NDMC Act 53अध्याय VII · The New Delhi Municipal Fund
धारा 53 · वित्त आयोग का गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के लागू होने के बाद, दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 (66 ऑफ 1957) की धारा 107ए की उपधारा (1) में निर्दिष्ट वित्त आयोग परिषद की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और प्रशासक को निम्नलिखित के संबंध में सिफारिशें करेगा:--
(क) वे सिद्धांत जो मार्गदर्शक होने चाहिए,--
(i) दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और परिषद के बीच दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र द्वारा लगाए जाने वाले करों, शुल्कों, टोलों और शुल्कों की शुद्ध आय का वितरण, जिसे उनके बीच विभाजित किया जा सकता है;
(ii) परिषद को आवंटित या उसके द्वारा विनियोजित किए जा सकने वाले करों, शुल्कों, टोलों और शुल्कों का निर्धारण;
(iii) दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की समेकित निधि से परिषद को दी जाने वाली अनुदान सहायता;
(ख) परिषद की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक उपाय,
(ग) परिषद के सुदृढ़ वित्त के हित में प्रशासक द्वारा वित्त आयोग को संदर्भित कोई अन्य मामला।
(2) प्रशासक इस धारा के अंतर्गत आयोग द्वारा की गई प्रत्येक अनुशंसा, उस पर की गई कार्रवाई के संबंध में एक व्याख्यात्मक ज्ञापन सहित, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत करवाएगा।
(क) वे सिद्धांत जो मार्गदर्शक होने चाहिए,--
(i) दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और परिषद के बीच दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र द्वारा लगाए जाने वाले करों, शुल्कों, टोलों और शुल्कों की शुद्ध आय का वितरण, जिसे उनके बीच विभाजित किया जा सकता है;
(ii) परिषद को आवंटित या उसके द्वारा विनियोजित किए जा सकने वाले करों, शुल्कों, टोलों और शुल्कों का निर्धारण;
(iii) दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की समेकित निधि से परिषद को दी जाने वाली अनुदान सहायता;
(ख) परिषद की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक उपाय,
(ग) परिषद के सुदृढ़ वित्त के हित में प्रशासक द्वारा वित्त आयोग को संदर्भित कोई अन्य मामला।
(2) प्रशासक इस धारा के अंतर्गत आयोग द्वारा की गई प्रत्येक अनुशंसा, उस पर की गई कार्रवाई के संबंध में एक व्याख्यात्मक ज्ञापन सहित, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत करवाएगा।
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