NDMC Act 217अध्याय XIII · Private streets
धारा 217 · लेआउट योजनाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 216 के अधीन किसी भूमि का उपयोग करने, बेचने या उससे संबंधित किसी अन्य प्रकार का लेन-देन करने से पहले, उस भूमि के स्वामी को अध्यक्ष को भूमि की रूपरेखा सहित एक लिखित आवेदन भेजना होगा जिसमें निम्नलिखित विवरण दर्शाए गए हों, अर्थात्:--
(क) वे भूखंड जिनमें भवन निर्माण हेतु भूमि को विभाजित करने का प्रस्ताव है तथा वे प्रयोजन जिनके लिए ऐसे भवनों का उपयोग किया जाना है;
(ख) किसी सड़क, खुले स्थान, पार्क, मनोरंजन मैदान, विद्यालय, बाजार या किसी अन्य सार्वजनिक प्रयोजन के लिए किसी स्थल का आरक्षण या आवंटन;
(ग) सड़क या सड़कों का इच्छित स्तर, दिशा और चौड़ाई;
(घ) सड़क या सड़कों की नियमित पंक्ति;
(ई) सड़क या सड़कों को समतल करने, पक्का करने, धातु बिछाने, पत्थर बिछाने, नालियाँ बनाने, सीवरेज, जल निकासी, संरक्षण और प्रकाश व्यवस्था के लिए की जाने वाली व्यवस्था।
(2) इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए उपनियमों के प्रावधान, सार्वजनिक सड़कों की चौड़ाई और उन पर स्थित भवनों की ऊँचाई के संबंध में, उपधारा (1) में निर्दिष्ट सड़कों के मामले में लागू होंगे और उस उपधारा में निर्दिष्ट सभी विवरण परिषद की स्वीकृति के अधीन होंगे।
(3) उपधारा (1) के तहत किसी आवेदन की प्राप्ति के साठ दिनों के भीतर परिषद या तो लेआउट योजना को ऐसी शर्तों पर मंजूरी देगी जैसा वह उचित समझे या उसे अस्वीकार कर देगी या उसके संबंध में और जानकारी मांगेगी।
(4) ऐसी स्वीकृति अस्वीकार कर दी जाएगी--
(क) यदि लेआउट योजना में दर्शाए गए विवरण, नई दिल्ली के विकास की किसी सामान्य योजना को क्रियान्वित करने के लिए की गई या परिषद की राय में की जाने वाली किसी व्यवस्था से विरोधाभास पैदा करते हैं, चाहे वह योजना मास्टर प्लान में शामिल हो या नई दिल्ली के लिए तैयार की गई क्षेत्रीय विकास योजना में; या
(ख) यदि उक्त लेआउट योजना इस अधिनियम और इसके अंतर्गत निर्मित उपनियमों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है; या
(ग) यदि योजना में प्रस्तावित कोई सड़क इस प्रकार से डिज़ाइन नहीं की गई है कि वह एक छोर पर किसी ऐसी सड़क से जुड़े जो पहले से ही खुली हो।
(5) कोई भी व्यक्ति परिषद के आदेशों के बिना या उनके अनुरूप न होकर किसी भूमि का उपयोग, विक्रय या अन्य किसी प्रकार का लेन-देन नहीं करेगा, न ही कोई नई सड़क बनाएगा या उसका लेआउट तैयार करेगा; और यदि आगे की जानकारी मांगी जाती है, तो ऐसी जानकारी प्राप्त होने पर आदेश पारित होने तक भूमि का उपयोग, विक्रय या अन्य किसी प्रकार का लेन-देन करने या सड़क बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
बशर्ते कि ऐसे आदेशों को पारित करने में किसी भी स्थिति में परिषद द्वारा उक्त आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए आवश्यक समझी जाने वाली जानकारी प्राप्त होने के साठ दिनों से अधिक की देरी नहीं की जाएगी।
(6) इस खंड में पहले उल्लिखित लेआउट योजना एक वास्तुकार द्वारा तैयार की जाएगी।
(क) वे भूखंड जिनमें भवन निर्माण हेतु भूमि को विभाजित करने का प्रस्ताव है तथा वे प्रयोजन जिनके लिए ऐसे भवनों का उपयोग किया जाना है;
(ख) किसी सड़क, खुले स्थान, पार्क, मनोरंजन मैदान, विद्यालय, बाजार या किसी अन्य सार्वजनिक प्रयोजन के लिए किसी स्थल का आरक्षण या आवंटन;
(ग) सड़क या सड़कों का इच्छित स्तर, दिशा और चौड़ाई;
(घ) सड़क या सड़कों की नियमित पंक्ति;
(ई) सड़क या सड़कों को समतल करने, पक्का करने, धातु बिछाने, पत्थर बिछाने, नालियाँ बनाने, सीवरेज, जल निकासी, संरक्षण और प्रकाश व्यवस्था के लिए की जाने वाली व्यवस्था।
(2) इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए उपनियमों के प्रावधान, सार्वजनिक सड़कों की चौड़ाई और उन पर स्थित भवनों की ऊँचाई के संबंध में, उपधारा (1) में निर्दिष्ट सड़कों के मामले में लागू होंगे और उस उपधारा में निर्दिष्ट सभी विवरण परिषद की स्वीकृति के अधीन होंगे।
(3) उपधारा (1) के तहत किसी आवेदन की प्राप्ति के साठ दिनों के भीतर परिषद या तो लेआउट योजना को ऐसी शर्तों पर मंजूरी देगी जैसा वह उचित समझे या उसे अस्वीकार कर देगी या उसके संबंध में और जानकारी मांगेगी।
(4) ऐसी स्वीकृति अस्वीकार कर दी जाएगी--
(क) यदि लेआउट योजना में दर्शाए गए विवरण, नई दिल्ली के विकास की किसी सामान्य योजना को क्रियान्वित करने के लिए की गई या परिषद की राय में की जाने वाली किसी व्यवस्था से विरोधाभास पैदा करते हैं, चाहे वह योजना मास्टर प्लान में शामिल हो या नई दिल्ली के लिए तैयार की गई क्षेत्रीय विकास योजना में; या
(ख) यदि उक्त लेआउट योजना इस अधिनियम और इसके अंतर्गत निर्मित उपनियमों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है; या
(ग) यदि योजना में प्रस्तावित कोई सड़क इस प्रकार से डिज़ाइन नहीं की गई है कि वह एक छोर पर किसी ऐसी सड़क से जुड़े जो पहले से ही खुली हो।
(5) कोई भी व्यक्ति परिषद के आदेशों के बिना या उनके अनुरूप न होकर किसी भूमि का उपयोग, विक्रय या अन्य किसी प्रकार का लेन-देन नहीं करेगा, न ही कोई नई सड़क बनाएगा या उसका लेआउट तैयार करेगा; और यदि आगे की जानकारी मांगी जाती है, तो ऐसी जानकारी प्राप्त होने पर आदेश पारित होने तक भूमि का उपयोग, विक्रय या अन्य किसी प्रकार का लेन-देन करने या सड़क बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
बशर्ते कि ऐसे आदेशों को पारित करने में किसी भी स्थिति में परिषद द्वारा उक्त आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए आवश्यक समझी जाने वाली जानकारी प्राप्त होने के साठ दिनों से अधिक की देरी नहीं की जाएगी।
(6) इस खंड में पहले उल्लिखित लेआउट योजना एक वास्तुकार द्वारा तैयार की जाएगी।
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