CGST Act 161अध्याय XXI · Miscellaneous
धारा 161 · अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली त्रुटियों का सुधार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
धारा 160 के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, और इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी भी बात के बावजूद, कोई भी प्राधिकारी, जिसने कोई निर्णय, आदेश, सूचना, प्रमाण पत्र या कोई अन्य दस्तावेज पारित या जारी किया है, ऐसे निर्णय, आदेश, सूचना, प्रमाण पत्र या किसी अन्य दस्तावेज में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली किसी भी त्रुटि को, या तो स्वयं ही, या यदि ऐसी त्रुटि इस अधिनियम के तहत नियुक्त किसी अधिकारी, या राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के तहत नियुक्त किसी अधिकारी, या केंद्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के तहत नियुक्त किसी अधिकारी, या प्रभावित व्यक्ति द्वारा ऐसे निर्णय, आदेश, सूचना, प्रमाण पत्र या किसी अन्य दस्तावेज के जारी होने की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर उसके संज्ञान में लाई जाती है, तो सुधार सकता है।
बशर्ते कि ऐसे निर्णय, आदेश, सूचना, प्रमाण पत्र या किसी अन्य दस्तावेज के जारी होने की तारीख से छह महीने की अवधि के बाद ऐसा कोई सुधार नहीं किया जाएगा:
इसके अलावा, उक्त छह महीने की अवधि ऐसे मामलों में लागू नहीं होगी जहां सुधार विशुद्ध रूप से किसी आकस्मिक चूक या गलती से उत्पन्न लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटि के सुधार के रूप में हो:
इसके अलावा, यदि इस प्रकार के सुधार से किसी व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो सुधार करने वाले प्राधिकारी द्वारा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाएगा।
बशर्ते कि ऐसे निर्णय, आदेश, सूचना, प्रमाण पत्र या किसी अन्य दस्तावेज के जारी होने की तारीख से छह महीने की अवधि के बाद ऐसा कोई सुधार नहीं किया जाएगा:
इसके अलावा, उक्त छह महीने की अवधि ऐसे मामलों में लागू नहीं होगी जहां सुधार विशुद्ध रूप से किसी आकस्मिक चूक या गलती से उत्पन्न लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटि के सुधार के रूप में हो:
इसके अलावा, यदि इस प्रकार के सुधार से किसी व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो सुधार करने वाले प्राधिकारी द्वारा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाएगा।
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