अनुच्छेद 290 · कुछ व्ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन
जहां इस संविधान के प्रावधानों के तहत किसी न्यायालय या आयोग के व्यय, या किसी ऐसे व्यक्ति को देय पेंशन, जिसने इस संविधान के प्रारंभ होने से पहले भारत में क्राउन के अधीन सेवा की हो, या इसके प्रारंभ होने के बाद संघ या किसी राज्य के मामलों के संबंध में सेवा की हो, भारत की संचित निधि या किसी राज्य की संचित निधि से प्रभारित की जाती है, तो यदि—
(क) भारत की संचित निधि पर प्रभार के मामले में, न्यायालय या आयोग किसी राज्य की पृथक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है, या व्यक्ति ने पूर्णतः या आंशिकतः किसी राज्य के मामलों के संबंध में सेवा की है; या
(ख) किसी राज्य की संचित निधि पर प्रभार के मामले में, न्यायालय या आयोग संघ या किसी अन्य राज्य की किसी पृथक आवश्यकता की पूर्ति करता है, या व्यक्ति ने पूर्णतः या आंशिकतः संघ या किसी अन्य राज्य के मामलों के संबंध में सेवा की है,
राज्य की संचित निधि से, या जैसा भी मामला हो, भारत की संचित निधि से, या अन्य राज्य की संचित निधि से, व्यय या पेंशन के संबंध में ऐसा अंशदान प्रभारित किया जाएगा और भुगतान किया जाएगा, जैसा कि सहमति हो, या जैसा कि असहमति होने की स्थिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त मध्यस्थ द्वारा निर्धारित किया जाए।
