धारा 143 · धारा 143. मजिस्ट्रेट लोक न्यूसेंस की पुनरावृत्ति या उसे चालू रखने का प्रतिषेध कर सकेगा
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143. मजिस्ट्रेट लोक न्यूसेंस की पुनरावृत्ति या उसे चालू रखने का प्रतिषेध कर सकेगा
कोई जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट, या राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा इस निमित्त सशक्त किया गया कोई अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट, किसी व्यक्ति को यह आदेश दे सकेगा कि वह ऐसे लोक न्यूसेंस की, जैसा भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) में या किसी विशेष या स्थानीय विधि में परिभाषित है, पुनरावृत्ति न करे या उसे चालू न रखे।
कोई जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट, या राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा इस निमित्त सशक्त किया गया कोई अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट, किसी व्यक्ति को यह आदेश दे सकेगा कि वह ऐसे लोक न्यूसेंस की, जैसा भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) में या किसी विशेष या स्थानीय विधि में परिभाषित है, पुनरावृत्ति न करे या उसे चालू न रखे।
नए कानून में
CrPC 143BNSS 162
162. Magistrate may prohibit repetition or continuance of public nuisance.
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