CGST Act 93अध्याय XVI · Liability to Pay in Certain Cases
धारा 93 · कुछ मामलों में कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने की देयता से संबंधित विशेष प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) दिवालियापन एवं दिवालिया संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, जहां इस अधिनियम के तहत कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी कोई व्यक्ति मर जाता है, तो---
(क) यदि किसी व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा व्यवसाय उसकी मृत्यु के बाद उसके विधि प्रतिनिधि या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जारी रखा जाता है, तो ऐसा विधि प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति इस अधिनियम के तहत उस व्यक्ति से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा; और
(ख) यदि किसी व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा व्यवसाय उसकी मृत्यु से पहले या बाद में बंद हो जाता है, तो उसका कानूनी प्रतिनिधि मृतक की संपत्ति में से, उस सीमा तक जहाँ तक संपत्ति प्रभार को पूरा करने में सक्षम है, इस अधिनियम के तहत उस व्यक्ति से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा।
चाहे ऐसा कर, ब्याज या जुर्माना उसकी मृत्यु से पहले निर्धारित किया गया हो लेकिन उसका भुगतान न किया गया हो या उसकी मृत्यु के बाद निर्धारित किया गया हो।
(2) दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, जहां इस अधिनियम के तहत कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी करयोग्य व्यक्ति एक हिंदू अविभाजित परिवार या व्यक्तियों का संघ है और हिंदू अविभाजित परिवार या व्यक्तियों के संघ की संपत्ति का विभिन्न सदस्यों या सदस्यों के समूहों के बीच विभाजन किया जाता है, तो प्रत्येक सदस्य या सदस्यों का समूह, संयुक्त रूप से और अलग-अलग, विभाजन के समय तक इस अधिनियम के तहत करयोग्य व्यक्ति से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा, चाहे ऐसा कर, जुर्माना या ब्याज विभाजन से पहले निर्धारित किया गया हो लेकिन अदा न किया गया हो या विभाजन के बाद निर्धारित किया गया हो।
(3) दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, जहां इस अधिनियम के तहत कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी कर योग्य व्यक्ति एक फर्म है, और फर्म भंग हो जाती है, तो प्रत्येक व्यक्ति जो साझेदार था, संयुक्त रूप से और अलग-अलग रूप से, विघटन के समय तक इस अधिनियम के तहत फर्म से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा, चाहे ऐसा कर, ब्याज या जुर्माना विघटन से पहले निर्धारित किया गया हो, लेकिन अदा नहीं किया गया हो या विघटन के बाद निर्धारित किया गया हो।
(4) दिवालियापन और दिवालिया संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, जहां कोई कर योग्य व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी है,--
(क) किसी ऐसे आश्रित का अभिभावक है जिसकी ओर से अभिभावक द्वारा व्यवसाय चलाया जाता है; या
(ख) वह न्यासी है जो किसी लाभार्थी के लिए न्यास के तहत व्यवसाय संचालित करता है,
फिर, यदि संरक्षकता या न्यास समाप्त हो जाता है, तो आश्रित या लाभार्थी कर योग्य व्यक्ति से संरक्षकता या न्यास की समाप्ति तक देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा, चाहे ऐसा कर, ब्याज या जुर्माना संरक्षकता या न्यास की समाप्ति से पहले निर्धारित किया गया हो लेकिन अदा न किया गया हो या उसके बाद निर्धारित किया गया हो।
(क) यदि किसी व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा व्यवसाय उसकी मृत्यु के बाद उसके विधि प्रतिनिधि या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जारी रखा जाता है, तो ऐसा विधि प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति इस अधिनियम के तहत उस व्यक्ति से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा; और
(ख) यदि किसी व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा व्यवसाय उसकी मृत्यु से पहले या बाद में बंद हो जाता है, तो उसका कानूनी प्रतिनिधि मृतक की संपत्ति में से, उस सीमा तक जहाँ तक संपत्ति प्रभार को पूरा करने में सक्षम है, इस अधिनियम के तहत उस व्यक्ति से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा।
चाहे ऐसा कर, ब्याज या जुर्माना उसकी मृत्यु से पहले निर्धारित किया गया हो लेकिन उसका भुगतान न किया गया हो या उसकी मृत्यु के बाद निर्धारित किया गया हो।
(2) दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, जहां इस अधिनियम के तहत कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी करयोग्य व्यक्ति एक हिंदू अविभाजित परिवार या व्यक्तियों का संघ है और हिंदू अविभाजित परिवार या व्यक्तियों के संघ की संपत्ति का विभिन्न सदस्यों या सदस्यों के समूहों के बीच विभाजन किया जाता है, तो प्रत्येक सदस्य या सदस्यों का समूह, संयुक्त रूप से और अलग-अलग, विभाजन के समय तक इस अधिनियम के तहत करयोग्य व्यक्ति से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा, चाहे ऐसा कर, जुर्माना या ब्याज विभाजन से पहले निर्धारित किया गया हो लेकिन अदा न किया गया हो या विभाजन के बाद निर्धारित किया गया हो।
(3) दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, जहां इस अधिनियम के तहत कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी कर योग्य व्यक्ति एक फर्म है, और फर्म भंग हो जाती है, तो प्रत्येक व्यक्ति जो साझेदार था, संयुक्त रूप से और अलग-अलग रूप से, विघटन के समय तक इस अधिनियम के तहत फर्म से देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा, चाहे ऐसा कर, ब्याज या जुर्माना विघटन से पहले निर्धारित किया गया हो, लेकिन अदा नहीं किया गया हो या विघटन के बाद निर्धारित किया गया हो।
(4) दिवालियापन और दिवालिया संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, जहां कोई कर योग्य व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी है,--
(क) किसी ऐसे आश्रित का अभिभावक है जिसकी ओर से अभिभावक द्वारा व्यवसाय चलाया जाता है; या
(ख) वह न्यासी है जो किसी लाभार्थी के लिए न्यास के तहत व्यवसाय संचालित करता है,
फिर, यदि संरक्षकता या न्यास समाप्त हो जाता है, तो आश्रित या लाभार्थी कर योग्य व्यक्ति से संरक्षकता या न्यास की समाप्ति तक देय कर, ब्याज या जुर्माना अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा, चाहे ऐसा कर, ब्याज या जुर्माना संरक्षकता या न्यास की समाप्ति से पहले निर्धारित किया गया हो लेकिन अदा न किया गया हो या उसके बाद निर्धारित किया गया हो।
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