धारा 368 · धारा 368. उच्च न्यायालय की दंडादेश की पुष्टि करने या दोषसिद्धि को अभिशून्य करने की शक्ति
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368. उच्च न्यायालय की दंडादेश की पुष्टि करने या दोषसिद्धि को अभिशून्य करने की शक्ति
धारा 366 के अधीन प्रस्तुत किसी मामले में उच्च न्यायालय—
(क) दंडादेश की पुष्टि कर सकेगा, अथवा विधि द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य दंडादेश दे सकेगा; अथवा
(ख) दोषसिद्धि को अभिशून्य कर सकेगा और अभियुक्त को ऐसे किसी अपराध का दोषसिद्ध कर सकेगा जिसका सेशन न्यायालय उसे दोषसिद्ध कर सकता था, अथवा उसी आरोप पर या संशोधित आरोप पर नए विचारण का आदेश दे सकेगा; अथवा
(ग) अभियुक्त व्यक्ति को दोषमुक्त कर सकेगा:
परन्तु पुष्टि का कोई आदेश इस धारा के अधीन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक अपील करने के लिए अनुज्ञात अवधि समाप्त न हो गई हो, अथवा यदि ऐसी अवधि के भीतर अपील उपस्थित की जाती है तो जब तक ऐसी अपील का निपटारा न हो गया हो।
धारा 366 के अधीन प्रस्तुत किसी मामले में उच्च न्यायालय—
(क) दंडादेश की पुष्टि कर सकेगा, अथवा विधि द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य दंडादेश दे सकेगा; अथवा
(ख) दोषसिद्धि को अभिशून्य कर सकेगा और अभियुक्त को ऐसे किसी अपराध का दोषसिद्ध कर सकेगा जिसका सेशन न्यायालय उसे दोषसिद्ध कर सकता था, अथवा उसी आरोप पर या संशोधित आरोप पर नए विचारण का आदेश दे सकेगा; अथवा
(ग) अभियुक्त व्यक्ति को दोषमुक्त कर सकेगा:
परन्तु पुष्टि का कोई आदेश इस धारा के अधीन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक अपील करने के लिए अनुज्ञात अवधि समाप्त न हो गई हो, अथवा यदि ऐसी अवधि के भीतर अपील उपस्थित की जाती है तो जब तक ऐसी अपील का निपटारा न हो गया हो।
नए कानून में
CrPC 368BNSS 409
409. Power of High Court to confirm sentence or annul conviction.
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