संविधान (105वाँ संशोधन) अधिनियम, 2021
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
- 338बी
- 342ए
- 366
उद्देश्यों और कारणों का कथन
भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में संसद द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है कि:—
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
(1) इस अधिनियम को संविधान (एक सौ पाँच संशोधन) अधिनियम, 2021 कहा जा सकता है।
(2) यह उस तिथि से लागू होगा जो केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।
अनुच्छेद 338B का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 338बी में खंड (9) में निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्:—
इस खंड में कोई भी बात अनुच्छेद 342ए के खंड (3) के प्रयोजनों के लिए लागू नहीं होगी।
अनुच्छेद 342A का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 342ए में,—
(क) खंड (1) में, “सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग जिन्हें इस संविधान के प्रयोजनों के लिए शामिल किया जाएगा” शब्दों के स्थान पर, “केंद्रीय सूची में शामिल सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग जिन्हें केंद्र सरकार के प्रयोजनों के लिए शामिल किया जाएगा” शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ख) खंड (2) के स्थान पर निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा, अर्थात्:—
स्पष्टीकरण.- खंड (1) और (2) के प्रयोजनों के लिए, अभिव्यक्ति “केंद्रीय सूची” से तात्पर्य केंद्र सरकार द्वारा तैयार और अनुरक्षित सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची से है।
(3) खंड (1) और (2) में किसी बात के होते हुए भी, प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश विधि द्वारा अपने प्रयोजनों के लिए सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची तैयार एवं अनुरक्षित कर सकता है, जिसमें प्रविष्टियाँ केंद्रीय सूची से भिन्न हो सकती हैं।
अनुच्छेद 366 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 366 में खंड (26सी) के स्थान पर निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:—
(26सी) “सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग” से तात्पर्य ऐसे पिछड़े वर्गों से है जिन्हें केंद्र सरकार या राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के प्रयोजनों के लिए अनुच्छेद 342ए के अंतर्गत ऐसा माना जाता है।
