CGST Act 144अध्याय XXI · Miscellaneous
धारा 144 · कुछ मामलों में दस्तावेजों के संबंध में अनुमान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जहां कोई भी दस्तावेज---
(i) इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया गया हो; या
(ii) इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी व्यक्ति की हिरासत या नियंत्रण से जब्त किया गया हो; या
(iii) यदि यह इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी कार्यवाही के दौरान भारत के बाहर किसी स्थान से प्राप्त हुआ हो,
और यदि अभियोजन पक्ष द्वारा ऐसा दस्तावेज उसके या उसके साथ संयुक्त रूप से मुकदमा चलाए जा रहे किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो न्यायालय---
(क) जब तक कि ऐसे व्यक्ति द्वारा इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, तब तक अनुमान लगाएँ---
(i) ऐसे दस्तावेज़ की विषयवस्तु की सत्यता;
(ii) कि हस्ताक्षर और ऐसे दस्तावेज़ का हर दूसरा भाग जो किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में प्रतीत होता है या जिसे न्यायालय यथोचित रूप से किसी विशेष व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित या उसकी लिखावट में होने का अनुमान लगा सकता है, उस व्यक्ति की लिखावट में है, और निष्पादित या सत्यापित दस्तावेज़ के मामले में, कि इसे उस व्यक्ति द्वारा निष्पादित या सत्यापित किया गया था जिसके द्वारा इसे इस प्रकार निष्पादित या सत्यापित किया गया प्रतीत होता है;
(ख) दस्तावेज़ को साक्ष्य में स्वीकार किया जाएगा, भले ही उस पर विधिवत स्टाम्प न लगा हो, यदि ऐसा दस्तावेज़ अन्यथा साक्ष्य में स्वीकार्य हो।
(i) इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया गया हो; या
(ii) इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी व्यक्ति की हिरासत या नियंत्रण से जब्त किया गया हो; या
(iii) यदि यह इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी कार्यवाही के दौरान भारत के बाहर किसी स्थान से प्राप्त हुआ हो,
और यदि अभियोजन पक्ष द्वारा ऐसा दस्तावेज उसके या उसके साथ संयुक्त रूप से मुकदमा चलाए जा रहे किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो न्यायालय---
(क) जब तक कि ऐसे व्यक्ति द्वारा इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, तब तक अनुमान लगाएँ---
(i) ऐसे दस्तावेज़ की विषयवस्तु की सत्यता;
(ii) कि हस्ताक्षर और ऐसे दस्तावेज़ का हर दूसरा भाग जो किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में प्रतीत होता है या जिसे न्यायालय यथोचित रूप से किसी विशेष व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित या उसकी लिखावट में होने का अनुमान लगा सकता है, उस व्यक्ति की लिखावट में है, और निष्पादित या सत्यापित दस्तावेज़ के मामले में, कि इसे उस व्यक्ति द्वारा निष्पादित या सत्यापित किया गया था जिसके द्वारा इसे इस प्रकार निष्पादित या सत्यापित किया गया प्रतीत होता है;
(ख) दस्तावेज़ को साक्ष्य में स्वीकार किया जाएगा, भले ही उस पर विधिवत स्टाम्प न लगा हो, यदि ऐसा दस्तावेज़ अन्यथा साक्ष्य में स्वीकार्य हो।
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