अनुच्छेद 298भाग XIIC · वित्त, संपत्ति, संविदाएँ और वाद (अध्याय 3 — संपत्ति, संविदाएँ, अधिकार, दायित्व)
अनुच्छेद 298 · व्यापार आदि चलाने की शक्ति
1 298. व्यापार आदि करने की शक्ति—
संघ और प्रत्येक राज्य की कार्यकारी शक्ति किसी भी व्यापार या व्यवसाय को चलाने, संपत्ति के अधिग्रहण, धारण और निपटान तथा किसी भी उद्देश्य के लिए अनुबंध करने तक विस्तारित होगी।
उसे उपलब्ध कराया-
(क) संघ की उक्त कार्यकारी शक्ति, जहां तक ऐसा व्यापार या व्यवसाय या ऐसा उद्देश्य नहीं है जिसके संबंध में संसद कानून बना सकती है, प्रत्येक राज्य में राज्य द्वारा बनाए गए कानून के अधीन होगी; और
(ख) प्रत्येक राज्य की उक्त कार्यकारी शक्ति, जहाँ तक ऐसा व्यापार या व्यवसाय या ऐसा उद्देश्य नहीं है जिसके संबंध में राज्य विधानमंडल कानून बना सकता है, संसद द्वारा बनाए गए कानून के अधीन होगी।]
