CGST Act 159अध्याय XXI · Miscellaneous
धारा 159 · कुछ मामलों में व्यक्तियों से संबंधित जानकारी का प्रकाशन।
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(1) यदि आयुक्त, या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई अन्य अधिकारी, इस राय का हो कि किसी व्यक्ति का नाम और इस अधिनियम के अंतर्गत किसी कार्यवाही या अभियोजन से संबंधित कोई अन्य विवरण प्रकाशित करना जनहित में आवश्यक या उचित हो, तो वह ऐसे नाम और विवरण को ऐसे तरीके से प्रकाशित करवा सकता है जैसा वह उचित समझे।
(2) इस अधिनियम के तहत लगाए गए किसी भी दंड के संबंध में इस धारा के तहत कोई प्रकाशन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि धारा 107 के तहत अपीलीय प्राधिकारी को अपील प्रस्तुत करने का समय अपील प्रस्तुत किए बिना समाप्त न हो जाए या यदि अपील प्रस्तुत की गई है तो उसका निपटारा न हो जाए।
स्पष्टीकरण .-- किसी फर्म, कंपनी या व्यक्तियों के अन्य संघ के मामले में, फर्म के साझेदारों, निदेशकों, प्रबंध एजेंटों, सचिवों और कोषाध्यक्षों या कंपनी के प्रबंधकों, या संघ के सदस्यों के नाम, जैसा भी मामला हो, प्रकाशित किए जा सकते हैं, यदि आयुक्त या इस संबंध में उनके द्वारा अधिकृत किसी अन्य अधिकारी की राय में, मामले की परिस्थितियाँ इसे उचित ठहराती हों।
(2) इस अधिनियम के तहत लगाए गए किसी भी दंड के संबंध में इस धारा के तहत कोई प्रकाशन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि धारा 107 के तहत अपीलीय प्राधिकारी को अपील प्रस्तुत करने का समय अपील प्रस्तुत किए बिना समाप्त न हो जाए या यदि अपील प्रस्तुत की गई है तो उसका निपटारा न हो जाए।
स्पष्टीकरण .-- किसी फर्म, कंपनी या व्यक्तियों के अन्य संघ के मामले में, फर्म के साझेदारों, निदेशकों, प्रबंध एजेंटों, सचिवों और कोषाध्यक्षों या कंपनी के प्रबंधकों, या संघ के सदस्यों के नाम, जैसा भी मामला हो, प्रकाशित किए जा सकते हैं, यदि आयुक्त या इस संबंध में उनके द्वारा अधिकृत किसी अन्य अधिकारी की राय में, मामले की परिस्थितियाँ इसे उचित ठहराती हों।
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