धारा 477 · धारा 477. उच्च न्यायालय की नियम बनाने की शक्ति
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477. उच्च न्यायालय की नियम बनाने की शक्ति
(1) हर उच्च न्यायालय, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, निम्नलिखित के लिए नियम बना सकेगा—
(क) उन व्यक्तियों के बारे में जिन्हें अपने अधीनस्थ दंड न्यायालयों में अर्जीनवीस के रूप में कार्य करने की अनुज्ञा दी जा सकेगी;
(ख) ऐसे व्यक्तियों को अनुज्ञप्तियां देने का, उनके द्वारा कारबार के संचालन का और उनके द्वारा प्रभारित की जाने वाली फीसों की दर का विनियमन करने के लिए;
(ग) इस प्रकार बनाए गए नियमों में से किसी के उल्लंघन के लिए शास्ति उपबंधित करने के लिए और उस प्राधिकारी का अवधारण करने के लिए जिसके द्वारा ऐसे उल्लंघन का अन्वेषण किया जा सकेगा और शास्तियां अधिरोपित की जा सकेंगी;
(घ) किसी अन्य विषय के लिए जो विहित किया जाना अपेक्षित है या विहित किया जा सकता है।
(2) इस धारा के अधीन बनाए गए सब नियम राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे।
(1) हर उच्च न्यायालय, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, निम्नलिखित के लिए नियम बना सकेगा—
(क) उन व्यक्तियों के बारे में जिन्हें अपने अधीनस्थ दंड न्यायालयों में अर्जीनवीस के रूप में कार्य करने की अनुज्ञा दी जा सकेगी;
(ख) ऐसे व्यक्तियों को अनुज्ञप्तियां देने का, उनके द्वारा कारबार के संचालन का और उनके द्वारा प्रभारित की जाने वाली फीसों की दर का विनियमन करने के लिए;
(ग) इस प्रकार बनाए गए नियमों में से किसी के उल्लंघन के लिए शास्ति उपबंधित करने के लिए और उस प्राधिकारी का अवधारण करने के लिए जिसके द्वारा ऐसे उल्लंघन का अन्वेषण किया जा सकेगा और शास्तियां अधिरोपित की जा सकेंगी;
(घ) किसी अन्य विषय के लिए जो विहित किया जाना अपेक्षित है या विहित किया जा सकता है।
(2) इस धारा के अधीन बनाए गए सब नियम राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे।
नए कानून में
CrPC 477BNSS 523
523. Power of High Court to make rules.
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