धारा 16 · धारा 16. महानगर मजिस्ट्रेटों के न्यायालय
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16. महानगर मजिस्ट्रेटों के न्यायालय
(1) हर महानगर क्षेत्र में महानगर मजिस्ट्रेटों के उतने न्यायालय और ऐसे स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे, जितने और जैसे राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे।
(2) ऐसे न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त किए जाएंगे।
(3) हर महानगर मजिस्ट्रेट की अधिकारिता और शक्तियों का विस्तार संपूर्ण महानगर क्षेत्र पर होगा।
राज्य संशोधन
उत्तर प्रदेश:
धारा 16 में, उपधारा (3) के पश्चात् निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्:—
"(4) जहां मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट का पद रिक्त है, या वह बीमारी, अनुपस्थिति या अन्यथा अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ है, वहां उस स्थान पर उपस्थित अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेटों और अन्य महानगर मजिस्ट्रेटों में से ज्येष्ठतम, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट का अत्यावश्यक कार्य निपटाएगा।"
[उत्तर प्रदेश अधिनियम 1984 का 1, धारा 4 द्वारा (1-5-1984 से प्रभावी)]
(1) हर महानगर क्षेत्र में महानगर मजिस्ट्रेटों के उतने न्यायालय और ऐसे स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे, जितने और जैसे राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे।
(2) ऐसे न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त किए जाएंगे।
(3) हर महानगर मजिस्ट्रेट की अधिकारिता और शक्तियों का विस्तार संपूर्ण महानगर क्षेत्र पर होगा।
राज्य संशोधन
उत्तर प्रदेश:
धारा 16 में, उपधारा (3) के पश्चात् निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्:—
"(4) जहां मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट का पद रिक्त है, या वह बीमारी, अनुपस्थिति या अन्यथा अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ है, वहां उस स्थान पर उपस्थित अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेटों और अन्य महानगर मजिस्ट्रेटों में से ज्येष्ठतम, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट का अत्यावश्यक कार्य निपटाएगा।"
[उत्तर प्रदेश अधिनियम 1984 का 1, धारा 4 द्वारा (1-5-1984 से प्रभावी)]
नए कानून में
CrPC 16BNSS DELETED
DELETED
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