CGST Act 67अध्याय XIV · Inspection, Search, Seizure and Arrest
धारा 67 · निरीक्षण, तलाशी और ज़ब्ती का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ संयुक्त आयुक्त के पद से नीचे के उचित अधिकारी को यह विश्वास करने का कारण हो कि--
(क) किसी कर योग्य व्यक्ति ने माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति से संबंधित किसी लेन-देन या हाथ में मौजूद माल के भंडार को छुपाया है, या इस अधिनियम के तहत अपने हक से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया है, या इस अधिनियम के तहत कर से बचने के लिए इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के किसी प्रावधान का उल्लंघन किया है; या
(ख) माल परिवहन के व्यवसाय में लगा कोई व्यक्ति या गोदाम या किसी अन्य स्थान का स्वामी या संचालक, यदि वह ऐसा माल रखता है जिस पर कर का भुगतान नहीं हुआ है या उसने अपने खाते या माल को इस प्रकार रखा है जिससे इस अधिनियम के तहत देय कर की चोरी होने की संभावना है।
वह कर योग्य व्यक्ति के किसी भी व्यावसायिक स्थान या माल परिवहन के व्यवसाय में लगे व्यक्तियों या गोदाम या वेयरहाउस के स्वामी या संचालक या किसी अन्य स्थान का निरीक्षण करने के लिए केंद्रीय कर के किसी अन्य अधिकारी को लिखित रूप में अधिकृत कर सकता है।
(2) जहाँ संयुक्त आयुक्त से कम रैंक के उचित अधिकारी को, उप-धारा (1) के तहत किए गए निरीक्षण के परिणामस्वरूप या अन्यथा, यह विश्वास करने का कारण हो कि कोई भी माल जो ज़ब्ती के योग्य हो, या कोई दस्तावेज़, पुस्तकें या वस्तुएँ, जो उसकी राय में इस अधिनियम के तहत किसी भी कार्यवाही के लिए उपयोगी या प्रासंगिक हों, किसी स्थान पर छिपाई गई हैं, तो वह केंद्रीय कर के किसी अन्य अधिकारी को लिखित रूप में खोज और ज़ब्ती करने के लिए अधिकृत कर सकता है या स्वयं ऐसी वस्तुओं, दस्तावेजों, पुस्तकों या वस्तुओं की खोज और ज़ब्ती कर सकता है:
बशर्ते कि यदि ऐसी किसी वस्तु को जब्त करना व्यावहारिक न हो, तो उचित अधिकारी या उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, वस्तु के स्वामी या संरक्षक को यह आदेश दे सकता है कि वह ऐसी वस्तु को उस अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना न तो हटाए, न ही किसी अन्य प्रकार से उससे संबंधित कोई व्यवहार करे।
इसके अलावा, जब्त किए गए दस्तावेजों, पुस्तकों या वस्तुओं को ऐसे अधिकारी द्वारा केवल उतनी ही अवधि तक रखा जाएगा जितनी इस अधिनियम के तहत उनकी जांच और किसी भी पूछताछ या कार्यवाही के लिए आवश्यक हो।
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट दस्तावेज, पुस्तकें या वस्तुएं, या किसी कर योग्य व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए गए कोई अन्य दस्तावेज, पुस्तकें या वस्तुएं, जिन पर इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत नोटिस जारी करने के लिए भरोसा नहीं किया गया है, उक्त नोटिस जारी होने की तिथि से तीस दिनों से अधिक की अवधि के भीतर ऐसे व्यक्ति को लौटा दी जाएंगी।
(4) उपधारा (2) के अधीन अधिकृत अधिकारी को किसी परिसर का दरवाजा सील करने या तोड़ने या किसी अलमारी , इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बॉक्स, पात्र को तोड़ने का अधिकार होगा जिसमें किसी व्यक्ति का कोई सामान, खाते, रजिस्टर या दस्तावेज छिपा होने का संदेह हो, जहां ऐसे परिसर, अलमारी , इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बॉक्स या पात्र तक पहुंच से इनकार किया गया हो।
(5) जिस व्यक्ति की हिरासत से उप-धारा (2) के अधीन कोई दस्तावेज जब्त किए जाते हैं, वह अधिकृत अधिकारी की उपस्थिति में, ऐसे स्थान और समय पर, जैसा कि अधिकारी इस संबंध में इंगित करे, उनकी प्रतियां बनाने या उनसे अंश निकालने का हकदार होगा, सिवाय इसके कि जहां उचित अधिकारी की राय में ऐसी प्रतियां बनाना या ऐसे अंश निकालना जांच को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।
(6) उपधारा (2) के तहत जब्त की गई वस्तुओं को अस्थायी आधार पर बांड निष्पादित करने और सुरक्षा प्रस्तुत करने पर, क्रमशः ऐसे तरीके से और ऐसी मात्रा में, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, या लागू कर, ब्याज और देय जुर्माने के भुगतान पर, जैसा भी मामला हो, जारी किया जाएगा।
(7) यदि उपधारा (2) के अंतर्गत कोई माल जब्त किया जाता है और जब्ती के छह महीने के भीतर इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी जाती है, तो वह माल उस व्यक्ति को लौटा दिया जाएगा जिसके कब्जे से उसे जब्त किया गया था।
बशर्ते कि पर्याप्त कारण बताए जाने पर उचित अधिकारी द्वारा छह महीने की अवधि को अधिकतम छह महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है।
(8) सरकार किसी भी माल की नाशवान या खतरनाक प्रकृति, समय बीतने के साथ माल के मूल्य में होने वाली कमी, माल के भंडारण स्थान की कमी या किसी अन्य प्रासंगिक विचार को ध्यान में रखते हुए, अधिसूचना द्वारा उन माल या माल के वर्ग को निर्दिष्ट कर सकती है, जिन्हें उप-धारा (2) के तहत जब्त किए जाने के बाद यथाशीघ्र उचित अधिकारी द्वारा निर्धारित तरीके से निपटाया जाएगा।
(9) जहाँ उपधारा (8) के अधीन निर्दिष्ट माल किसी उचित अधिकारी या उसके द्वारा उपधारा (2) के अधीन अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा जब्त किया गया हो, तो वह ऐसे माल की सूची इस प्रकार तैयार करेगा जैसे निर्धारित की जाए।
(10) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के तलाशी एवं जब्ती से संबंधित प्रावधान, जहां तक संभव हो, इस धारा के तहत तलाशी एवं जब्ती पर लागू होंगे, इस संशोधन के अधीन कि उक्त संहिता की धारा 165 की उपधारा (5) इस प्रकार प्रभावी होगी मानो जहां कहीं भी “मजिस्ट्रेट” शब्द आता है, उसके स्थान पर “आयुक्त” शब्द प्रतिस्थापित किया गया हो।
(11) यदि उचित अधिकारी को यह विश्वास करने का कारण हो कि किसी व्यक्ति ने किसी कर के भुगतान से बचने का प्रयास किया है या कर के भुगतान से बचने का प्रयास कर रहा है, तो वह लिखित में कारण दर्ज करते हुए, उसके समक्ष प्रस्तुत किए गए ऐसे व्यक्ति के खातों, रजिस्टरों या दस्तावेजों को जब्त कर सकता है और उसकी रसीद जारी करेगा तथा इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत किसी भी कार्यवाही के संबंध में अभियोजन के लिए जितनी देर आवश्यक हो, उतनी देर तक उन्हें अपने पास रखेगा।
(12) आयुक्त या उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, किसी करयोग्य व्यक्ति के व्यापारिक परिसर से उसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा किसी वस्तु या सेवा या दोनों की खरीद करवा सकता है, ताकि ऐसे करयोग्य व्यक्ति द्वारा जारी किए गए कर चालान या आपूर्ति बिलों की जाँच की जा सके, और ऐसे अधिकारी द्वारा खरीदी गई वस्तुओं की वापसी पर, ऐसा करयोग्य व्यक्ति या व्यापारिक परिसर का प्रभारी कोई व्यक्ति पहले जारी किए गए किसी भी कर चालान या आपूर्ति बिल को रद्द करने के बाद, वस्तुओं के लिए भुगतान की गई राशि वापस कर देगा।
(क) किसी कर योग्य व्यक्ति ने माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति से संबंधित किसी लेन-देन या हाथ में मौजूद माल के भंडार को छुपाया है, या इस अधिनियम के तहत अपने हक से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया है, या इस अधिनियम के तहत कर से बचने के लिए इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के किसी प्रावधान का उल्लंघन किया है; या
(ख) माल परिवहन के व्यवसाय में लगा कोई व्यक्ति या गोदाम या किसी अन्य स्थान का स्वामी या संचालक, यदि वह ऐसा माल रखता है जिस पर कर का भुगतान नहीं हुआ है या उसने अपने खाते या माल को इस प्रकार रखा है जिससे इस अधिनियम के तहत देय कर की चोरी होने की संभावना है।
वह कर योग्य व्यक्ति के किसी भी व्यावसायिक स्थान या माल परिवहन के व्यवसाय में लगे व्यक्तियों या गोदाम या वेयरहाउस के स्वामी या संचालक या किसी अन्य स्थान का निरीक्षण करने के लिए केंद्रीय कर के किसी अन्य अधिकारी को लिखित रूप में अधिकृत कर सकता है।
(2) जहाँ संयुक्त आयुक्त से कम रैंक के उचित अधिकारी को, उप-धारा (1) के तहत किए गए निरीक्षण के परिणामस्वरूप या अन्यथा, यह विश्वास करने का कारण हो कि कोई भी माल जो ज़ब्ती के योग्य हो, या कोई दस्तावेज़, पुस्तकें या वस्तुएँ, जो उसकी राय में इस अधिनियम के तहत किसी भी कार्यवाही के लिए उपयोगी या प्रासंगिक हों, किसी स्थान पर छिपाई गई हैं, तो वह केंद्रीय कर के किसी अन्य अधिकारी को लिखित रूप में खोज और ज़ब्ती करने के लिए अधिकृत कर सकता है या स्वयं ऐसी वस्तुओं, दस्तावेजों, पुस्तकों या वस्तुओं की खोज और ज़ब्ती कर सकता है:
बशर्ते कि यदि ऐसी किसी वस्तु को जब्त करना व्यावहारिक न हो, तो उचित अधिकारी या उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, वस्तु के स्वामी या संरक्षक को यह आदेश दे सकता है कि वह ऐसी वस्तु को उस अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना न तो हटाए, न ही किसी अन्य प्रकार से उससे संबंधित कोई व्यवहार करे।
इसके अलावा, जब्त किए गए दस्तावेजों, पुस्तकों या वस्तुओं को ऐसे अधिकारी द्वारा केवल उतनी ही अवधि तक रखा जाएगा जितनी इस अधिनियम के तहत उनकी जांच और किसी भी पूछताछ या कार्यवाही के लिए आवश्यक हो।
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट दस्तावेज, पुस्तकें या वस्तुएं, या किसी कर योग्य व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए गए कोई अन्य दस्तावेज, पुस्तकें या वस्तुएं, जिन पर इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत नोटिस जारी करने के लिए भरोसा नहीं किया गया है, उक्त नोटिस जारी होने की तिथि से तीस दिनों से अधिक की अवधि के भीतर ऐसे व्यक्ति को लौटा दी जाएंगी।
(4) उपधारा (2) के अधीन अधिकृत अधिकारी को किसी परिसर का दरवाजा सील करने या तोड़ने या किसी अलमारी , इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बॉक्स, पात्र को तोड़ने का अधिकार होगा जिसमें किसी व्यक्ति का कोई सामान, खाते, रजिस्टर या दस्तावेज छिपा होने का संदेह हो, जहां ऐसे परिसर, अलमारी , इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बॉक्स या पात्र तक पहुंच से इनकार किया गया हो।
(5) जिस व्यक्ति की हिरासत से उप-धारा (2) के अधीन कोई दस्तावेज जब्त किए जाते हैं, वह अधिकृत अधिकारी की उपस्थिति में, ऐसे स्थान और समय पर, जैसा कि अधिकारी इस संबंध में इंगित करे, उनकी प्रतियां बनाने या उनसे अंश निकालने का हकदार होगा, सिवाय इसके कि जहां उचित अधिकारी की राय में ऐसी प्रतियां बनाना या ऐसे अंश निकालना जांच को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।
(6) उपधारा (2) के तहत जब्त की गई वस्तुओं को अस्थायी आधार पर बांड निष्पादित करने और सुरक्षा प्रस्तुत करने पर, क्रमशः ऐसे तरीके से और ऐसी मात्रा में, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, या लागू कर, ब्याज और देय जुर्माने के भुगतान पर, जैसा भी मामला हो, जारी किया जाएगा।
(7) यदि उपधारा (2) के अंतर्गत कोई माल जब्त किया जाता है और जब्ती के छह महीने के भीतर इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी जाती है, तो वह माल उस व्यक्ति को लौटा दिया जाएगा जिसके कब्जे से उसे जब्त किया गया था।
बशर्ते कि पर्याप्त कारण बताए जाने पर उचित अधिकारी द्वारा छह महीने की अवधि को अधिकतम छह महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है।
(8) सरकार किसी भी माल की नाशवान या खतरनाक प्रकृति, समय बीतने के साथ माल के मूल्य में होने वाली कमी, माल के भंडारण स्थान की कमी या किसी अन्य प्रासंगिक विचार को ध्यान में रखते हुए, अधिसूचना द्वारा उन माल या माल के वर्ग को निर्दिष्ट कर सकती है, जिन्हें उप-धारा (2) के तहत जब्त किए जाने के बाद यथाशीघ्र उचित अधिकारी द्वारा निर्धारित तरीके से निपटाया जाएगा।
(9) जहाँ उपधारा (8) के अधीन निर्दिष्ट माल किसी उचित अधिकारी या उसके द्वारा उपधारा (2) के अधीन अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा जब्त किया गया हो, तो वह ऐसे माल की सूची इस प्रकार तैयार करेगा जैसे निर्धारित की जाए।
(10) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के तलाशी एवं जब्ती से संबंधित प्रावधान, जहां तक संभव हो, इस धारा के तहत तलाशी एवं जब्ती पर लागू होंगे, इस संशोधन के अधीन कि उक्त संहिता की धारा 165 की उपधारा (5) इस प्रकार प्रभावी होगी मानो जहां कहीं भी “मजिस्ट्रेट” शब्द आता है, उसके स्थान पर “आयुक्त” शब्द प्रतिस्थापित किया गया हो।
(11) यदि उचित अधिकारी को यह विश्वास करने का कारण हो कि किसी व्यक्ति ने किसी कर के भुगतान से बचने का प्रयास किया है या कर के भुगतान से बचने का प्रयास कर रहा है, तो वह लिखित में कारण दर्ज करते हुए, उसके समक्ष प्रस्तुत किए गए ऐसे व्यक्ति के खातों, रजिस्टरों या दस्तावेजों को जब्त कर सकता है और उसकी रसीद जारी करेगा तथा इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत किसी भी कार्यवाही के संबंध में अभियोजन के लिए जितनी देर आवश्यक हो, उतनी देर तक उन्हें अपने पास रखेगा।
(12) आयुक्त या उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, किसी करयोग्य व्यक्ति के व्यापारिक परिसर से उसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा किसी वस्तु या सेवा या दोनों की खरीद करवा सकता है, ताकि ऐसे करयोग्य व्यक्ति द्वारा जारी किए गए कर चालान या आपूर्ति बिलों की जाँच की जा सके, और ऐसे अधिकारी द्वारा खरीदी गई वस्तुओं की वापसी पर, ऐसा करयोग्य व्यक्ति या व्यापारिक परिसर का प्रभारी कोई व्यक्ति पहले जारी किए गए किसी भी कर चालान या आपूर्ति बिल को रद्द करने के बाद, वस्तुओं के लिए भुगतान की गई राशि वापस कर देगा।
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