NDMC Act 398अध्याय XXII · Control
धारा 398 · परिषद का विघटन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि केंद्र सरकार की राय में परिषद कार्य करने में सक्षम नहीं है, या लगातार चूक करती है--
(क) इस अधिनियम या किसी अन्य कानून के तहत उस पर लगाए गए कर्तव्यों के पालन में, या अपनी शक्ति का दुरुपयोग करता है या उससे अधिक कार्य करता है; या
(ख) जनता को और सामान्यतः नगरपालिका प्रशासन के संबंध में कुशल सेवा प्रदान करने में विफल रहता है; या
(ग) खंड (क) और (ख) से संबंधित मामलों के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा परिषद को दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने के लिए, केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में कारणों सहित एक आदेश प्रकाशित करके परिषद को भंग कर सकती है।
बशर्ते कि परिषद को भंग करने से पहले उसे सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा।
(2) जब परिषद को उपधारा (1) के तहत आदेश द्वारा भंग कर दिया जाता है --
(क) विघटन की तिथि पर सभी सदस्य अपने पद त्याग देंगे;
(ख) परिषद के विघटन की अवधि के दौरान, इस अधिनियम या किसी अन्य कानून द्वारा परिषद को प्रदत्त एवं आरोपित सभी शक्तियां एवं कर्तव्य ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी द्वारा प्रयोग एवं निष्पादित किए जाएंगे जिन्हें केंद्र सरकार इस संबंध में नियुक्त करे; और
(ग) परिषद में निहित सभी संपत्ति, जब तक कि इसका पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेगी।
(3) इस धारा के तहत जारी किया गया विघटन आदेश, उसके कारणों सहित, जारी होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा के समक्ष रखा जाएगा।
(क) इस अधिनियम या किसी अन्य कानून के तहत उस पर लगाए गए कर्तव्यों के पालन में, या अपनी शक्ति का दुरुपयोग करता है या उससे अधिक कार्य करता है; या
(ख) जनता को और सामान्यतः नगरपालिका प्रशासन के संबंध में कुशल सेवा प्रदान करने में विफल रहता है; या
(ग) खंड (क) और (ख) से संबंधित मामलों के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा परिषद को दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने के लिए, केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में कारणों सहित एक आदेश प्रकाशित करके परिषद को भंग कर सकती है।
बशर्ते कि परिषद को भंग करने से पहले उसे सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा।
(2) जब परिषद को उपधारा (1) के तहत आदेश द्वारा भंग कर दिया जाता है --
(क) विघटन की तिथि पर सभी सदस्य अपने पद त्याग देंगे;
(ख) परिषद के विघटन की अवधि के दौरान, इस अधिनियम या किसी अन्य कानून द्वारा परिषद को प्रदत्त एवं आरोपित सभी शक्तियां एवं कर्तव्य ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी द्वारा प्रयोग एवं निष्पादित किए जाएंगे जिन्हें केंद्र सरकार इस संबंध में नियुक्त करे; और
(ग) परिषद में निहित सभी संपत्ति, जब तक कि इसका पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेगी।
(3) इस धारा के तहत जारी किया गया विघटन आदेश, उसके कारणों सहित, जारी होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा के समक्ष रखा जाएगा।
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