धारा 480 · धारा 480. व्यवसायरत प्लीडर का कतिपय न्यायालयों में मजिस्ट्रेट के रूप में न बैठना
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
480. व्यवसायरत प्लीडर का कतिपय न्यायालयों में मजिस्ट्रेट के रूप में न बैठना
कोई प्लीडर, जो किसी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में विधि-व्यवसाय करता है, उस न्यायालय में या उस न्यायालय की स्थानीय अधिकारिता के भीतर के किसी न्यायालय में मजिस्ट्रेट के रूप में नहीं बैठेगा।
राज्य संशोधन
कर्नाटक:
धारा 480 के पश्चात् निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्:—
"480क. मजिस्ट्रेट की अन्य शक्तियां—कोई न्यायिक मजिस्ट्रेट या कार्यपालक मजिस्ट्रेट, किसी ऐसी दस्तावेज को, जो उसके समक्ष अनुप्रमाणन, सत्यापन या अधिप्रमाणन के प्रयोजन के लिए लाई जाए, यथास्थिति, अनुप्रमाणित, सत्यापित या अधिप्रमाणित करने का तथा उस पर ऐसी मुद्राएं लगाने का, जो तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा विहित की जाएं, हकदार होगा।"
[कर्नाटक अधिनियम 1984 का 35, धारा 2 द्वारा (2-7-1984 से प्रभावी)]
कोई प्लीडर, जो किसी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में विधि-व्यवसाय करता है, उस न्यायालय में या उस न्यायालय की स्थानीय अधिकारिता के भीतर के किसी न्यायालय में मजिस्ट्रेट के रूप में नहीं बैठेगा।
राज्य संशोधन
कर्नाटक:
धारा 480 के पश्चात् निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्:—
"480क. मजिस्ट्रेट की अन्य शक्तियां—कोई न्यायिक मजिस्ट्रेट या कार्यपालक मजिस्ट्रेट, किसी ऐसी दस्तावेज को, जो उसके समक्ष अनुप्रमाणन, सत्यापन या अधिप्रमाणन के प्रयोजन के लिए लाई जाए, यथास्थिति, अनुप्रमाणित, सत्यापित या अधिप्रमाणित करने का तथा उस पर ऐसी मुद्राएं लगाने का, जो तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा विहित की जाएं, हकदार होगा।"
[कर्नाटक अधिनियम 1984 का 35, धारा 2 द्वारा (2-7-1984 से प्रभावी)]
नए कानून में
CrPC 480BNSS 526
526. Practising advocate not to sit as Magistrate in certain Courts.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
