धारा 383 · धारा 383. जब अपीलार्थी कारागार में हो तब प्रक्रिया
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383. जब अपीलार्थी कारागार में हो तब प्रक्रिया
यदि अपीलार्थी कारागार में है, तो वह अपनी अपील की अर्जी और उसके साथ की प्रतियां कारागार के भारसाधक अधिकारी को उपस्थित कर सकेगा, जो तब ऐसी अर्जी और प्रतियां उचित अपील न्यायालय को भेजेगा।
राज्य संशोधन
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप:
धारा 383 में, अंत में निम्नलिखित शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्:—
"अथवा यदि, मौसम, परिवहन या अन्य कठिनाइयों के कारण, उन्हें उचित अपील न्यायालय को भेजना संभव नहीं है, तो वे प्रशासक को अथवा उपखंड मजिस्ट्रेट की पंक्ति से अनिम्न किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट को भेजी जाएंगी, जो अपील की ऐसी अर्जी और प्रतियों की प्राप्ति पर उन पर उनकी प्राप्ति की तारीख अभिलिखित करेगा और तत्पश्चात् उन्हें उचित अपील न्यायालय को भेजेगा।"
[विनियम 1974 का 1, धारा 5 द्वारा (30-3-1974 से)]
यदि अपीलार्थी कारागार में है, तो वह अपनी अपील की अर्जी और उसके साथ की प्रतियां कारागार के भारसाधक अधिकारी को उपस्थित कर सकेगा, जो तब ऐसी अर्जी और प्रतियां उचित अपील न्यायालय को भेजेगा।
राज्य संशोधन
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप:
धारा 383 में, अंत में निम्नलिखित शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्:—
"अथवा यदि, मौसम, परिवहन या अन्य कठिनाइयों के कारण, उन्हें उचित अपील न्यायालय को भेजना संभव नहीं है, तो वे प्रशासक को अथवा उपखंड मजिस्ट्रेट की पंक्ति से अनिम्न किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट को भेजी जाएंगी, जो अपील की ऐसी अर्जी और प्रतियों की प्राप्ति पर उन पर उनकी प्राप्ति की तारीख अभिलिखित करेगा और तत्पश्चात् उन्हें उचित अपील न्यायालय को भेजेगा।"
[विनियम 1974 का 1, धारा 5 द्वारा (30-3-1974 से)]
नए कानून में
CrPC 383BNSS 424
424. Procedure when appellant in jail.
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