NDMC Act 253अध्याय XIV · Building Regulations
धारा 253 · अपीलीय न्यायाधिकरण।
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(1) केंद्र सरकार, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, धारा 247 या धारा 254 के तहत दायर अपीलों का निर्णय करने के लिए दिल्ली या नई दिल्ली में मुख्यालय वाले एक या एक से अधिक अपीलीय न्यायाधिकरणों का गठन करेगी।
(2) अपीलीय न्यायाधिकरण में एक व्यक्ति होगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा सेवा की ऐसी शर्तों और नियमों पर नियुक्त किया जाएगा जैसा कि नियमों द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(3) कोई व्यक्ति अपीलीय न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह जिला न्यायाधीश या अतिरिक्त जिला न्यायाधीश न हो, या रहा हो, या उसने भारत में कम से कम दस वर्षों तक न्यायिक पद धारण न किया हो।
(4) केंद्र सरकार, यदि वह उचित समझे, तो ऐसे अपीलों में शामिल मामलों का विशेष ज्ञान रखने वाले या अनुभव रखने वाले एक या अधिक व्यक्तियों को अपील न्यायाधिकरण के समक्ष कार्यवाही में सलाह देने के लिए मूल्यांकनकर्ता के रूप में नियुक्त कर सकती है, परन्तु मूल्यांकनकर्ताओं की कोई भी सलाह अपील न्यायाधिकरण पर बाध्यकारी नहीं होगी।
(5) केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उन प्रादेशिक सीमाओं को परिभाषित करेगी जिनके भीतर अपीलीय न्यायाधिकरण अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करेगा, और जहां विभिन्न अपीलीय न्यायाधिकरणों का अधिकार क्षेत्र समान प्रादेशिक सीमाओं पर है, वहां केंद्र सरकार ऐसे न्यायाधिकरणों द्वारा किए जाने वाले कार्यों के वितरण और आवंटन का भी प्रावधान करेगी।
(6) इस अधिनियम के तहत अपने कार्यों का निर्वहन करने में सक्षम होने के उद्देश्य से, प्रत्येक अपीलीय न्यायाधिकरण में एक रजिस्ट्रार और ऐसे अन्य कर्मचारी होंगे जिनकी सेवा की शर्तें और नियम नियमों द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं।
बशर्ते कि नियमों के अनुसार रजिस्ट्रार और कर्मचारियों को ऐसे सभी या किसी भी संख्या में न्यायाधिकरणों के लिए संयुक्त रूप से नियुक्त किया जा सकता है।
(2) अपीलीय न्यायाधिकरण में एक व्यक्ति होगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा सेवा की ऐसी शर्तों और नियमों पर नियुक्त किया जाएगा जैसा कि नियमों द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(3) कोई व्यक्ति अपीलीय न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह जिला न्यायाधीश या अतिरिक्त जिला न्यायाधीश न हो, या रहा हो, या उसने भारत में कम से कम दस वर्षों तक न्यायिक पद धारण न किया हो।
(4) केंद्र सरकार, यदि वह उचित समझे, तो ऐसे अपीलों में शामिल मामलों का विशेष ज्ञान रखने वाले या अनुभव रखने वाले एक या अधिक व्यक्तियों को अपील न्यायाधिकरण के समक्ष कार्यवाही में सलाह देने के लिए मूल्यांकनकर्ता के रूप में नियुक्त कर सकती है, परन्तु मूल्यांकनकर्ताओं की कोई भी सलाह अपील न्यायाधिकरण पर बाध्यकारी नहीं होगी।
(5) केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उन प्रादेशिक सीमाओं को परिभाषित करेगी जिनके भीतर अपीलीय न्यायाधिकरण अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करेगा, और जहां विभिन्न अपीलीय न्यायाधिकरणों का अधिकार क्षेत्र समान प्रादेशिक सीमाओं पर है, वहां केंद्र सरकार ऐसे न्यायाधिकरणों द्वारा किए जाने वाले कार्यों के वितरण और आवंटन का भी प्रावधान करेगी।
(6) इस अधिनियम के तहत अपने कार्यों का निर्वहन करने में सक्षम होने के उद्देश्य से, प्रत्येक अपीलीय न्यायाधिकरण में एक रजिस्ट्रार और ऐसे अन्य कर्मचारी होंगे जिनकी सेवा की शर्तें और नियम नियमों द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं।
बशर्ते कि नियमों के अनुसार रजिस्ट्रार और कर्मचारियों को ऐसे सभी या किसी भी संख्या में न्यायाधिकरणों के लिए संयुक्त रूप से नियुक्त किया जा सकता है।
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