धारा 156 · धारा 156. संज्ञेय मामलों का अन्वेषण करने की पुलिस अधिकारी की शक्ति
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156. संज्ञेय मामलों का अन्वेषण करने की पुलिस अधिकारी की शक्ति
(1) पुलिस थाने का कोई भारसाधक अधिकारी, किसी मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना, ऐसे किसी संज्ञेय मामले का अन्वेषण कर सकेगा, जिसका जांच या विचारण करने की शक्ति ऐसे थाने की सीमाओं के भीतर के स्थानीय क्षेत्र पर अधिकारिता रखने वाले न्यायालय को अध्याय 13 के उपबंधों के अधीन होती।
(2) किसी ऐसे मामले में पुलिस अधिकारी की कोई कार्यवाही किसी भी प्रक्रम पर इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की जाएगी कि वह मामला ऐसा था, जिसका अन्वेषण करने के लिए ऐसा अधिकारी इस धारा के अधीन सशक्त नहीं था।
(3) धारा 190 के अधीन सशक्त कोई मजिस्ट्रेट ऐसे अन्वेषण का, जैसा ऊपर वर्णित है, आदेश दे सकेगा।
(1) पुलिस थाने का कोई भारसाधक अधिकारी, किसी मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना, ऐसे किसी संज्ञेय मामले का अन्वेषण कर सकेगा, जिसका जांच या विचारण करने की शक्ति ऐसे थाने की सीमाओं के भीतर के स्थानीय क्षेत्र पर अधिकारिता रखने वाले न्यायालय को अध्याय 13 के उपबंधों के अधीन होती।
(2) किसी ऐसे मामले में पुलिस अधिकारी की कोई कार्यवाही किसी भी प्रक्रम पर इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की जाएगी कि वह मामला ऐसा था, जिसका अन्वेषण करने के लिए ऐसा अधिकारी इस धारा के अधीन सशक्त नहीं था।
(3) धारा 190 के अधीन सशक्त कोई मजिस्ट्रेट ऐसे अन्वेषण का, जैसा ऊपर वर्णित है, आदेश दे सकेगा।
नए कानून में
CrPC 156BNSS 175
175. Police officer’s power to investigate cognizable case.
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