धारा 35 · धारा 35. न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों की शक्तियों का उनके पद-उत्तरवर्तियों द्वारा प्रयोक्तव्य होना
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35. न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों की शक्तियों का उनके पद-उत्तरवर्तियों द्वारा प्रयोक्तव्य होना
(1) इस संहिता के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट की शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग या पालन उसके पद-उत्तरवर्ती द्वारा किया जा सकेगा।
(2) जब इस बारे में कोई संदेह हो कि किसी अपर या सहायक सेशन न्यायाधीश का पद-उत्तरवर्ती कौन है, तब सेशन न्यायाधीश लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन न्यायाधीश, इस संहिता के या इसके अधीन की किसी कार्यवाही या किसी आदेश के प्रयोजनों के लिए, ऐसे अपर या सहायक सेशन न्यायाधीश का पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा।
(3) जब इस बारे में कोई संदेह हो कि किसी मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती कौन है, तब, यथास्थिति, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन मजिस्ट्रेट, इस संहिता के या इसके अधीन की किन्हीं कार्यवाहियों या किसी आदेश के प्रयोजनों के लिए, ऐसे मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा।
(1) इस संहिता के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट की शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग या पालन उसके पद-उत्तरवर्ती द्वारा किया जा सकेगा।
(2) जब इस बारे में कोई संदेह हो कि किसी अपर या सहायक सेशन न्यायाधीश का पद-उत्तरवर्ती कौन है, तब सेशन न्यायाधीश लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन न्यायाधीश, इस संहिता के या इसके अधीन की किसी कार्यवाही या किसी आदेश के प्रयोजनों के लिए, ऐसे अपर या सहायक सेशन न्यायाधीश का पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा।
(3) जब इस बारे में कोई संदेह हो कि किसी मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती कौन है, तब, यथास्थिति, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन मजिस्ट्रेट, इस संहिता के या इसके अधीन की किन्हीं कार्यवाहियों या किसी आदेश के प्रयोजनों के लिए, ऐसे मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा।
नए कानून में
CrPC 35BNSS 29
29. Powers of Judges and Magistrates exercisable by their successors-in-office.
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