CGST Act 69अध्याय XIV · Inspection, Search, Seizure and Arrest
धारा 69 · गिरफ्तारी का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ आयुक्त को यह विश्वास करने का कारण हो कि किसी व्यक्ति ने धारा 132 की उपधारा (1) के खंड ( क ) या खंड (ख) या खंड (ग) में निर्दिष्ट कोई अपराध किया है जो उक्त धारा की उपधारा (1) के खंड (i) या (ii) या उपधारा (2) के तहत दंडनीय है, तो वह आदेश द्वारा किसी केंद्रीय कर अधिकारी को ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए अधिकृत कर सकता है।
(2) जहाँ किसी व्यक्ति को धारा 132 की उपधारा (5) के अंतर्गत निर्दिष्ट अपराध के लिए उपधारा ( 1) के अंतर्गत गिरफ्तार किया जाता है, तो उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए अधिकृत अधिकारी उस व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधारों की सूचना देगा और उसे चौबीस घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेगा।
(3) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए,---
(क) जहां किसी व्यक्ति को धारा 132 की उपधारा (4) के अंतर्गत निर्दिष्ट किसी अपराध के लिए उपधारा (1) के अंतर्गत गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे जमानत पर रिहा किया जाएगा या जमानत न देने की स्थिति में मजिस्ट्रेट की हिरासत में भेजा जाएगा;
(ख) गैर संज्ञेय और जमानती अपराध के मामले में, उपायुक्त या सहायक आयुक्त को, गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत पर या अन्यथा रिहा करने के उद्देश्य से, पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी के समान शक्तियां प्राप्त होंगी और वे उन्हीं प्रावधानों के अधीन होंगे।
(2) जहाँ किसी व्यक्ति को धारा 132 की उपधारा (5) के अंतर्गत निर्दिष्ट अपराध के लिए उपधारा ( 1) के अंतर्गत गिरफ्तार किया जाता है, तो उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए अधिकृत अधिकारी उस व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधारों की सूचना देगा और उसे चौबीस घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेगा।
(3) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए,---
(क) जहां किसी व्यक्ति को धारा 132 की उपधारा (4) के अंतर्गत निर्दिष्ट किसी अपराध के लिए उपधारा (1) के अंतर्गत गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे जमानत पर रिहा किया जाएगा या जमानत न देने की स्थिति में मजिस्ट्रेट की हिरासत में भेजा जाएगा;
(ख) गैर संज्ञेय और जमानती अपराध के मामले में, उपायुक्त या सहायक आयुक्त को, गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत पर या अन्यथा रिहा करने के उद्देश्य से, पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी के समान शक्तियां प्राप्त होंगी और वे उन्हीं प्रावधानों के अधीन होंगे।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
