CGST Act 39अध्याय IX · Returns
धारा 39 · प्रतिफल प्रस्तुत करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [(1) इनपुट सेवा वितरक या अनिवासी कर योग्य व्यक्ति या धारा 10 या धारा 51 या धारा 52 के प्रावधानों के तहत कर का भुगतान करने वाले व्यक्ति के अलावा प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए, माल या सेवाओं या दोनों की आवक और जावक आपूर्ति, प्राप्त इनपुट कर क्रेडिट, देय कर, भुगतान किया गया कर और ऐसे अन्य विवरणों का विवरण, इलेक्ट्रॉनिक रूप से, ऐसे प्रपत्र और तरीके से तथा ऐसे समय के भीतर प्रस्तुत करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि सरकार, परिषद की सिफारिशों पर, पंजीकृत व्यक्तियों के एक निश्चित वर्ग को अधिसूचित कर सकती है, जो प्रत्येक तिमाही या उसके भाग के लिए, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, एक विवरण प्रस्तुत करेंगे।
(2) धारा 10 के प्रावधानों के अंतर्गत कर का भुगतान करने वाला पंजीकृत व्यक्ति, प्रत्येक वित्तीय वर्ष या उसके किसी भाग के लिए, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार, माल या सेवाओं या दोनों की आवक आपूर्ति, देय कर, भुगतान किया गया कर और ऐसे अन्य विवरणों का विवरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से, ऐसे प्रपत्र और तरीके से तथा ऐसे समय के भीतर प्रस्तुत करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।]
2 [(3) धारा 51 के तहत स्रोत पर कर कटौती करने के लिए आवश्यक प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, उस माह के दौरान की गई कटौतियों का विवरण प्रत्येक कैलेंडर माह के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसे प्रपत्र, तरीके और समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है: बशर्ते कि उक्त पंजीकृत व्यक्ति प्रत्येक कैलेंडर माह के लिए विवरण प्रस्तुत करेगा, चाहे उस माह के दौरान कोई कटौती की गई हो या नहीं।]
(4) इनपुट सेवा वितरक के रूप में पंजीकृत प्रत्येक कर योग्य व्यक्ति, प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए, निर्धारित प्रपत्र और तरीके से, इलेक्ट्रॉनिक रूप से, उस माह की समाप्ति के तेरह दिनों के भीतर रिटर्न प्रस्तुत करेगा।
(5) प्रत्येक पंजीकृत अनिवासी कर योग्य व्यक्ति प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए, निर्धारित प्रपत्र और तरीके से, कैलेंडर माह की समाप्ति के 3 [तेरह] दिनों के भीतर या धारा 27 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट पंजीकरण अवधि के अंतिम दिन के सात दिनों के भीतर, जो भी पहले हो, इलेक्ट्रॉनिक रूप से एक रिटर्न प्रस्तुत करेगा।
(6) आयुक्त, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अधिसूचना द्वारा, इस धारा के अंतर्गत विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा को पंजीकृत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग के लिए बढ़ा सकता है, जैसा कि उसमें निर्दिष्ट किया गया हो।
बशर्ते कि राज्य कर आयुक्त या केंद्र शासित प्रदेश कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय सीमा का कोई भी विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित माना जाएगा।
4 [(7) उपधारा (1) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, परंतु उस व्यक्ति के अलावा जिसका उल्लेख परंतुक में किया गया है, या उपधारा (3) या उपधारा (5) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक है, सरकार को ऐसे रिटर्न के अनुसार देय कर का भुगतान उस अंतिम तिथि से पहले करेगा जिस तिथि तक उसे ऐसा रिटर्न प्रस्तुत करना आवश्यक है:
5. बशर्ते कि उपधारा (1) के परंतुक के अंतर्गत रिटर्न प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति सरकार को ऐसे प्रपत्र, तरीके और समय के भीतर भुगतान करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(क) किसी माह के दौरान माल या सेवाओं या दोनों की आवक और जावक आपूर्ति, प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट, देय कर और ऐसे अन्य विवरणों को ध्यान में रखते हुए देय कर के बराबर राशि; या
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट राशि के स्थान पर, ऐसी राशि जो इस प्रकार निर्धारित की जाए और ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।]
इसके अलावा, उपधारा (2) के अंतर्गत रिटर्न प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार, माल या सेवाओं या दोनों की आवक आपूर्ति, देय कर और तिमाही के दौरान ऐसे अन्य विवरणों को ध्यान में रखते हुए, सरकार को देय कर का भुगतान ऐसे प्रपत्र और तरीके से तथा ऐसे समय के भीतर करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(8) प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति जिसे उप-धारा (1) या उप-धारा (2) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करना आवश्यक है, प्रत्येक कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करेगा, चाहे ऐसी कर अवधि के दौरान माल या सेवाओं या दोनों की कोई आपूर्ति की गई हो या नहीं।
(9) 6 [जहाँ] कोई पंजीकृत व्यक्ति उप-धारा (1) या उप-धारा (2) या उप-धारा (3) या उप-धारा (4) या उप-धारा (5) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने के बाद उसमें कोई चूक या गलत विवरण पाता है, जो कर अधिकारियों द्वारा जांच, लेखापरीक्षा, निरीक्षण या प्रवर्तन गतिविधि के परिणामस्वरूप न हो, तो वह ऐसी चूक या गलत विवरण को [निर्धारित प्रपत्र और तरीके से] सुधारेगा, इस अधिनियम के तहत ब्याज के भुगतान के अधीन:
बशर्ते कि किसी भी चूक या गलत विवरण के सुधार की अनुमति 9 [वित्तीय वर्ष की समाप्ति, जिससे संबंधित विवरण संबंधित हैं] के बाद 8 [नवंबर का तीसवां दिन] या संबंधित वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत करने की वास्तविक तिथि, जो भी पहले हो, के बाद नहीं दी जाएगी।
(10) किसी पंजीकृत व्यक्ति को किसी कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी यदि पिछली किसी कर अवधि के लिए रिटर्न या उक्त कर अवधि के लिए धारा 37 की उपधारा (1) के तहत बाहरी आपूर्ति का विवरण उसके द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया है:
बशर्ते कि सरकार, परिषद की अनुशंसाओं पर, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, किसी पंजीकृत व्यक्ति या पंजीकृत व्यक्तियों के वर्ग को रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकती है, भले ही उसने एक या अधिक पूर्व कर अवधियों के लिए रिटर्न प्रस्तुत न किया हो या उक्त कर अवधि के लिए धारा 37 की उपधारा (1) के तहत बाहरी आपूर्तियों का विवरण प्रस्तुत न किया हो।
11 [(11) किसी पंजीकृत व्यक्ति को उक्त रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद किसी कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी:
बशर्ते कि सरकार, परिषद की अनुशंसाओं पर, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, किसी पंजीकृत व्यक्ति या पंजीकृत व्यक्तियों के वर्ग को उक्त रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद भी कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकती है।
बशर्ते कि सरकार, परिषद की सिफारिशों पर, पंजीकृत व्यक्तियों के एक निश्चित वर्ग को अधिसूचित कर सकती है, जो प्रत्येक तिमाही या उसके भाग के लिए, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, एक विवरण प्रस्तुत करेंगे।
(2) धारा 10 के प्रावधानों के अंतर्गत कर का भुगतान करने वाला पंजीकृत व्यक्ति, प्रत्येक वित्तीय वर्ष या उसके किसी भाग के लिए, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार, माल या सेवाओं या दोनों की आवक आपूर्ति, देय कर, भुगतान किया गया कर और ऐसे अन्य विवरणों का विवरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से, ऐसे प्रपत्र और तरीके से तथा ऐसे समय के भीतर प्रस्तुत करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।]
2 [(3) धारा 51 के तहत स्रोत पर कर कटौती करने के लिए आवश्यक प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, उस माह के दौरान की गई कटौतियों का विवरण प्रत्येक कैलेंडर माह के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसे प्रपत्र, तरीके और समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है: बशर्ते कि उक्त पंजीकृत व्यक्ति प्रत्येक कैलेंडर माह के लिए विवरण प्रस्तुत करेगा, चाहे उस माह के दौरान कोई कटौती की गई हो या नहीं।]
(4) इनपुट सेवा वितरक के रूप में पंजीकृत प्रत्येक कर योग्य व्यक्ति, प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए, निर्धारित प्रपत्र और तरीके से, इलेक्ट्रॉनिक रूप से, उस माह की समाप्ति के तेरह दिनों के भीतर रिटर्न प्रस्तुत करेगा।
(5) प्रत्येक पंजीकृत अनिवासी कर योग्य व्यक्ति प्रत्येक कैलेंडर माह या उसके भाग के लिए, निर्धारित प्रपत्र और तरीके से, कैलेंडर माह की समाप्ति के 3 [तेरह] दिनों के भीतर या धारा 27 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट पंजीकरण अवधि के अंतिम दिन के सात दिनों के भीतर, जो भी पहले हो, इलेक्ट्रॉनिक रूप से एक रिटर्न प्रस्तुत करेगा।
(6) आयुक्त, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अधिसूचना द्वारा, इस धारा के अंतर्गत विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा को पंजीकृत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग के लिए बढ़ा सकता है, जैसा कि उसमें निर्दिष्ट किया गया हो।
बशर्ते कि राज्य कर आयुक्त या केंद्र शासित प्रदेश कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय सीमा का कोई भी विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित माना जाएगा।
4 [(7) उपधारा (1) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, परंतु उस व्यक्ति के अलावा जिसका उल्लेख परंतुक में किया गया है, या उपधारा (3) या उपधारा (5) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक है, सरकार को ऐसे रिटर्न के अनुसार देय कर का भुगतान उस अंतिम तिथि से पहले करेगा जिस तिथि तक उसे ऐसा रिटर्न प्रस्तुत करना आवश्यक है:
5. बशर्ते कि उपधारा (1) के परंतुक के अंतर्गत रिटर्न प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति सरकार को ऐसे प्रपत्र, तरीके और समय के भीतर भुगतान करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(क) किसी माह के दौरान माल या सेवाओं या दोनों की आवक और जावक आपूर्ति, प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट, देय कर और ऐसे अन्य विवरणों को ध्यान में रखते हुए देय कर के बराबर राशि; या
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट राशि के स्थान पर, ऐसी राशि जो इस प्रकार निर्धारित की जाए और ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।]
इसके अलावा, उपधारा (2) के अंतर्गत रिटर्न प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार, माल या सेवाओं या दोनों की आवक आपूर्ति, देय कर और तिमाही के दौरान ऐसे अन्य विवरणों को ध्यान में रखते हुए, सरकार को देय कर का भुगतान ऐसे प्रपत्र और तरीके से तथा ऐसे समय के भीतर करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(8) प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति जिसे उप-धारा (1) या उप-धारा (2) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करना आवश्यक है, प्रत्येक कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करेगा, चाहे ऐसी कर अवधि के दौरान माल या सेवाओं या दोनों की कोई आपूर्ति की गई हो या नहीं।
(9) 6 [जहाँ] कोई पंजीकृत व्यक्ति उप-धारा (1) या उप-धारा (2) या उप-धारा (3) या उप-धारा (4) या उप-धारा (5) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने के बाद उसमें कोई चूक या गलत विवरण पाता है, जो कर अधिकारियों द्वारा जांच, लेखापरीक्षा, निरीक्षण या प्रवर्तन गतिविधि के परिणामस्वरूप न हो, तो वह ऐसी चूक या गलत विवरण को [निर्धारित प्रपत्र और तरीके से] सुधारेगा, इस अधिनियम के तहत ब्याज के भुगतान के अधीन:
बशर्ते कि किसी भी चूक या गलत विवरण के सुधार की अनुमति 9 [वित्तीय वर्ष की समाप्ति, जिससे संबंधित विवरण संबंधित हैं] के बाद 8 [नवंबर का तीसवां दिन] या संबंधित वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत करने की वास्तविक तिथि, जो भी पहले हो, के बाद नहीं दी जाएगी।
(10) किसी पंजीकृत व्यक्ति को किसी कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी यदि पिछली किसी कर अवधि के लिए रिटर्न या उक्त कर अवधि के लिए धारा 37 की उपधारा (1) के तहत बाहरी आपूर्ति का विवरण उसके द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया है:
बशर्ते कि सरकार, परिषद की अनुशंसाओं पर, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, किसी पंजीकृत व्यक्ति या पंजीकृत व्यक्तियों के वर्ग को रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकती है, भले ही उसने एक या अधिक पूर्व कर अवधियों के लिए रिटर्न प्रस्तुत न किया हो या उक्त कर अवधि के लिए धारा 37 की उपधारा (1) के तहत बाहरी आपूर्तियों का विवरण प्रस्तुत न किया हो।
11 [(11) किसी पंजीकृत व्यक्ति को उक्त रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद किसी कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी:
बशर्ते कि सरकार, परिषद की अनुशंसाओं पर, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, किसी पंजीकृत व्यक्ति या पंजीकृत व्यक्तियों के वर्ग को उक्त रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद भी कर अवधि के लिए रिटर्न प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकती है।
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