CGST Act 65अध्याय XIII · Audit
धारा 65 · कर अधिकारियों द्वारा लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) आयुक्त या उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, सामान्य या विशिष्ट आदेश द्वारा, किसी पंजीकृत व्यक्ति का लेखापरीक्षा ऐसे समय के लिए, ऐसी आवृत्ति पर और ऐसे तरीके से कर सकता है जैसा निर्धारित किया जाए।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी पंजीकृत व्यक्ति के व्यवसाय स्थल पर या उनके कार्यालय में लेखापरीक्षा कर सकते हैं।
(3) पंजीकृत व्यक्ति को लेखापरीक्षा आयोजित करने से कम से कम पंद्रह कार्यदिवस पहले नोटिस के माध्यम से ऐसे तरीके से सूचित किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) उपधारा (1) के अंतर्गत लेखापरीक्षा लेखापरीक्षा प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर पूरी की जाएगी:
बशर्ते कि यदि आयुक्त संतुष्ट हो कि ऐसे पंजीकृत व्यक्ति के संबंध में लेखापरीक्षा तीन महीने के भीतर पूरी नहीं की जा सकती है, तो वह लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर अवधि को अधिकतम छह महीने तक बढ़ा सकता है।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "लेखापरीक्षा की शुरुआत" अभिव्यक्ति का अर्थ वह तिथि होगी जिस पर कर अधिकारियों द्वारा मांगे गए अभिलेख और अन्य दस्तावेज पंजीकृत व्यक्ति या व्यवसाय स्थल पर स्थित वास्तविक लेखापरीक्षा संस्था द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं, इनमें से जो भी बाद में हो।
(5) लेखापरीक्षा के दौरान, अधिकृत अधिकारी पंजीकृत व्यक्ति से यह अपेक्षा कर सकता है,--
(i) उसे लेखा-पुस्तकों या अन्य दस्तावेजों को सत्यापित करने के लिए आवश्यक सुविधा प्रदान करना, जैसा कि वह मांग सकता है;
(ii) ऐसी जानकारी उपलब्ध कराना जिसकी उसे आवश्यकता हो और लेखापरीक्षा के समय पर पूरा होने में सहायता प्रदान करना।
(6) लेखापरीक्षा के समापन पर, उचित अधिकारी तीस दिनों के भीतर पंजीकृत व्यक्ति को, जिसके अभिलेखों की लेखापरीक्षा की गई है, निष्कर्षों, उसके अधिकारों और दायित्वों तथा ऐसे निष्कर्षों के कारणों के बारे में सूचित करेगा।
(7) जहां उपधारा (1) के तहत किए गए लेखापरीक्षा में कर का भुगतान न होने, कम भुगतान होने, गलत तरीके से वापस किए जाने, या इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत तरीके से लाभ उठाने या उपयोग करने का पता चलता है, तो उचित अधिकारी धारा 73 या धारा 741 [या धारा 74ए] के तहत कार्रवाई शुरू कर सकता है।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी पंजीकृत व्यक्ति के व्यवसाय स्थल पर या उनके कार्यालय में लेखापरीक्षा कर सकते हैं।
(3) पंजीकृत व्यक्ति को लेखापरीक्षा आयोजित करने से कम से कम पंद्रह कार्यदिवस पहले नोटिस के माध्यम से ऐसे तरीके से सूचित किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) उपधारा (1) के अंतर्गत लेखापरीक्षा लेखापरीक्षा प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर पूरी की जाएगी:
बशर्ते कि यदि आयुक्त संतुष्ट हो कि ऐसे पंजीकृत व्यक्ति के संबंध में लेखापरीक्षा तीन महीने के भीतर पूरी नहीं की जा सकती है, तो वह लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर अवधि को अधिकतम छह महीने तक बढ़ा सकता है।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "लेखापरीक्षा की शुरुआत" अभिव्यक्ति का अर्थ वह तिथि होगी जिस पर कर अधिकारियों द्वारा मांगे गए अभिलेख और अन्य दस्तावेज पंजीकृत व्यक्ति या व्यवसाय स्थल पर स्थित वास्तविक लेखापरीक्षा संस्था द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं, इनमें से जो भी बाद में हो।
(5) लेखापरीक्षा के दौरान, अधिकृत अधिकारी पंजीकृत व्यक्ति से यह अपेक्षा कर सकता है,--
(i) उसे लेखा-पुस्तकों या अन्य दस्तावेजों को सत्यापित करने के लिए आवश्यक सुविधा प्रदान करना, जैसा कि वह मांग सकता है;
(ii) ऐसी जानकारी उपलब्ध कराना जिसकी उसे आवश्यकता हो और लेखापरीक्षा के समय पर पूरा होने में सहायता प्रदान करना।
(6) लेखापरीक्षा के समापन पर, उचित अधिकारी तीस दिनों के भीतर पंजीकृत व्यक्ति को, जिसके अभिलेखों की लेखापरीक्षा की गई है, निष्कर्षों, उसके अधिकारों और दायित्वों तथा ऐसे निष्कर्षों के कारणों के बारे में सूचित करेगा।
(7) जहां उपधारा (1) के तहत किए गए लेखापरीक्षा में कर का भुगतान न होने, कम भुगतान होने, गलत तरीके से वापस किए जाने, या इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत तरीके से लाभ उठाने या उपयोग करने का पता चलता है, तो उचित अधिकारी धारा 73 या धारा 741 [या धारा 74ए] के तहत कार्रवाई शुरू कर सकता है।
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