धारा 13 · धारा 13. विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट
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13. विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट
(1) उच्च न्यायालय, यदि केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा ऐसा करने के लिए अनुरोध किया जाए तो, ऐसे किसी व्यक्ति को, जो सरकार के अधीन कोई पद धारण करता है या धारण कर चुका है, किसी ऐसे स्थानीय क्षेत्र में, जो महानगर क्षेत्र नहीं है, विशिष्ट मामलों या मामलों के विशिष्ट वर्गों के संबंध में, वे सब या कोई शक्तियां प्रदान कर सकेगा, जो इस संहिता द्वारा या इसके अधीन प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग के न्यायिक मजिस्ट्रेट को प्रदत्त हैं या प्रदान की जा सकती हैं:
परन्तु किसी व्यक्ति को ऐसी कोई शक्ति तब तक प्रदान नहीं की जाएगी, जब तक कि उसमें विधि-कार्य के संबंध में ऐसी अर्हता या अनुभव न हो, जो उच्च न्यायालय, नियमों द्वारा, विनिर्दिष्ट करे।
(2) ऐसे मजिस्ट्रेट विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट कहलाएंगे और ऐसी अवधि के लिए नियुक्त किए जाएंगे, जो एक बार में एक वर्ष से अधिक न हो, जैसा उच्च न्यायालय, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, निदेश दे।
(3) उच्च न्यायालय किसी विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट को उसकी स्थानीय अधिकारिता से बाहर के किसी महानगर क्षेत्र के संबंध में महानगर मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सशक्त कर सकेगा।
राज्य संशोधन
आंध्र प्रदेश:
धारा 13 की उपधारा (2) में, "एक बार में एक वर्ष से अधिक न हो" शब्दों के स्थान पर "एक बार में दो वर्ष से अधिक न हो" शब्द रखे जाएंगे, और उक्त उपधारा में निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्:—
"परन्तु कोई ऐसा व्यक्ति, जो दंड प्रक्रिया संहिता (आंध्र प्रदेश संशोधन) अधिनियम, 1992 के प्रारंभ पर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट का पद धारण कर रहा है और जिसने पैंसठ वर्ष की आयु पूरी नहीं की है, अपनी नियुक्ति की तारीख से दो वर्ष की अवधि तक पद धारण करता रहेगा।"
[आंध्र प्रदेश अधिनियम 1992 का 2 द्वारा]
बिहार:
धारा 13 में, "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[बिहार अधिनियम 1977 का 8 द्वारा (10-1-1977 से प्रभावी)]
हरियाणा:
मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (1) में, "द्वितीय वर्ग" शब्दों के स्थान पर "प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग" शब्द तथा "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[हरियाणा अधिनियम 1976 का 16, धारा 3 द्वारा (24-2-1976 से प्रभावी)]
हिमाचल प्रदेश:
धारा 13 में, "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[हिमाचल प्रदेश अधिनियम 1976 का 40 द्वारा (13-11-1976 से प्रभावी)]
पंजाब:
मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (1) में, "द्वितीय वर्ग" शब्दों के स्थान पर "प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग" शब्द तथा "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[पंजाब अधिनियम 1978 का 9, धारा 3 द्वारा (14-4-1978 से प्रभावी)]
उत्तर प्रदेश:
मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (1) में, "द्वितीय वर्ग" शब्दों के स्थान पर "प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग" शब्द तथा "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[उत्तर प्रदेश अधिनियम 1976 का 16, धारा 4 द्वारा (5-1-1976 से प्रभावी)]
(1) उच्च न्यायालय, यदि केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा ऐसा करने के लिए अनुरोध किया जाए तो, ऐसे किसी व्यक्ति को, जो सरकार के अधीन कोई पद धारण करता है या धारण कर चुका है, किसी ऐसे स्थानीय क्षेत्र में, जो महानगर क्षेत्र नहीं है, विशिष्ट मामलों या मामलों के विशिष्ट वर्गों के संबंध में, वे सब या कोई शक्तियां प्रदान कर सकेगा, जो इस संहिता द्वारा या इसके अधीन प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग के न्यायिक मजिस्ट्रेट को प्रदत्त हैं या प्रदान की जा सकती हैं:
परन्तु किसी व्यक्ति को ऐसी कोई शक्ति तब तक प्रदान नहीं की जाएगी, जब तक कि उसमें विधि-कार्य के संबंध में ऐसी अर्हता या अनुभव न हो, जो उच्च न्यायालय, नियमों द्वारा, विनिर्दिष्ट करे।
(2) ऐसे मजिस्ट्रेट विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट कहलाएंगे और ऐसी अवधि के लिए नियुक्त किए जाएंगे, जो एक बार में एक वर्ष से अधिक न हो, जैसा उच्च न्यायालय, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, निदेश दे।
(3) उच्च न्यायालय किसी विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट को उसकी स्थानीय अधिकारिता से बाहर के किसी महानगर क्षेत्र के संबंध में महानगर मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सशक्त कर सकेगा।
राज्य संशोधन
आंध्र प्रदेश:
धारा 13 की उपधारा (2) में, "एक बार में एक वर्ष से अधिक न हो" शब्दों के स्थान पर "एक बार में दो वर्ष से अधिक न हो" शब्द रखे जाएंगे, और उक्त उपधारा में निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्:—
"परन्तु कोई ऐसा व्यक्ति, जो दंड प्रक्रिया संहिता (आंध्र प्रदेश संशोधन) अधिनियम, 1992 के प्रारंभ पर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट का पद धारण कर रहा है और जिसने पैंसठ वर्ष की आयु पूरी नहीं की है, अपनी नियुक्ति की तारीख से दो वर्ष की अवधि तक पद धारण करता रहेगा।"
[आंध्र प्रदेश अधिनियम 1992 का 2 द्वारा]
बिहार:
धारा 13 में, "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[बिहार अधिनियम 1977 का 8 द्वारा (10-1-1977 से प्रभावी)]
हरियाणा:
मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (1) में, "द्वितीय वर्ग" शब्दों के स्थान पर "प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग" शब्द तथा "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[हरियाणा अधिनियम 1976 का 16, धारा 3 द्वारा (24-2-1976 से प्रभावी)]
हिमाचल प्रदेश:
धारा 13 में, "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[हिमाचल प्रदेश अधिनियम 1976 का 40 द्वारा (13-11-1976 से प्रभावी)]
पंजाब:
मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (1) में, "द्वितीय वर्ग" शब्दों के स्थान पर "प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग" शब्द तथा "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[पंजाब अधिनियम 1978 का 9, धारा 3 द्वारा (14-4-1978 से प्रभावी)]
उत्तर प्रदेश:
मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (1) में, "द्वितीय वर्ग" शब्दों के स्थान पर "प्रथम वर्ग या द्वितीय वर्ग" शब्द तथा "किसी जिले में" शब्दों के स्थान पर "किसी स्थानीय क्षेत्र में" शब्द रखे जाएंगे।
[उत्तर प्रदेश अधिनियम 1976 का 16, धारा 4 द्वारा (5-1-1976 से प्रभावी)]
नए कानून में
CrPC 13BNSS 11
11. Special Judicial Magistrates.
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