CGST Act 103अध्याय XVII · Advance Ruling
धारा 103 · अग्रिम निर्णय की प्रयोज्यता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय के अंतर्गत प्राधिकारी या अपीलीय प्राधिकारी द्वारा सुनाया गया अग्रिम निर्णय केवल बाध्यकारी होगा---
(क) आवेदक पर, जिसने धारा 97 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट किसी मामले के संबंध में अग्रिम निर्णय मांगा हो;
(ख) आवेदक के संबंध में संबंधित अधिकारी या अधिकार क्षेत्र अधिकारी पर।
1 [(1ए) इस अध्याय के अंतर्गत राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा सुनाया गया अग्रिम निर्णय निम्नलिखित पर बाध्यकारी होगा---
(क) आवेदक, जो अलग-अलग व्यक्ति हैं, जिन्होंने धारा 101बी की उपधारा (1) के तहत निर्णय मांगा था और आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी किए गए समान स्थायी खाता संख्या वाले सभी पंजीकृत व्यक्ति;
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट आवेदकों के संबंध में संबंधित अधिकारी और क्षेत्राधिकार अधिकारी तथा आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी समान स्थायी खाता संख्या वाले पंजीकृत व्यक्ति।]
(2) उपधारा (1) 1 [और उपधारा (1ए) ] में निर्दिष्ट अग्रिम निर्णय बाध्यकारी होगा, जब तक कि मूल अग्रिम निर्णय का समर्थन करने वाले कानून, तथ्य या परिस्थितियाँ न बदल गई हों।
(क) आवेदक पर, जिसने धारा 97 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट किसी मामले के संबंध में अग्रिम निर्णय मांगा हो;
(ख) आवेदक के संबंध में संबंधित अधिकारी या अधिकार क्षेत्र अधिकारी पर।
1 [(1ए) इस अध्याय के अंतर्गत राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा सुनाया गया अग्रिम निर्णय निम्नलिखित पर बाध्यकारी होगा---
(क) आवेदक, जो अलग-अलग व्यक्ति हैं, जिन्होंने धारा 101बी की उपधारा (1) के तहत निर्णय मांगा था और आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी किए गए समान स्थायी खाता संख्या वाले सभी पंजीकृत व्यक्ति;
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट आवेदकों के संबंध में संबंधित अधिकारी और क्षेत्राधिकार अधिकारी तथा आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी समान स्थायी खाता संख्या वाले पंजीकृत व्यक्ति।]
(2) उपधारा (1) 1 [और उपधारा (1ए) ] में निर्दिष्ट अग्रिम निर्णय बाध्यकारी होगा, जब तक कि मूल अग्रिम निर्णय का समर्थन करने वाले कानून, तथ्य या परिस्थितियाँ न बदल गई हों।
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