NDMC Act 65अध्याय VIII · Property tax
धारा 65 · संघ की संपत्तियों पर कराधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय के पूर्वगामी प्रावधानों में किसी बात के होते हुए भी, संघ की संपत्ति होने के नाते भूमि और भवन धारा 61 में निर्दिष्ट संपत्ति कर से मुक्त होंगे:
बशर्ते कि इस उपधारा में कोई भी बात परिषद को ऐसी जमीनों और इमारतों पर संपत्ति कर लगाने से नहीं रोकेगी, जिन पर 26 जनवरी, 1950 से ठीक पहले कर लगाया जाता था या लगाया जाता था, जब तक कि परिषद द्वारा अन्य जमीनों और इमारतों पर वह कर लगाया जाता रहे।
(2) जहाँ किसी विस्थापित व्यक्ति (मुआवजा एवं पुनर्वास) अधिनियम, 1954 (44 ऑफ 1954) की धारा 20 के अनुसरण में किसी विस्थापित व्यक्ति, या विस्थापित व्यक्तियों के किसी संघ, चाहे निगमित हो या नहीं, या किसी अन्य व्यक्ति को [जिसे इस उपधारा और धारा 66 की उपधारा (1) के परंतुक में आगे हस्तांतरिती कहा गया है] किसी भूमि या भवन का कब्जा सौंप दिया गया है, तो धारा 61 में निर्दिष्ट संपत्ति कर ऐसी भूमि या भवन के संबंध में 7 अप्रैल, 1958 से या उस तिथि से जिस पर हस्तांतरिती को उसका कब्जा सौंप दिया गया है, जो भी बाद में हो, लागू होगा और लागू माना जाएगा, और ऐसा संपत्ति कर, इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के बावजूद, उस दिन या तिथि से, जैसा भी मामला हो, वसूल किया जाएगा।
बशर्ते कि इस उपधारा में कोई भी बात परिषद को ऐसी जमीनों और इमारतों पर संपत्ति कर लगाने से नहीं रोकेगी, जिन पर 26 जनवरी, 1950 से ठीक पहले कर लगाया जाता था या लगाया जाता था, जब तक कि परिषद द्वारा अन्य जमीनों और इमारतों पर वह कर लगाया जाता रहे।
(2) जहाँ किसी विस्थापित व्यक्ति (मुआवजा एवं पुनर्वास) अधिनियम, 1954 (44 ऑफ 1954) की धारा 20 के अनुसरण में किसी विस्थापित व्यक्ति, या विस्थापित व्यक्तियों के किसी संघ, चाहे निगमित हो या नहीं, या किसी अन्य व्यक्ति को [जिसे इस उपधारा और धारा 66 की उपधारा (1) के परंतुक में आगे हस्तांतरिती कहा गया है] किसी भूमि या भवन का कब्जा सौंप दिया गया है, तो धारा 61 में निर्दिष्ट संपत्ति कर ऐसी भूमि या भवन के संबंध में 7 अप्रैल, 1958 से या उस तिथि से जिस पर हस्तांतरिती को उसका कब्जा सौंप दिया गया है, जो भी बाद में हो, लागू होगा और लागू माना जाएगा, और ऐसा संपत्ति कर, इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के बावजूद, उस दिन या तिथि से, जैसा भी मामला हो, वसूल किया जाएगा।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
