NDMC Act 135अध्याय IX · Borrowing
धारा 135 · अन्य भुगतानों की तुलना में ब्याज और ऋण के पुनर्भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) परिषद से ऋणों पर ब्याज और पुनर्भुगतान के लिए देय सभी भुगतान परिषद से देय अन्य सभी भुगतानों से पहले किए जाएंगे।
(2) यदि परिषद द्वारा केंद्र सरकार या सरकार से उधार लिया गया या उधार माना गया कोई धन, या उस पर देय कोई ब्याज या लागत, ऋण की शर्तों के अनुसार वापस नहीं चुकाई जाती है, तो केंद्र सरकार या सरकार नई दिल्ली नगर निगम निधि या उसके किसी भाग को कुर्क कर सकती है।
(3) ऐसी कुर्की के बाद, केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में नियुक्त अधिकारी के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति कुर्क की गई निधि से किसी भी प्रकार का व्यवहार नहीं करेगा; परन्तु ऐसा अधिकारी इस संबंध में वे सभी कार्य कर सकता है जो कोई नगरपालिका प्राधिकरण, अधिकारी या अन्य कर्मचारी ऐसी कुर्की न होने की स्थिति में कर सकता था, और वह बकाया राशि तथा उस पर देय सभी ब्याज और लागतों तथा कुर्की और बाद की कार्यवाही के कारण हुए सभी व्ययों की पूर्ति के लिए प्राप्त धनराशि का उपयोग कर सकता है।
बशर्ते कि ऐसा कोई कुर्की किसी ऐसे ऋण को रद्द या प्रभावित नहीं करेगा जिसके लिए निधि को पहले कानून के अनुसार प्रभारित किया गया था; और ऐसे सभी पूर्व प्रभार निधि की आय से चुकाए जाएंगे, इससे पहले कि आय का कोई भी हिस्सा केंद्र सरकार या सरकार को देय ऋण की संतुष्टि के लिए उपयोग किया जाए।
(2) यदि परिषद द्वारा केंद्र सरकार या सरकार से उधार लिया गया या उधार माना गया कोई धन, या उस पर देय कोई ब्याज या लागत, ऋण की शर्तों के अनुसार वापस नहीं चुकाई जाती है, तो केंद्र सरकार या सरकार नई दिल्ली नगर निगम निधि या उसके किसी भाग को कुर्क कर सकती है।
(3) ऐसी कुर्की के बाद, केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में नियुक्त अधिकारी के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति कुर्क की गई निधि से किसी भी प्रकार का व्यवहार नहीं करेगा; परन्तु ऐसा अधिकारी इस संबंध में वे सभी कार्य कर सकता है जो कोई नगरपालिका प्राधिकरण, अधिकारी या अन्य कर्मचारी ऐसी कुर्की न होने की स्थिति में कर सकता था, और वह बकाया राशि तथा उस पर देय सभी ब्याज और लागतों तथा कुर्की और बाद की कार्यवाही के कारण हुए सभी व्ययों की पूर्ति के लिए प्राप्त धनराशि का उपयोग कर सकता है।
बशर्ते कि ऐसा कोई कुर्की किसी ऐसे ऋण को रद्द या प्रभावित नहीं करेगा जिसके लिए निधि को पहले कानून के अनुसार प्रभारित किया गया था; और ऐसे सभी पूर्व प्रभार निधि की आय से चुकाए जाएंगे, इससे पहले कि आय का कोई भी हिस्सा केंद्र सरकार या सरकार को देय ऋण की संतुष्टि के लिए उपयोग किया जाए।
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