CGST Act 89अध्याय XVI · Liability to Pay in Certain Cases
धारा 89 · निजी कंपनी के निदेशकों की देयता।
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(1) कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी निजी कंपनी से माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में किसी अवधि के लिए देय कोई कर, ब्याज या जुर्माना वसूल नहीं किया जा सकता है, तो प्रत्येक व्यक्ति जो उस अवधि के दौरान निजी कंपनी का निदेशक था, ऐसे कर, ब्याज या जुर्माने के भुगतान के लिए संयुक्त रूप से और अलग-अलग रूप से उत्तरदायी होगा, जब तक कि वह यह सिद्ध न कर दे कि वसूली न होने का कारण कंपनी के मामलों के संबंध में उसकी ओर से किसी घोर लापरवाही, कदाचार या कर्तव्य का उल्लंघन नहीं है।
(2) यदि कोई निजी कंपनी सार्वजनिक कंपनी में परिवर्तित हो जाती है और किसी अवधि के लिए, जिस दौरान ऐसी कंपनी निजी कंपनी थी, माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में कर, ब्याज या जुर्माना ऐसे परिवर्तन से पहले वसूल नहीं किया जा सकता है, तो उप-धारा (1) में निहित कोई भी बात ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होगी जो ऐसी निजी कंपनी का निदेशक था, ऐसी निजी कंपनी के माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में किसी कर, ब्याज या जुर्माने के संबंध में।
परंतु इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे निदेशक पर लगाए गए किसी भी व्यक्तिगत दंड पर लागू नहीं होगी।
(2) यदि कोई निजी कंपनी सार्वजनिक कंपनी में परिवर्तित हो जाती है और किसी अवधि के लिए, जिस दौरान ऐसी कंपनी निजी कंपनी थी, माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में कर, ब्याज या जुर्माना ऐसे परिवर्तन से पहले वसूल नहीं किया जा सकता है, तो उप-धारा (1) में निहित कोई भी बात ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होगी जो ऐसी निजी कंपनी का निदेशक था, ऐसी निजी कंपनी के माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में किसी कर, ब्याज या जुर्माने के संबंध में।
परंतु इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे निदेशक पर लगाए गए किसी भी व्यक्तिगत दंड पर लागू नहीं होगी।
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