेक अनादर के मामले में तीन तारीखें तय हैं और तीनों कड़ी हैं। बैंक के रिटर्न मेमो की तारीख डालिए — नोटिस, भुगतान और परिवाद की अंतिम तिथियाँ यहीं बन जाएँगी।टूल खोलिए
- शिकायत और आवेदन के प्रारूपतैयार प्रारूप, जिनमें आप केवल खाने भरते हैं और प्रिंट कर लेते हैं। हर प्रारूप अपने ऊपर यह लिखता है कि वह किस उपबंध के अधीन है।टूल खोलिए
- पुरानी ↔ नई धारा (IPC–BNS, CrPC–BNSS)एक धारा या पूरी FIR की धाराएँ एक साथ बदलें, और देखें कि सज़ा कहाँ बदली।टूल खोलिए
भा.ना.सु.सं. प्रक्रिया
- ज़मानत का रास्ताधाराएँ डालिए: ज़मानत अधिकार है या विवेक, किस न्यायालय में, और अग्रिम ज़मानत मिल सकती है या नहीं।टूल खोलिए
- डिफ़ॉल्ट ज़मानत की घड़ीपहली रिमांड की तारीख से 60 या 90 दिन — आरोप-पत्र न आए तो किस दिन से ज़मानत अधिकार है।टूल खोलिए
- प्ली बार्गेनिंग और संक्षिप्त विचारणक्या इन धाराओं में सौदा-अभिवाक्, संक्षिप्त विचारण या परिवीक्षा संभव है।टूल खोलिए
- समझौता (शमन) हो सकता है?क्या पीड़ित से समझौते पर मामला ख़त्म हो सकता है, और क्या न्यायालय की अनुमति चाहिए।टूल खोलिए
- बालक के लिए अपराध की श्रेणीकिशोर न्याय अधिनियम के अनुसार छोटा, गंभीर या जघन्य — और 16–18 वर्ष के बालक के लिए उसका अर्थ।टूल खोलिए
- यह कौन-सी धारा है?जो हुआ उसे अपने शब्दों में लिखिए — मिलती-जुलती धाराएँ और अगला कदम।टूल खोलिए
