CGST Act 105अध्याय XVII · Advance Ruling
धारा 105 · प्राधिकरण की शक्तियां, अपीलीय प्राधिकरण और राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [ प्राधिकरण, अपीलीय प्राधिकरण और राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकरण की शक्तियाँ। ] --- (1) प्राधिकरण या अपीलीय प्राधिकरण 2 [या राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकरण] अपनी शक्तियों का प्रयोग करने के उद्देश्य से---
(क) खोज एवं निरीक्षण;
(ख) किसी व्यक्ति की उपस्थिति को लागू करना और उससे शपथ पर पूछताछ करना;
(ग) आयोग जारी करना और लेखा-पुस्तकों और अन्य अभिलेखों के उत्पादन को बाध्य करना,
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के तहत सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त हैं।
(2) प्राधिकरण या अपीलीय प्राधिकरण 2 [या राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकरण] धारा 195 के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय माना जाएगा, परन्तु दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के अध्याय XXVI के प्रयोजनों के लिए नहीं, और प्राधिकरण या अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही धारा 193 और 228 के अर्थ में तथा भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 196 के प्रयोजन के लिए न्यायिक कार्यवाही मानी जाएगी।
(क) खोज एवं निरीक्षण;
(ख) किसी व्यक्ति की उपस्थिति को लागू करना और उससे शपथ पर पूछताछ करना;
(ग) आयोग जारी करना और लेखा-पुस्तकों और अन्य अभिलेखों के उत्पादन को बाध्य करना,
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के तहत सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त हैं।
(2) प्राधिकरण या अपीलीय प्राधिकरण 2 [या राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकरण] धारा 195 के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय माना जाएगा, परन्तु दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के अध्याय XXVI के प्रयोजनों के लिए नहीं, और प्राधिकरण या अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही धारा 193 और 228 के अर्थ में तथा भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 196 के प्रयोजन के लिए न्यायिक कार्यवाही मानी जाएगी।
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