CGST Act 126अध्याय XIX · Offences and Penalitis
धारा 126 · दंड से संबंधित सामान्य अनुशासन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अंतर्गत कोई भी अधिकारी कर नियमों या प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं के मामूली उल्लंघनों के लिए, और विशेष रूप से दस्तावेज़ीकरण में किसी चूक या गलती के लिए, जो आसानी से सुधारा जा सकता है और धोखाधड़ी के इरादे या घोर लापरवाही के बिना किया गया हो, कोई दंड नहीं लगाएगा।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजन के लिए,---
(क) यदि कर की राशि पाँच हजार रुपये से कम है तो उल्लंघन को 'मामूली उल्लंघन' माना जाएगा;
(ख) दस्तावेज़ीकरण में कोई चूक या गलती आसानी से सुधार योग्य मानी जाएगी यदि वह रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली त्रुटि हो।
(2) इस अधिनियम के तहत लगाया गया दंड प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा और उल्लंघन की डिग्री और गंभीरता के अनुरूप होगा।
(3) किसी व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना उस पर कोई दंड नहीं लगाया जाएगा।
(4) इस अधिनियम के अधीन अधिकारी किसी कानून, नियम या प्रक्रियात्मक आवश्यकता के उल्लंघन के लिए आदेश में दंड लगाते समय उल्लंघन की प्रकृति और लागू कानून, नियम या प्रक्रिया का उल्लेख करेगा जिसके तहत उल्लंघन के लिए दंड की राशि निर्दिष्ट की गई है।
(5) जब कोई व्यक्ति इस अधिनियम के तहत किसी अधिकारी को कर कानून, विनियमन या प्रक्रियात्मक आवश्यकता के उल्लंघन की परिस्थितियों का खुलासा इस अधिनियम के तहत अधिकारी द्वारा उल्लंघन का पता चलने से पहले स्वेच्छा से करता है, तो उचित अधिकारी उस व्यक्ति के लिए दंड निर्धारित करते समय इस तथ्य को कम करने वाले कारक के रूप में विचार कर सकता है।
(6) इस धारा के प्रावधान ऐसे मामलों में लागू नहीं होंगे जहां इस अधिनियम के तहत निर्दिष्ट दंड या तो एक निश्चित राशि हो या एक निश्चित प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया गया हो।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजन के लिए,---
(क) यदि कर की राशि पाँच हजार रुपये से कम है तो उल्लंघन को 'मामूली उल्लंघन' माना जाएगा;
(ख) दस्तावेज़ीकरण में कोई चूक या गलती आसानी से सुधार योग्य मानी जाएगी यदि वह रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली त्रुटि हो।
(2) इस अधिनियम के तहत लगाया गया दंड प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा और उल्लंघन की डिग्री और गंभीरता के अनुरूप होगा।
(3) किसी व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना उस पर कोई दंड नहीं लगाया जाएगा।
(4) इस अधिनियम के अधीन अधिकारी किसी कानून, नियम या प्रक्रियात्मक आवश्यकता के उल्लंघन के लिए आदेश में दंड लगाते समय उल्लंघन की प्रकृति और लागू कानून, नियम या प्रक्रिया का उल्लेख करेगा जिसके तहत उल्लंघन के लिए दंड की राशि निर्दिष्ट की गई है।
(5) जब कोई व्यक्ति इस अधिनियम के तहत किसी अधिकारी को कर कानून, विनियमन या प्रक्रियात्मक आवश्यकता के उल्लंघन की परिस्थितियों का खुलासा इस अधिनियम के तहत अधिकारी द्वारा उल्लंघन का पता चलने से पहले स्वेच्छा से करता है, तो उचित अधिकारी उस व्यक्ति के लिए दंड निर्धारित करते समय इस तथ्य को कम करने वाले कारक के रूप में विचार कर सकता है।
(6) इस धारा के प्रावधान ऐसे मामलों में लागू नहीं होंगे जहां इस अधिनियम के तहत निर्दिष्ट दंड या तो एक निश्चित राशि हो या एक निश्चित प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया गया हो।
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