CGST Act 132अध्याय XIX · Offences and Penalitis
धारा 132 · कुछ अपराधों के लिए दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) 1 [जो कोई भी निम्नलिखित अपराधों में से किसी को करता है, या करवाता है तथा उससे उत्पन्न होने वाले लाभों को अपने पास रखता है], अर्थात्:---
(क) कर चोरी करने के इरादे से, इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए, बिना कोई चालान जारी किए किसी भी वस्तु या सेवा या दोनों की आपूर्ति करना;
(ख) इस अधिनियम के प्रावधानों या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करते हुए, माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति किए बिना कोई चालान या बिल जारी करना, जिसके परिणामस्वरूप इनपुट टैक्स क्रेडिट या कर की वापसी का गलत लाभ उठाना या उपयोग करना होता है;
2 [(ग) खंड (ख) में निर्दिष्ट चालान या बिल का उपयोग करके इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाता है या बिना किसी चालान या बिल के धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाता है;]
(घ) कर के रूप में कोई राशि एकत्र करता है, लेकिन ऐसी भुगतान देय तिथि से तीन महीने की अवधि के बाद सरकार को उसका भुगतान करने में विफल रहता है;
(ई) कर चोरी करता है 3 *** या धोखाधड़ी से धनवापसी प्राप्त करता है और जहां ऐसा अपराध खंड (ए) से (डी) के अंतर्गत नहीं आता है;
(f) वित्तीय अभिलेखों को मिथ्याकृत करना या प्रतिस्थापित करना या फर्जी खाते या दस्तावेज प्रस्तुत करना या इस अधिनियम के तहत देय कर के भुगतान से बचने के इरादे से कोई झूठी जानकारी प्रस्तुत करना;
4 * * * * *
(h) किसी भी ऐसी वस्तु पर कब्ज़ा प्राप्त करता है, या उसके परिवहन, हटाने, जमा करने, रखने, छुपाने, आपूर्ति करने, खरीदने या किसी अन्य तरीके से उससे संबंधित व्यवहार करता है, जिसके बारे में वह जानता है या उसे विश्वास करने का कारण है कि वह इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत ज़ब्ती के योग्य है;
(i) सेवाओं की आपूर्ति प्राप्त करता है या किसी भी तरह से उससे संबंधित है या किसी अन्य तरीके से ऐसी सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित है जिसके बारे में वह जानता है या उसे यह मानने का कारण है कि वे इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करती हैं;
4 * * * * *
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(l) इस धारा के खंड (a) से (f) और खंड (h) और (i ) में उल्लिखित किसी भी अपराध को करने का प्रयास करता है, या ऐसे अपराध को करने में सहायता करता है।
दंडनीय होगा---
(i) ऐसे मामलों में जहां कर चोरी की गई राशि या इनपुट टैक्स क्रेडिट की गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग की गई राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी राशि पांच सौ लाख रुपये से अधिक हो, तो पांच वर्ष तक की कारावास और जुर्माने के साथ;
(ii) ऐसे मामलों में जहां कर चोरी की गई राशि या गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी की राशि दो सौ लाख रुपये से अधिक है लेकिन पांच सौ लाख रुपये से अधिक नहीं है, तो तीन वर्ष तक की कारावास और जुर्माने के साथ;
( iii ) खंड (ख) में निर्दिष्ट अपराध के मामले में, जहां कर चोरी की गई राशि या गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी की राशि एक सौ लाख रुपये से अधिक है लेकिन दो सौ लाख रुपये से अधिक नहीं है, तो एक वर्ष तक की अवधि के कारावास और जुर्माने के साथ;
(iv) उन मामलों में जहां वह खंड (f) 7 *** में निर्दिष्ट अपराध करता है या अपराध करने में सहायता करता है, तो उसे छह महीने तक की कारावास या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) यदि इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया कोई व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध के लिए पुनः दोषी ठहराया जाता है, तो उसे दूसरे और प्रत्येक पश्चात अपराध के लिए पाँच वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (i), (ii) और (iii) में निर्दिष्ट कारावास, न्यायालय के निर्णय में दर्ज किए जाने वाले विपरीत विशेष और पर्याप्त कारणों के अभाव में, छह महीने से कम अवधि का नहीं होगा।
(4) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) में किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अंतर्गत सभी अपराध, उपधारा (5) में निर्दिष्ट अपराधों को छोड़कर, गैर-संज्ञेय और जमानती होंगे।
(5) उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) में निर्दिष्ट अपराध तथा उस उपधारा के खंड (i) के अधीन दंडनीय अपराध संज्ञेय तथा गैर-जमानती होंगे।
(6) आयुक्त की पूर्व स्वीकृति के बिना इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध के लिए किसी व्यक्ति पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कर" शब्द में इस अधिनियम, राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम या केंद्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के प्रावधानों के तहत कर चोरी की गई राशि, गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग की गई इनपुट कर क्रेडिट राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी राशि और वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को मुआवजा) अधिनियम के तहत लगाया गया उपकर शामिल होगा।
(क) कर चोरी करने के इरादे से, इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए, बिना कोई चालान जारी किए किसी भी वस्तु या सेवा या दोनों की आपूर्ति करना;
(ख) इस अधिनियम के प्रावधानों या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करते हुए, माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति किए बिना कोई चालान या बिल जारी करना, जिसके परिणामस्वरूप इनपुट टैक्स क्रेडिट या कर की वापसी का गलत लाभ उठाना या उपयोग करना होता है;
2 [(ग) खंड (ख) में निर्दिष्ट चालान या बिल का उपयोग करके इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाता है या बिना किसी चालान या बिल के धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाता है;]
(घ) कर के रूप में कोई राशि एकत्र करता है, लेकिन ऐसी भुगतान देय तिथि से तीन महीने की अवधि के बाद सरकार को उसका भुगतान करने में विफल रहता है;
(ई) कर चोरी करता है 3 *** या धोखाधड़ी से धनवापसी प्राप्त करता है और जहां ऐसा अपराध खंड (ए) से (डी) के अंतर्गत नहीं आता है;
(f) वित्तीय अभिलेखों को मिथ्याकृत करना या प्रतिस्थापित करना या फर्जी खाते या दस्तावेज प्रस्तुत करना या इस अधिनियम के तहत देय कर के भुगतान से बचने के इरादे से कोई झूठी जानकारी प्रस्तुत करना;
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(h) किसी भी ऐसी वस्तु पर कब्ज़ा प्राप्त करता है, या उसके परिवहन, हटाने, जमा करने, रखने, छुपाने, आपूर्ति करने, खरीदने या किसी अन्य तरीके से उससे संबंधित व्यवहार करता है, जिसके बारे में वह जानता है या उसे विश्वास करने का कारण है कि वह इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत ज़ब्ती के योग्य है;
(i) सेवाओं की आपूर्ति प्राप्त करता है या किसी भी तरह से उससे संबंधित है या किसी अन्य तरीके से ऐसी सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित है जिसके बारे में वह जानता है या उसे यह मानने का कारण है कि वे इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करती हैं;
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(l) इस धारा के खंड (a) से (f) और खंड (h) और (i ) में उल्लिखित किसी भी अपराध को करने का प्रयास करता है, या ऐसे अपराध को करने में सहायता करता है।
दंडनीय होगा---
(i) ऐसे मामलों में जहां कर चोरी की गई राशि या इनपुट टैक्स क्रेडिट की गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग की गई राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी राशि पांच सौ लाख रुपये से अधिक हो, तो पांच वर्ष तक की कारावास और जुर्माने के साथ;
(ii) ऐसे मामलों में जहां कर चोरी की गई राशि या गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी की राशि दो सौ लाख रुपये से अधिक है लेकिन पांच सौ लाख रुपये से अधिक नहीं है, तो तीन वर्ष तक की कारावास और जुर्माने के साथ;
( iii ) खंड (ख) में निर्दिष्ट अपराध के मामले में, जहां कर चोरी की गई राशि या गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी की राशि एक सौ लाख रुपये से अधिक है लेकिन दो सौ लाख रुपये से अधिक नहीं है, तो एक वर्ष तक की अवधि के कारावास और जुर्माने के साथ;
(iv) उन मामलों में जहां वह खंड (f) 7 *** में निर्दिष्ट अपराध करता है या अपराध करने में सहायता करता है, तो उसे छह महीने तक की कारावास या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) यदि इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया कोई व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध के लिए पुनः दोषी ठहराया जाता है, तो उसे दूसरे और प्रत्येक पश्चात अपराध के लिए पाँच वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (i), (ii) और (iii) में निर्दिष्ट कारावास, न्यायालय के निर्णय में दर्ज किए जाने वाले विपरीत विशेष और पर्याप्त कारणों के अभाव में, छह महीने से कम अवधि का नहीं होगा।
(4) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) में किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अंतर्गत सभी अपराध, उपधारा (5) में निर्दिष्ट अपराधों को छोड़कर, गैर-संज्ञेय और जमानती होंगे।
(5) उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) में निर्दिष्ट अपराध तथा उस उपधारा के खंड (i) के अधीन दंडनीय अपराध संज्ञेय तथा गैर-जमानती होंगे।
(6) आयुक्त की पूर्व स्वीकृति के बिना इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध के लिए किसी व्यक्ति पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कर" शब्द में इस अधिनियम, राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम या केंद्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के प्रावधानों के तहत कर चोरी की गई राशि, गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग की गई इनपुट कर क्रेडिट राशि या गलत तरीके से ली गई वापसी राशि और वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को मुआवजा) अधिनियम के तहत लगाया गया उपकर शामिल होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 5 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 6 माह
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
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