CGST Act 15अध्याय IV · Time and Value of Supply
धारा 15 · कर योग्य आपूर्ति का मूल्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति का मूल्य लेनदेन मूल्य होगा, जो उक्त माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए वास्तव में भुगतान की गई या देय कीमत है, जहां आपूर्तिकर्ता और आपूर्ति प्राप्तकर्ता संबंधित नहीं हैं और कीमत आपूर्ति के लिए एकमात्र प्रतिफल है।
(2) आपूर्ति के मूल्य में निम्नलिखित शामिल होंगे---
(क) इस अधिनियम, राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, केंद्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम और वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को मुआवजा) अधिनियम के अलावा किसी अन्य कानून के तहत लगाए गए कोई भी कर, शुल्क, उपकर, शुल्क और प्रभार, यदि आपूर्तिकर्ता द्वारा अलग से लगाए जाते हैं;
(ख) कोई भी राशि जो आपूर्तिकर्ता ऐसी आपूर्ति के संबंध में भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है, लेकिन जो आपूर्ति प्राप्तकर्ता द्वारा वहन की गई है और माल या सेवाओं या दोनों के लिए वास्तव में भुगतान की गई या देय कीमत में शामिल नहीं है;
(ग) आपूर्तिकर्ता द्वारा आपूर्ति प्राप्तकर्ता से वसूले गए आकस्मिक व्यय, जिनमें कमीशन और पैकिंग शामिल हैं, और माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में आपूर्तिकर्ता द्वारा माल या सेवाओं की आपूर्ति के समय या उससे पहले किए गए किसी भी कार्य के लिए वसूली गई कोई भी राशि;
(घ) किसी आपूर्ति के लिए किसी प्रतिफल के विलंबित भुगतान पर ब्याज या विलंब शुल्क या जुर्माना; और
(ई) कीमत से सीधे जुड़ी सब्सिडी, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी शामिल नहीं है।
स्पष्टीकरण .---इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, सब्सिडी की राशि को सब्सिडी प्राप्त करने वाले आपूर्तिकर्ता की आपूर्ति के मूल्य में शामिल किया जाएगा।
(3) आपूर्ति के मूल्य में दी गई कोई भी छूट शामिल नहीं होगी---
(क) आपूर्ति से पहले या आपूर्ति के समय, यदि ऐसी छूट उस आपूर्ति के संबंध में जारी किए गए चालान में विधिवत दर्ज की गई हो; और
(ख) आपूर्ति हो जाने के बाद, यदि---
(i) ऐसी छूट ऐसी आपूर्ति के समय या उससे पहले किए गए किसी समझौते के अनुसार स्थापित की जाती है और विशेष रूप से संबंधित चालानों से जुड़ी होती है; और
(ii) आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ के आधार पर छूट के कारण प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट को आपूर्ति प्राप्तकर्ता द्वारा उलट दिया गया है।
(4) जहाँ उपधारा (1) के तहत माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति का मूल्य निर्धारित नहीं किया जा सकता है, वहाँ इसे ऐसे तरीके से निर्धारित किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(5) उपधारा (1) या उपधारा (4) में किसी बात के होते हुए भी, परिषद की अनुशंसाओं पर सरकार द्वारा अधिसूचित आपूर्तियों का मूल्य ऐसे तरीके से निर्धारित किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण ---इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए,---
(क) व्यक्तियों को “संबंधी व्यक्ति” माना जाएगा यदि---
(i) ऐसे व्यक्ति एक दूसरे के व्यवसायों के अधिकारी या निदेशक हैं;
(ii) ऐसे व्यक्ति व्यवसाय में कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त भागीदार हैं;
(iii) ऐसे व्यक्ति नियोक्ता और कर्मचारी हैं;
(iv) कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन दोनों के बकाया वोटिंग स्टॉक या शेयरों का पच्चीस प्रतिशत या उससे अधिक का स्वामी, नियंत्रक या धारक हो;
(v) उनमें से एक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दूसरे को नियंत्रित करता है;
(vi) वे दोनों प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा नियंत्रित होते हैं;
(vii) वे मिलकर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी तीसरे व्यक्ति को नियंत्रित करते हैं; या
(viii) वे एक ही परिवार के सदस्य हैं;
(ख) "व्यक्ति" शब्द में कानूनी व्यक्ति भी शामिल हैं;
(ग) वे व्यक्ति जो एक दूसरे के व्यवसाय में इस प्रकार जुड़े हुए हैं कि एक दूसरे का एकमात्र एजेंट या एकमात्र वितरक या एकमात्र रियायतकर्ता है, चाहे उसे किसी भी प्रकार से वर्णित किया गया हो, उन्हें संबंधित माना जाएगा।
(2) आपूर्ति के मूल्य में निम्नलिखित शामिल होंगे---
(क) इस अधिनियम, राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, केंद्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम और वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को मुआवजा) अधिनियम के अलावा किसी अन्य कानून के तहत लगाए गए कोई भी कर, शुल्क, उपकर, शुल्क और प्रभार, यदि आपूर्तिकर्ता द्वारा अलग से लगाए जाते हैं;
(ख) कोई भी राशि जो आपूर्तिकर्ता ऐसी आपूर्ति के संबंध में भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है, लेकिन जो आपूर्ति प्राप्तकर्ता द्वारा वहन की गई है और माल या सेवाओं या दोनों के लिए वास्तव में भुगतान की गई या देय कीमत में शामिल नहीं है;
(ग) आपूर्तिकर्ता द्वारा आपूर्ति प्राप्तकर्ता से वसूले गए आकस्मिक व्यय, जिनमें कमीशन और पैकिंग शामिल हैं, और माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में आपूर्तिकर्ता द्वारा माल या सेवाओं की आपूर्ति के समय या उससे पहले किए गए किसी भी कार्य के लिए वसूली गई कोई भी राशि;
(घ) किसी आपूर्ति के लिए किसी प्रतिफल के विलंबित भुगतान पर ब्याज या विलंब शुल्क या जुर्माना; और
(ई) कीमत से सीधे जुड़ी सब्सिडी, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी शामिल नहीं है।
स्पष्टीकरण .---इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, सब्सिडी की राशि को सब्सिडी प्राप्त करने वाले आपूर्तिकर्ता की आपूर्ति के मूल्य में शामिल किया जाएगा।
(3) आपूर्ति के मूल्य में दी गई कोई भी छूट शामिल नहीं होगी---
(क) आपूर्ति से पहले या आपूर्ति के समय, यदि ऐसी छूट उस आपूर्ति के संबंध में जारी किए गए चालान में विधिवत दर्ज की गई हो; और
(ख) आपूर्ति हो जाने के बाद, यदि---
(i) ऐसी छूट ऐसी आपूर्ति के समय या उससे पहले किए गए किसी समझौते के अनुसार स्थापित की जाती है और विशेष रूप से संबंधित चालानों से जुड़ी होती है; और
(ii) आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ के आधार पर छूट के कारण प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट को आपूर्ति प्राप्तकर्ता द्वारा उलट दिया गया है।
(4) जहाँ उपधारा (1) के तहत माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति का मूल्य निर्धारित नहीं किया जा सकता है, वहाँ इसे ऐसे तरीके से निर्धारित किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(5) उपधारा (1) या उपधारा (4) में किसी बात के होते हुए भी, परिषद की अनुशंसाओं पर सरकार द्वारा अधिसूचित आपूर्तियों का मूल्य ऐसे तरीके से निर्धारित किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण ---इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए,---
(क) व्यक्तियों को “संबंधी व्यक्ति” माना जाएगा यदि---
(i) ऐसे व्यक्ति एक दूसरे के व्यवसायों के अधिकारी या निदेशक हैं;
(ii) ऐसे व्यक्ति व्यवसाय में कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त भागीदार हैं;
(iii) ऐसे व्यक्ति नियोक्ता और कर्मचारी हैं;
(iv) कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन दोनों के बकाया वोटिंग स्टॉक या शेयरों का पच्चीस प्रतिशत या उससे अधिक का स्वामी, नियंत्रक या धारक हो;
(v) उनमें से एक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दूसरे को नियंत्रित करता है;
(vi) वे दोनों प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा नियंत्रित होते हैं;
(vii) वे मिलकर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी तीसरे व्यक्ति को नियंत्रित करते हैं; या
(viii) वे एक ही परिवार के सदस्य हैं;
(ख) "व्यक्ति" शब्द में कानूनी व्यक्ति भी शामिल हैं;
(ग) वे व्यक्ति जो एक दूसरे के व्यवसाय में इस प्रकार जुड़े हुए हैं कि एक दूसरे का एकमात्र एजेंट या एकमात्र वितरक या एकमात्र रियायतकर्ता है, चाहे उसे किसी भी प्रकार से वर्णित किया गया हो, उन्हें संबंधित माना जाएगा।
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