धारा 317 · कुछ मामलों में अभियुक्तों की अनुपस्थिति में भी पूछताछ और मुकदमा चलाने का प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस संहिता के तहत किसी जांच या मुकदमे के किसी भी चरण में, यदि न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट, दर्ज किए जाने वाले कारणों से, संतुष्ट हो कि न्याय के हित में न्यायालय के समक्ष अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं है, या अभियुक्त न्यायालय की कार्यवाही में लगातार बाधा डालता है, तो न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट, यदि अभियुक्त का प्रतिनिधित्व किसी वकील द्वारा किया जाता है, तो उसकी उपस्थिति से छूट दे सकता है और उसकी अनुपस्थिति में ऐसी जांच या मुकदमा चला सकता है, और कार्यवाही के किसी भी बाद के चरण में, ऐसे अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश दे सकता है।
(2) यदि किसी ऐसे मामले में आरोपी का प्रतिनिधित्व किसी वकील द्वारा नहीं किया जाता है, या यदि न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट उसकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक समझता है, तो वह, यदि वह उचित समझे और अपने द्वारा दर्ज किए जाने वाले कारणों के साथ, ऐसी जांच या परीक्षण को स्थगित कर सकता है, या आदेश दे सकता है कि ऐसे आरोपी का मामला अलग से लिया जाए या अलग से सुना जाए।
राज्य संशोधन
गुजरात
मूल अधिनियम की धारा 317 में निम्नलिखित स्पष्टीकरण जोड़ा जाएगा, अर्थात्:
स्पष्टीकरण: - इस धारा के प्रयोजन के लिए “आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति” में धारा 273 में दिए गए प्रावधान के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वीडियो लिंकेज के माध्यम से उसकी उपस्थिति भी शामिल होगी।
[गुजरात अधिनियम 31, 2017, धारा 6 देखें ।]
(2) यदि किसी ऐसे मामले में आरोपी का प्रतिनिधित्व किसी वकील द्वारा नहीं किया जाता है, या यदि न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट उसकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक समझता है, तो वह, यदि वह उचित समझे और अपने द्वारा दर्ज किए जाने वाले कारणों के साथ, ऐसी जांच या परीक्षण को स्थगित कर सकता है, या आदेश दे सकता है कि ऐसे आरोपी का मामला अलग से लिया जाए या अलग से सुना जाए।
राज्य संशोधन
गुजरात
मूल अधिनियम की धारा 317 में निम्नलिखित स्पष्टीकरण जोड़ा जाएगा, अर्थात्:
स्पष्टीकरण: - इस धारा के प्रयोजन के लिए “आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति” में धारा 273 में दिए गए प्रावधान के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वीडियो लिंकेज के माध्यम से उसकी उपस्थिति भी शामिल होगी।
[गुजरात अधिनियम 31, 2017, धारा 6 देखें ।]
नए कानून में
CrPC 317BNSS 355
355. Provision for inquiries and trial being held in absence of accused in certain cases.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
