संविधान (106वाँ संशोधन) अधिनियम, 2023
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
- 239एए
लेख सम्मिलित किए गए
- 330ए
- 332ए
- 334ए
उद्देश्यों और कारणों का कथन
भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम।
भारत गणराज्य के चौहत्तरवें वर्ष में संसद द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है कि:—
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
1. इस अधिनियम को संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 कहा जा सकता है।
2. यह उस तिथि से लागू होगा जो केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।
अनुच्छेद 239AA का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 239एए में, खंड (2) में, उपखंड (ख) के बाद, निम्नलिखित खंड जोड़े जाएंगे, अर्थात्:—
(ख). दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होंगी।
(बीबी). दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटों में से लगभग एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
(बी.सी.) दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई सीटें (अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों सहित) महिलाओं के लिए इस प्रकार आरक्षित की जाएंगी, जैसा कि संसद विधि द्वारा निर्धारित करे।
नए अनुच्छेद 330A का अंतःस्थापन
संविधान के अनुच्छेद 330 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:—
330ए. लोक सभा में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण।
1. लोक सभा में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी।
2 अनुच्छेद 330 के खंड (2) के अधीन आरक्षित कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई सीटें अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
3. लोकसभा में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई सीटें (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या सहित) महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
नए अनुच्छेद 332A का अंतःस्थापन
संविधान के अनुच्छेद 332 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:—
332ए. राज्यों की विधान सभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण
1. प्रत्येक राज्य की विधान सभा में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होंगी।
2 अनुच्छेद 332 के खंड (3) के अधीन आरक्षित कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई सीटें अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
3. प्रत्येक राज्य की विधान सभा में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या सहित) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
नए अनुच्छेद 334A का अंतःस्थापन
संविधान के अनुच्छेद 334 के बाद निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:— 334ए. महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण प्रभावी होगा।
1. इस भाग या भाग VIII के पूर्वगामी प्रावधान में किसी बात के होते हुए भी, लोकसभा, राज्य की विधान सभा और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों से संबंधित संविधान के प्रावधान, संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने के बाद ली गई पहली जनगणना के प्रासंगिक आंकड़े प्रकाशित होने के बाद इस उद्देश्य के लिए परिसीमन प्रक्रिया किए जाने के बाद प्रभावी होंगे और ऐसे प्रारंभ होने की तिथि से पंद्रह वर्ष की अवधि समाप्त होने पर प्रभावी नहीं रहेंगे।
2. अनुच्छेद 239एए, 330ए और 332ए के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, लोकसभा, राज्य की विधान सभा और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें संसद द्वारा विधि द्वारा निर्धारित तिथि तक बनी रहेंगी।
3. लोकसभा, राज्य की विधान सभा और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का रोटेशन, संसद द्वारा विधि द्वारा निर्धारित प्रत्येक बाद के परिसीमन अभ्यास के बाद प्रभावी होगा।
4. इस अनुच्छेद की कोई भी बात लोकसभा, राज्य की विधान सभा या दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में किसी भी प्रतिनिधित्व को तब तक प्रभावित नहीं करेगी जब तक कि तत्कालीन विद्यमान लोकसभा, राज्य की विधान सभा या दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा भंग न हो जाए।
संशोधन का लोक सभा, किसी राज्य की विधान सभा या राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली की विधान सभा में आरक्षण पर प्रभाव न पड़ना
1. संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 द्वारा संविधान में किए गए संशोधन, उक्त अधिनियम के प्रारंभ होने के समय अस्तित्व में रही लोकसभा, राज्य विधानसभा या दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधानसभा के भंग होने तक लोकसभा, राज्य विधानसभा या दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधानसभा में किसी भी प्रतिनिधित्व को प्रभावित नहीं करेंगे।
