डिफ़ॉल्ट ज़मानत की घड़ी
पहली रिमांड की तारीख से 60 या 90 दिन — आरोप-पत्र न आए तो किस दिन से ज़मानत अधिकार है।
भा.ना.सु.सं. धारा 187(3) (पहले दं.प्र.सं. धारा 167(2)): मृत्यु, आजीवन या दस वर्ष या अधिक के अपराध में 90 दिन, अन्य में 60 दिन। रिमांड का दिन पहला दिन गिना जाता है। आवेदन आरोप-पत्र से पहले होना चाहिए।
