NDMC Act 44अध्याय VII · The New Delhi Municipal Fund
धारा 44 · नई दिल्ली नगर निगम निधि का गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा--
(क) वे सभी निधियां जो परिषद की स्थापना से ठीक पहले नई दिल्ली नगर समिति में निहित थीं;
(ख) परिषद द्वारा या उसकी ओर से इस अधिनियम या किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत या किसी अनुबंध के तहत प्राप्त सभी धन;
(ग) परिषद द्वारा या उसकी ओर से संपत्ति के निपटान से प्राप्त सभी आय;
(घ) परिषद की किसी भी संपत्ति से प्राप्त होने वाला समस्त किराया;
(ई) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए लगाए गए किसी भी कर, दर या उपकर द्वारा जुटाई गई सभी धनराशि;
(f) इस अधिनियम के तहत या इसके अंतर्गत बनाए गए किसी नियम, विनियम या उपनियम के तहत वसूले गए सभी शुल्क और लगाए गए सभी जुर्माने;
(जी) परिषद द्वारा या उसकी ओर से सरकार या केंद्र सरकार या किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के संघ से अनुदान या उपहार या जमा के रूप में प्राप्त सभी धन;
(h) परिषद से संबंधित किसी भी धन के निवेश से या उससे संबंधित किसी भी लेनदेन से उत्पन्न होने वाले सभी हित और लाभ, जिसमें इस अधिनियम के तहत दिए गए ऋण भी शामिल हैं; और
(i) परिषद द्वारा या उसकी ओर से किसी अन्य स्रोत से प्राप्त सभी धनराशि,
एक निधि का गठन किया जाएगा जिसे "नई दिल्ली नगर निधि" कहा जाएगा (जिसे इस अधिनियम में आगे "नई दिल्ली नगर निधि" कहा जाएगा)।
(2) नई दिल्ली नगर निगम निधि को परिषद द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए इसमें निहित प्रावधानों के अधीन न्यास के रूप में रखा जाएगा और परिषद द्वारा या उसकी ओर से प्राप्त सभी धन से संबंधित एक सामान्य खाता रखा जाएगा।
(क) वे सभी निधियां जो परिषद की स्थापना से ठीक पहले नई दिल्ली नगर समिति में निहित थीं;
(ख) परिषद द्वारा या उसकी ओर से इस अधिनियम या किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत या किसी अनुबंध के तहत प्राप्त सभी धन;
(ग) परिषद द्वारा या उसकी ओर से संपत्ति के निपटान से प्राप्त सभी आय;
(घ) परिषद की किसी भी संपत्ति से प्राप्त होने वाला समस्त किराया;
(ई) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए लगाए गए किसी भी कर, दर या उपकर द्वारा जुटाई गई सभी धनराशि;
(f) इस अधिनियम के तहत या इसके अंतर्गत बनाए गए किसी नियम, विनियम या उपनियम के तहत वसूले गए सभी शुल्क और लगाए गए सभी जुर्माने;
(जी) परिषद द्वारा या उसकी ओर से सरकार या केंद्र सरकार या किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के संघ से अनुदान या उपहार या जमा के रूप में प्राप्त सभी धन;
(h) परिषद से संबंधित किसी भी धन के निवेश से या उससे संबंधित किसी भी लेनदेन से उत्पन्न होने वाले सभी हित और लाभ, जिसमें इस अधिनियम के तहत दिए गए ऋण भी शामिल हैं; और
(i) परिषद द्वारा या उसकी ओर से किसी अन्य स्रोत से प्राप्त सभी धनराशि,
एक निधि का गठन किया जाएगा जिसे "नई दिल्ली नगर निधि" कहा जाएगा (जिसे इस अधिनियम में आगे "नई दिल्ली नगर निधि" कहा जाएगा)।
(2) नई दिल्ली नगर निगम निधि को परिषद द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए इसमें निहित प्रावधानों के अधीन न्यास के रूप में रखा जाएगा और परिषद द्वारा या उसकी ओर से प्राप्त सभी धन से संबंधित एक सामान्य खाता रखा जाएगा।
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