CGST Act 38अध्याय IX · Returns
धारा 38 · आवक आपूर्ति और इनपुट टैक्स क्रेडिट के विवरणों का संचार।
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1 [ 38. आवक आपूर्ति इनपुट कर क्रेडिट के विवरण का संचार। --- (1) धारा 37 की उपधारा (1) के तहत पंजीकृत व्यक्तियों द्वारा दी गई बहिर्वाह आपूर्ति का विवरण और ऐसी अन्य आपूर्तियों का विवरण, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, और इनपुट कर क्रेडिट के विवरण युक्त एक स्वतः उत्पन्न विवरण, ऐसी आपूर्तियों के प्राप्तकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसे प्रपत्र और तरीके से, ऐसे समय के भीतर और ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन उपलब्ध कराया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) उपधारा (1) के अंतर्गत स्वतः उत्पन्न विवरण में निम्नलिखित शामिल होंगे---
(क) उन आवक आपूर्तियों का विवरण जिनके संबंध में प्राप्तकर्ता को इनपुट टैक्स का क्रेडिट उपलब्ध हो सकता है; और
(ख) उन आपूर्तियों का विवरण जिनके संबंध में प्राप्तकर्ता द्वारा पूर्ण या आंशिक रूप से ऐसा ऋण नहीं लिया जा सकता है, क्योंकि उक्त आपूर्तियों का विवरण धारा 37 की उपधारा (1) के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है,---
(i) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा पंजीकरण कराने की ऐसी अवधि के भीतर जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(ii) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने कर के भुगतान में चूक की हो और जहां ऐसी चूक निर्धारित अवधि तक जारी रही हो; या
(iii) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, उक्त उपधारा के अंतर्गत उसके द्वारा प्रस्तुत बाह्य आपूर्ति विवरण के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान देय उत्पादन कर, उक्त अवधि के दौरान उसके द्वारा भुगतान किए गए उत्पादन कर से निर्धारित सीमा से अधिक हो; या
(iv) किसी भी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने निर्धारित अवधि के दौरान, खंड (क) के अनुसार उसके द्वारा लिए जा सकने वाले कर की राशि से अधिक इनपुट कर का क्रेडिट लिया हो, निर्धारित सीमा तक; या
(v) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने धारा 49 की उपधारा (12) के प्रावधानों के अनुसार अपने कर दायित्व का निर्वहन करने में चूक की हो, ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(vi) ऐसे अन्य वर्ग के व्यक्तियों द्वारा जैसा निर्धारित किया जा सकता है।]
(2) उपधारा (1) के अंतर्गत स्वतः उत्पन्न विवरण में निम्नलिखित शामिल होंगे---
(क) उन आवक आपूर्तियों का विवरण जिनके संबंध में प्राप्तकर्ता को इनपुट टैक्स का क्रेडिट उपलब्ध हो सकता है; और
(ख) उन आपूर्तियों का विवरण जिनके संबंध में प्राप्तकर्ता द्वारा पूर्ण या आंशिक रूप से ऐसा ऋण नहीं लिया जा सकता है, क्योंकि उक्त आपूर्तियों का विवरण धारा 37 की उपधारा (1) के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है,---
(i) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा पंजीकरण कराने की ऐसी अवधि के भीतर जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(ii) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने कर के भुगतान में चूक की हो और जहां ऐसी चूक निर्धारित अवधि तक जारी रही हो; या
(iii) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, उक्त उपधारा के अंतर्गत उसके द्वारा प्रस्तुत बाह्य आपूर्ति विवरण के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान देय उत्पादन कर, उक्त अवधि के दौरान उसके द्वारा भुगतान किए गए उत्पादन कर से निर्धारित सीमा से अधिक हो; या
(iv) किसी भी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने निर्धारित अवधि के दौरान, खंड (क) के अनुसार उसके द्वारा लिए जा सकने वाले कर की राशि से अधिक इनपुट कर का क्रेडिट लिया हो, निर्धारित सीमा तक; या
(v) किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने धारा 49 की उपधारा (12) के प्रावधानों के अनुसार अपने कर दायित्व का निर्वहन करने में चूक की हो, ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(vi) ऐसे अन्य वर्ग के व्यक्तियों द्वारा जैसा निर्धारित किया जा सकता है।]
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