धारा 124 · धारा 124. बंधपत्र की अनवसित अवधि के लिए प्रतिभूति
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124. बंधपत्र की अनवसित अवधि के लिए प्रतिभूति
(1) जब कोई व्यक्ति, जिसकी उपस्थिति के लिए धारा 121 की उपधारा (3) के परन्तुक के अधीन या धारा 123 की उपधारा (10) के अधीन समन या वारंट जारी किया गया है, मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या लाया जाता है, तब मजिस्ट्रेट या न्यायालय ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बंधपत्र को रद्द करेगा और ऐसे व्यक्ति को यह आदेश देगा कि वह ऐसे बंधपत्र की अवधि के अनवसित भाग के लिए मूल प्रतिभूति के समान ही प्रकार की नई प्रतिभूति दे।
(2) प्रत्येक ऐसा आदेश, धारा 120 से धारा 123 तक की धाराओं के (दोनों सहित) प्रयोजनों के लिए, यथास्थिति, धारा 106 या धारा 117 के अधीन किया गया आदेश समझा जाएगा।
(1) जब कोई व्यक्ति, जिसकी उपस्थिति के लिए धारा 121 की उपधारा (3) के परन्तुक के अधीन या धारा 123 की उपधारा (10) के अधीन समन या वारंट जारी किया गया है, मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या लाया जाता है, तब मजिस्ट्रेट या न्यायालय ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बंधपत्र को रद्द करेगा और ऐसे व्यक्ति को यह आदेश देगा कि वह ऐसे बंधपत्र की अवधि के अनवसित भाग के लिए मूल प्रतिभूति के समान ही प्रकार की नई प्रतिभूति दे।
(2) प्रत्येक ऐसा आदेश, धारा 120 से धारा 123 तक की धाराओं के (दोनों सहित) प्रयोजनों के लिए, यथास्थिति, धारा 106 या धारा 117 के अधीन किया गया आदेश समझा जाएगा।
नए कानून में
CrPC 124BNSS 143
143. Security for unexpired period of bond.
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संबंधित कानूनी धाराएँ
- संबंधितद.प्र.सं. §106धारा 106. दोषसिद्धि पर परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति
- संबंधितद.प्र.सं. §117धारा 117. प्रतिभूति देने का आदेश
- संबंधितद.प्र.सं. §120धारा 120. बंधपत्र की अंतर्वस्तु
- संबंधितद.प्र.सं. §121धारा 121. प्रतिभुओं को नामंजूर करने की शक्ति
- संबंधितद.प्र.सं. §123धारा 123. प्रतिभूति देने में असफल रहने के कारण कारावासित व्यक्तियों को छोड़ने की शक्ति
