NDMC Act 43अध्याय VI · Municipal Officers and Other Municipal Employees
धारा 43 · नियम बनाने की परिषद की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) परिषद निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक मामलों के लिए नियम बना सकती है, अर्थात्:--
(क) इस अध्याय के अधीन नियुक्त अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के कार्यकाल, वेतन और भत्ते, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश और सेवा की अन्य शर्तें;
(ख) सचिव की शक्तियां, कर्तव्य और कार्य;
(ग) धारा 33 में निर्दिष्ट पदों और धारा 34 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट पदों की अनुसूची में दिए गए पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की योग्यताएं और ऐसे पदों पर नियुक्ति के लिए चयन का तरीका;
(घ) धारा 39 की उपधारा (1) के अधीन कोई दंड लगाने की प्रक्रिया, ऐसे दंड लगाने से पहले विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबन और वह प्राधिकारी जिसके द्वारा ऐसा निलंबन आदेशित किया जा सकता है; वह अधिकारी या प्राधिकारी जिसके समक्ष उस धारा की उपधारा (4) के अधीन अपील की जा सकेगी;
(ई) कोई अन्य मामला जो परिषद के अधीन सेवाओं और पदों पर नियुक्त व्यक्तियों की नियुक्ति और सेवा शर्तों को विनियमित करने के उद्देश्य से संबंधित या आवश्यक हो, और कोई अन्य मामला जिसके लिए परिषद की राय में विनियमों द्वारा प्रावधान किए जाने चाहिए।
(2) उपधारा (1) के खंड (सी) के अंतर्गत कोई नियम आयोग से परामर्श किए बिना नहीं बनाया जाएगा।
(क) इस अध्याय के अधीन नियुक्त अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के कार्यकाल, वेतन और भत्ते, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश और सेवा की अन्य शर्तें;
(ख) सचिव की शक्तियां, कर्तव्य और कार्य;
(ग) धारा 33 में निर्दिष्ट पदों और धारा 34 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट पदों की अनुसूची में दिए गए पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की योग्यताएं और ऐसे पदों पर नियुक्ति के लिए चयन का तरीका;
(घ) धारा 39 की उपधारा (1) के अधीन कोई दंड लगाने की प्रक्रिया, ऐसे दंड लगाने से पहले विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबन और वह प्राधिकारी जिसके द्वारा ऐसा निलंबन आदेशित किया जा सकता है; वह अधिकारी या प्राधिकारी जिसके समक्ष उस धारा की उपधारा (4) के अधीन अपील की जा सकेगी;
(ई) कोई अन्य मामला जो परिषद के अधीन सेवाओं और पदों पर नियुक्त व्यक्तियों की नियुक्ति और सेवा शर्तों को विनियमित करने के उद्देश्य से संबंधित या आवश्यक हो, और कोई अन्य मामला जिसके लिए परिषद की राय में विनियमों द्वारा प्रावधान किए जाने चाहिए।
(2) उपधारा (1) के खंड (सी) के अंतर्गत कोई नियम आयोग से परामर्श किए बिना नहीं बनाया जाएगा।
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