NDMC Act 66अध्याय VIII · Property tax
धारा 66 · संपत्ति कर का प्रभाव।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) संपत्ति कर मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीके से लगाया जाएगा:--
(क) यदि भूमि या भवन पट्टे पर दिया गया है, तो पट्टेदार पर;
(ख) यदि भूमि या भवन उप-पट्टे पर दिया गया है, तो उच्चतर पट्टेदार पर;
(ग) यदि भूमि या भवन किराए पर नहीं दिया गया है, तो उस व्यक्ति पर जिसमें उसे किराए पर देने का अधिकार निहित है:
बशर्ते कि संघ की संपत्ति भूमि और भवन के संबंध में संपत्ति कर, जिसका कब्जा विस्थापित व्यक्ति (मुआवजा और पुनर्वास) अधिनियम, 1954 (44 ऑफ 1954) की धारा 20 के अनुसरण में सौंप दिया गया है, मुख्य रूप से हस्तांतरिती पर लगाया जाएगा।
(2) यदि कोई भूमि एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए किसी किरायेदार को पट्टे पर दी गई है और उस किरायेदार ने उस भूमि पर निर्माण किया है, तो उस भूमि और उस पर निर्मित भवन के संबंध में निर्धारित संपत्ति कर मुख्य रूप से उक्त किरायेदार पर लगाया जाएगा, चाहे भूमि और भवन ऐसे किरायेदार के कब्जे में हों या ऐसे किरायेदार के उप-किरायेदार के कब्जे में हों।
स्पष्टीकरण .-- "किरायेदार" शब्द में कोई भी व्यक्ति शामिल है जो किरायेदार से भूमि या उस भूमि पर निर्मित भवन का स्वामित्व प्राप्त करता है, चाहे वह कानून के संचालन से हो या जीवित व्यक्तियों के बीच हस्तांतरण से।
(3) किसी भवन के अनेक स्वामियों का, जो भागों, फ्लैटों या कमरों में अनेक स्वामित्व में है, या प्रतीत होता है, संपत्ति कर या उसकी किसी किस्त के भुगतान के लिए, जो ऐसे स्वामित्व की अवधि के दौरान देय है, संयुक्त और पृथक दायित्व होगा।
(क) यदि भूमि या भवन पट्टे पर दिया गया है, तो पट्टेदार पर;
(ख) यदि भूमि या भवन उप-पट्टे पर दिया गया है, तो उच्चतर पट्टेदार पर;
(ग) यदि भूमि या भवन किराए पर नहीं दिया गया है, तो उस व्यक्ति पर जिसमें उसे किराए पर देने का अधिकार निहित है:
बशर्ते कि संघ की संपत्ति भूमि और भवन के संबंध में संपत्ति कर, जिसका कब्जा विस्थापित व्यक्ति (मुआवजा और पुनर्वास) अधिनियम, 1954 (44 ऑफ 1954) की धारा 20 के अनुसरण में सौंप दिया गया है, मुख्य रूप से हस्तांतरिती पर लगाया जाएगा।
(2) यदि कोई भूमि एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए किसी किरायेदार को पट्टे पर दी गई है और उस किरायेदार ने उस भूमि पर निर्माण किया है, तो उस भूमि और उस पर निर्मित भवन के संबंध में निर्धारित संपत्ति कर मुख्य रूप से उक्त किरायेदार पर लगाया जाएगा, चाहे भूमि और भवन ऐसे किरायेदार के कब्जे में हों या ऐसे किरायेदार के उप-किरायेदार के कब्जे में हों।
स्पष्टीकरण .-- "किरायेदार" शब्द में कोई भी व्यक्ति शामिल है जो किरायेदार से भूमि या उस भूमि पर निर्मित भवन का स्वामित्व प्राप्त करता है, चाहे वह कानून के संचालन से हो या जीवित व्यक्तियों के बीच हस्तांतरण से।
(3) किसी भवन के अनेक स्वामियों का, जो भागों, फ्लैटों या कमरों में अनेक स्वामित्व में है, या प्रतीत होता है, संपत्ति कर या उसकी किसी किस्त के भुगतान के लिए, जो ऐसे स्वामित्व की अवधि के दौरान देय है, संयुक्त और पृथक दायित्व होगा।
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