अनुच्छेद 225 · विद्यमान उच्च न्यायालयों की अधिकारिता
इस संविधान के प्रावधानों और इस संविधान द्वारा उपयुक्त विधानमंडल को प्रदत्त शक्तियों के आधार पर बनाए गए किसी भी कानून के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किसी भी मौजूदा उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार और उसमें प्रशासित कानून, तथा न्यायालय में न्याय प्रशासन के संबंध में उसके न्यायाधीशों की संबंधित शक्तियां, जिनमें न्यायालय के नियम बनाने और न्यायालय तथा उसके सदस्यों की एकल या प्रभागीय न्यायालयों में बैठकों को विनियमित करने की कोई भी शक्ति शामिल है, इस संविधान के प्रारंभ होने से ठीक पहले की स्थिति के समान होंगी: 1 [बशर्ते कि राजस्व से संबंधित किसी भी मामले या उसके संग्रह में आदेशित या किए गए किसी भी कार्य के संबंध में किसी भी उच्च न्यायालय द्वारा मूल क्षेत्राधिकार के प्रयोग पर इस संविधान के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू कोई भी प्रतिबंध अब ऐसे क्षेत्राधिकार के प्रयोग पर लागू नहीं होगा।]
