NDMC Act 353अध्याय XX · Notices, etc.
धारा 353 · नोटिस आदि की तामील।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए किसी नियम, विनियम या उपनियम द्वारा परिषद द्वारा या उसकी ओर से, या अध्यक्ष या किसी अधिकारी द्वारा, या किसी व्यक्ति द्वारा तामील किए जाने या जारी किए जाने के लिए आवश्यक या अधिकृत प्रत्येक सूचना, विधेयक, सम्मन, आदेश, मांग पत्र या अन्य दस्तावेज, इस अधिनियम या ऐसे नियम, विनियम या उपनियम में अन्यथा प्रावधान न होने पर, विधिवत तामील किया हुआ माना जाएगा।
(क) जहां तामील किया जाने वाला व्यक्ति कोई कंपनी है, यदि दस्तावेज कंपनी के पंजीकृत कार्यालय या उसके प्रधान कार्यालय या व्यवसाय स्थल पर कंपनी के सचिव को संबोधित है और वह निम्नलिखित में से कोई एक है--
(i) पंजीकृत डाक द्वारा भेजा गया, या
(ii) कंपनी के पंजीकृत कार्यालय या प्रधान कार्यालय या व्यवसाय स्थल पर वितरित किया गया;
(ख) जहां तामील किया जाने वाला व्यक्ति एक साझेदारी फर्म है, यदि दस्तावेज साझेदारी फर्म को उसके मुख्य व्यवसाय स्थल पर संबोधित किया जाता है, जिसमें उसके व्यवसाय के नाम या शैली से उसकी पहचान की जाती है, और वह या तो--
(i) पंजीकृत डाक द्वारा भेजा गया, या
(ii) उक्त व्यापारिक स्थल पर वितरित किया गया;
(ग) जहां तामील किया जाने वाला व्यक्ति कोई सार्वजनिक निकाय, या निगम, समाज या अन्य निकाय है, यदि दस्तावेज उस निकाय, निगम या समाज के सचिव, कोषाध्यक्ष या अन्य प्रमुख अधिकारी को उसके प्रधान कार्यालय के रूप में संबोधित किया गया है, और वह या तो--
(i) पंजीकृत डाक द्वारा भेजा गया, या
(ii) उस कार्यालय में वितरित;
(घ) किसी अन्य मामले में, यदि दस्तावेज़ उस व्यक्ति को संबोधित है जिसे तामील किया जाना है और--
(i) उसे दिया जाता है या पेश किया जाता है, या
(ii) यदि ऐसा व्यक्ति न मिल पाए, तो उसके अंतिम ज्ञात निवास स्थान या व्यवसाय स्थल के किसी प्रमुख भाग पर चिपकाया जाए, यदि वह दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भीतर हो, या उसके परिवार के किसी वयस्क सदस्य को दिया जाए या सौंप दिया जाए, या उस भूमि या भवन के किसी प्रमुख भाग पर चिपकाया जाए, जिससे वह संबंधित हो, या
(iii) उस व्यक्ति को पंजीकृत डाक द्वारा भेजा जाता है।
(2) कोई भी दस्तावेज जिसे किसी भूमि या भवन के स्वामी या अधिभोगी को तामील कराना आवश्यक या अधिकृत हो, उसे उस भूमि या भवन के "स्वामी" या "अधिभोगी" (उस भूमि या भवन का नाम सहित) को संबोधित किया जा सकता है, बिना किसी अन्य नाम या विवरण के, और उसे विधिवत तामील किया हुआ माना जाएगा।
(क) यदि इस प्रकार संबोधित दस्तावेज उपधारा (1) के खंड (घ) के अनुसार भेजा या वितरित किया जाता है; या
(ख) यदि इस प्रकार संबोधित दस्तावेज या उसकी इस प्रकार संबोधित प्रति भूमि या भवन पर किसी व्यक्ति को दी जाती है, या यदि भूमि या भवन पर कोई व्यक्ति नहीं है जिसे यह दिया जा सके, तो इसे भूमि या भवन के किसी प्रमुख भाग पर चिपकाया जाता है।
(3) जहां इस धारा के अनुसार किसी साझेदारी फर्म पर कोई दस्तावेज तामील किया जाता है, तो वह दस्तावेज प्रत्येक साझेदार पर तामील किया हुआ माना जाएगा।
(4) किसी परिसर के स्वामी को कोई दस्तावेज तामील कराने के उद्देश्य से अध्यक्ष लिखित नोटिस द्वारा परिसर के अधिभोगी से उसके स्वामी का नाम और पता बताने की मांग कर सकता है।
(5) जहाँ जिस व्यक्ति पर कोई दस्तावेज़ तामील किया जाना है वह नाबालिग है, तो उसके अभिभावक या उसके परिवार के किसी वयस्क सदस्य पर तामील नाबालिग पर तामील मानी जाएगी।
(6) धारा 351 और 352 तथा इस धारा में कोई बात न्यायालय द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत जारी किए गए किसी समन पर लागू नहीं होगी।
(7) इस धारा के अर्थ में कोई सेवक परिवार का सदस्य नहीं होगा।
(क) जहां तामील किया जाने वाला व्यक्ति कोई कंपनी है, यदि दस्तावेज कंपनी के पंजीकृत कार्यालय या उसके प्रधान कार्यालय या व्यवसाय स्थल पर कंपनी के सचिव को संबोधित है और वह निम्नलिखित में से कोई एक है--
(i) पंजीकृत डाक द्वारा भेजा गया, या
(ii) कंपनी के पंजीकृत कार्यालय या प्रधान कार्यालय या व्यवसाय स्थल पर वितरित किया गया;
(ख) जहां तामील किया जाने वाला व्यक्ति एक साझेदारी फर्म है, यदि दस्तावेज साझेदारी फर्म को उसके मुख्य व्यवसाय स्थल पर संबोधित किया जाता है, जिसमें उसके व्यवसाय के नाम या शैली से उसकी पहचान की जाती है, और वह या तो--
(i) पंजीकृत डाक द्वारा भेजा गया, या
(ii) उक्त व्यापारिक स्थल पर वितरित किया गया;
(ग) जहां तामील किया जाने वाला व्यक्ति कोई सार्वजनिक निकाय, या निगम, समाज या अन्य निकाय है, यदि दस्तावेज उस निकाय, निगम या समाज के सचिव, कोषाध्यक्ष या अन्य प्रमुख अधिकारी को उसके प्रधान कार्यालय के रूप में संबोधित किया गया है, और वह या तो--
(i) पंजीकृत डाक द्वारा भेजा गया, या
(ii) उस कार्यालय में वितरित;
(घ) किसी अन्य मामले में, यदि दस्तावेज़ उस व्यक्ति को संबोधित है जिसे तामील किया जाना है और--
(i) उसे दिया जाता है या पेश किया जाता है, या
(ii) यदि ऐसा व्यक्ति न मिल पाए, तो उसके अंतिम ज्ञात निवास स्थान या व्यवसाय स्थल के किसी प्रमुख भाग पर चिपकाया जाए, यदि वह दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भीतर हो, या उसके परिवार के किसी वयस्क सदस्य को दिया जाए या सौंप दिया जाए, या उस भूमि या भवन के किसी प्रमुख भाग पर चिपकाया जाए, जिससे वह संबंधित हो, या
(iii) उस व्यक्ति को पंजीकृत डाक द्वारा भेजा जाता है।
(2) कोई भी दस्तावेज जिसे किसी भूमि या भवन के स्वामी या अधिभोगी को तामील कराना आवश्यक या अधिकृत हो, उसे उस भूमि या भवन के "स्वामी" या "अधिभोगी" (उस भूमि या भवन का नाम सहित) को संबोधित किया जा सकता है, बिना किसी अन्य नाम या विवरण के, और उसे विधिवत तामील किया हुआ माना जाएगा।
(क) यदि इस प्रकार संबोधित दस्तावेज उपधारा (1) के खंड (घ) के अनुसार भेजा या वितरित किया जाता है; या
(ख) यदि इस प्रकार संबोधित दस्तावेज या उसकी इस प्रकार संबोधित प्रति भूमि या भवन पर किसी व्यक्ति को दी जाती है, या यदि भूमि या भवन पर कोई व्यक्ति नहीं है जिसे यह दिया जा सके, तो इसे भूमि या भवन के किसी प्रमुख भाग पर चिपकाया जाता है।
(3) जहां इस धारा के अनुसार किसी साझेदारी फर्म पर कोई दस्तावेज तामील किया जाता है, तो वह दस्तावेज प्रत्येक साझेदार पर तामील किया हुआ माना जाएगा।
(4) किसी परिसर के स्वामी को कोई दस्तावेज तामील कराने के उद्देश्य से अध्यक्ष लिखित नोटिस द्वारा परिसर के अधिभोगी से उसके स्वामी का नाम और पता बताने की मांग कर सकता है।
(5) जहाँ जिस व्यक्ति पर कोई दस्तावेज़ तामील किया जाना है वह नाबालिग है, तो उसके अभिभावक या उसके परिवार के किसी वयस्क सदस्य पर तामील नाबालिग पर तामील मानी जाएगी।
(6) धारा 351 और 352 तथा इस धारा में कोई बात न्यायालय द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत जारी किए गए किसी समन पर लागू नहीं होगी।
(7) इस धारा के अर्थ में कोई सेवक परिवार का सदस्य नहीं होगा।
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