CGST Act 122अध्याय XIX · Offences and Penalitis
धारा 122 · कुछ अपराधों के लिए दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ कोई कर योग्य व्यक्ति जो---
(i) बिना कोई चालान जारी किए किसी भी वस्तु या सेवा या दोनों की आपूर्ति करता है या ऐसी किसी आपूर्ति के संबंध में गलत या झूठा चालान जारी करता है;
(ii) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति किए बिना कोई चालान या बिल जारी करना;
(iii) कर के रूप में कोई राशि एकत्र करता है, लेकिन ऐसी भुगतान देय तिथि से तीन महीने की अवधि के बाद सरकार को उसका भुगतान करने में विफल रहता है;
(iv) इस अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन में कोई कर वसूल करता है, लेकिन ऐसी देय तिथि से तीन महीने की अवधि के बाद सरकार को उसका भुगतान करने में विफल रहता है;
(v) धारा 51 की उपधारा (1) के प्रावधानों के अनुसार कर की कटौती करने में विफल रहता है, या उक्त उपधारा के तहत कटौती की जाने वाली राशि से कम राशि की कटौती करता है, या जहां वह धारा (2) के तहत सरकार को कर के रूप में कटौती की गई राशि का भुगतान करने में विफल रहता है;
(vi) धारा 52 की उपधारा (1) के प्रावधानों के अनुसार कर वसूलने में विफल रहता है, या उक्त उपधारा के तहत वसूल की जाने वाली राशि से कम राशि वसूलता है, या धारा 52 की उपधारा (3) के तहत कर के रूप में वसूल की गई राशि सरकार को भुगतान करने में विफल रहता है;
(vii) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के उल्लंघन में, माल या सेवाओं या दोनों की वास्तविक प्राप्ति के बिना, पूर्ण या आंशिक रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेता है या उसका उपयोग करता है;
(viii) इस अधिनियम के अंतर्गत धोखाधड़ी से कर की वापसी प्राप्त करता है;
(ix) धारा 20 या उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के उल्लंघन में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेता है या वितरित करता है;
(x) वित्तीय अभिलेखों को मिथ्याकृत करना या प्रतिस्थापित करना या फर्जी खाते या दस्तावेज प्रस्तुत करना या इस अधिनियम के तहत देय कर के भुगतान से बचने के इरादे से कोई झूठी जानकारी या रिटर्न प्रस्तुत करना;
(xi) इस अधिनियम के तहत पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी है, लेकिन पंजीकरण प्राप्त करने में विफल रहता है;
(xii) पंजीकरण के लिए आवेदन करते समय या बाद में पंजीकरण संबंधी विवरणों के बारे में कोई झूठी जानकारी प्रस्तुत करता है;
(xiii) इस अधिनियम के तहत अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी अधिकारी को बाधा डालता है या रोकता है;
(xiv) इस संबंध में निर्दिष्ट दस्तावेजों के आवरण के बिना किसी भी कर योग्य माल का परिवहन करता है;
(xv) अपने कारोबार को दबाता है जिससे इस अधिनियम के तहत कर की चोरी होती है;
(xvi) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार लेखा-पुस्तकों और अन्य दस्तावेजों को रखने, बनाए रखने या संरक्षित करने में विफल रहता है;
(xvii) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार किसी अधिकारी द्वारा मांगी गई सूचना या दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहता है या इस अधिनियम के अंतर्गत किसी कार्यवाही के दौरान झूठी सूचना या दस्तावेज प्रस्तुत करता है;
(xviii) ऐसी किसी वस्तु की आपूर्ति, परिवहन या भंडारण करता है जिसके बारे में उसे यह विश्वास करने का कारण है कि वह इस अधिनियम के तहत ज़ब्ती के योग्य है;
(xix) किसी अन्य पंजीकृत व्यक्ति के पंजीकरण संख्या का उपयोग करके कोई चालान या दस्तावेज जारी करता है;
(xx) किसी भी भौतिक साक्ष्य या दस्तावेज़ के साथ छेड़छाड़ करता है या उसे नष्ट करता है;
(xxi) इस अधिनियम के तहत जब्त, जब्त या कुर्क की गई किसी भी वस्तु का निपटान करता है या उसमें छेड़छाड़ करता है।
दस हजार रुपये का जुर्माना या कर चोरी की गई राशि या धारा 51 के तहत कटौती न की गई कर या कम कटौती की गई कर या कटौती की गई कर लेकिन सरकार को भुगतान न की गई कर या धारा 52 के तहत एकत्र न की गई कर या कम एकत्र की गई कर या एकत्र की गई कर लेकिन सरकार को भुगतान न की गई कर या इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनियमित रूप से लाभ उठाया गया या उसे आगे बढ़ाया गया या वितरित किया गया या धोखाधड़ी से दावा की गई वापसी राशि, इनमें से जो भी अधिक हो, उसका भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
1 [(1ए) कोई भी व्यक्ति जो उपधारा (1) के खंड (i), (ii), (vii) या खंड (ix) के अंतर्गत आने वाले किसी लेन-देन का लाभ अपने पास रखता है और जिसके कहने पर ऐसा लेन-देन किया जाता है, वह कर चोरी या इनपुट टैक्स क्रेडिट के बराबर राशि के जुर्माने का उत्तरदायी होगा।]
(2) कोई भी पंजीकृत व्यक्ति जो किसी भी वस्तु या सेवा या दोनों की आपूर्ति करता है जिस पर कोई कर अदा नहीं किया गया है या कम अदा किया गया है या गलत तरीके से वापस किया गया है, या जहां इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत तरीके से लिया गया है या उपयोग किया गया है, ---
(क) धोखाधड़ी या जानबूझकर गलत बयान देने या कर से बचने के उद्देश्य से तथ्यों को छुपाने के अलावा किसी अन्य कारण से, ऐसे व्यक्ति पर दस हजार रुपये या देय कर का दस प्रतिशत, जो भी अधिक हो, का जुर्माना लगाया जाएगा;
(ख) धोखाधड़ी या जानबूझकर गलत बयान देने या कर से बचने के उद्देश्य से तथ्यों को छुपाने के कारण, ऐसे व्यक्ति पर दस हजार रुपये के बराबर जुर्माना या उस व्यक्ति से देय कर, जो भी अधिक हो, लगाया जाएगा।
(3) कोई भी व्यक्ति जो---
(क) उपधारा (1) के खंड (i) से (xxi) में निर्दिष्ट किसी भी अपराध में सहायता करता है या उकसाता है;
(ख) किसी भी ऐसी वस्तु पर कब्ज़ा प्राप्त करता है, या किसी भी तरह से उसके परिवहन, हटाने, जमा करने, रखने, छुपाने, आपूर्ति करने, या खरीदने में शामिल होता है, या किसी अन्य तरीके से उससे संबंधित व्यवहार करता है, जिसके बारे में वह जानता है या उसे विश्वास करने का कारण है कि वह इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत ज़ब्ती के योग्य है;
(ग) सेवाओं की आपूर्ति प्राप्त करता है या किसी भी तरह से उससे संबंधित है या किसी अन्य तरीके से ऐसी सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित है जिसके बारे में वह जानता है या उसे यह मानने का कारण है कि वे इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करती हैं;
(घ) केंद्रीय कर अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने में विफल रहता है, जब उसे किसी जांच में साक्ष्य देने या दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए उपस्थित होने हेतु समन जारी किया जाता है;
(ई) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार चालान जारी करने में विफल रहता है या अपने लेखा-पुस्तकों में चालान का हिसाब देने में विफल रहता है,
उस पर पच्चीस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
2 [(1बी) 3 [कोई भी इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य संचालक, जो धारा 52 के तहत स्रोत पर कर वसूलने के लिए उत्तरदायी है,]---
(i) इस अधिनियम के तहत जारी अधिसूचना द्वारा पंजीकरण से छूट प्राप्त व्यक्ति के अलावा किसी अपंजीकृत व्यक्ति द्वारा इसके माध्यम से माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति की अनुमति देता है;
(ii) किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो अंतरराज्यीय आपूर्ति करने के लिए पात्र नहीं है, अपने माध्यम से वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की अंतरराज्यीय आपूर्ति की अनुमति देता है; या
(iii) धारा 52 की उपधारा (4) के तहत प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण में इस अधिनियम के तहत पंजीकरण प्राप्त करने से छूट प्राप्त व्यक्ति द्वारा उसके माध्यम से की गई माल की किसी भी बाहरी आपूर्ति का सही विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहता है।
दस हजार रुपये का जुर्माना या धारा 10 के तहत कर का भुगतान करने वाले व्यक्ति के अलावा किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा ऐसी आपूर्ति किए जाने पर लगने वाले कर की राशि के बराबर जुर्माना, इनमें से जो भी अधिक हो, अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(i) बिना कोई चालान जारी किए किसी भी वस्तु या सेवा या दोनों की आपूर्ति करता है या ऐसी किसी आपूर्ति के संबंध में गलत या झूठा चालान जारी करता है;
(ii) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति किए बिना कोई चालान या बिल जारी करना;
(iii) कर के रूप में कोई राशि एकत्र करता है, लेकिन ऐसी भुगतान देय तिथि से तीन महीने की अवधि के बाद सरकार को उसका भुगतान करने में विफल रहता है;
(iv) इस अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन में कोई कर वसूल करता है, लेकिन ऐसी देय तिथि से तीन महीने की अवधि के बाद सरकार को उसका भुगतान करने में विफल रहता है;
(v) धारा 51 की उपधारा (1) के प्रावधानों के अनुसार कर की कटौती करने में विफल रहता है, या उक्त उपधारा के तहत कटौती की जाने वाली राशि से कम राशि की कटौती करता है, या जहां वह धारा (2) के तहत सरकार को कर के रूप में कटौती की गई राशि का भुगतान करने में विफल रहता है;
(vi) धारा 52 की उपधारा (1) के प्रावधानों के अनुसार कर वसूलने में विफल रहता है, या उक्त उपधारा के तहत वसूल की जाने वाली राशि से कम राशि वसूलता है, या धारा 52 की उपधारा (3) के तहत कर के रूप में वसूल की गई राशि सरकार को भुगतान करने में विफल रहता है;
(vii) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के उल्लंघन में, माल या सेवाओं या दोनों की वास्तविक प्राप्ति के बिना, पूर्ण या आंशिक रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेता है या उसका उपयोग करता है;
(viii) इस अधिनियम के अंतर्गत धोखाधड़ी से कर की वापसी प्राप्त करता है;
(ix) धारा 20 या उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के उल्लंघन में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेता है या वितरित करता है;
(x) वित्तीय अभिलेखों को मिथ्याकृत करना या प्रतिस्थापित करना या फर्जी खाते या दस्तावेज प्रस्तुत करना या इस अधिनियम के तहत देय कर के भुगतान से बचने के इरादे से कोई झूठी जानकारी या रिटर्न प्रस्तुत करना;
(xi) इस अधिनियम के तहत पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी है, लेकिन पंजीकरण प्राप्त करने में विफल रहता है;
(xii) पंजीकरण के लिए आवेदन करते समय या बाद में पंजीकरण संबंधी विवरणों के बारे में कोई झूठी जानकारी प्रस्तुत करता है;
(xiii) इस अधिनियम के तहत अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी अधिकारी को बाधा डालता है या रोकता है;
(xiv) इस संबंध में निर्दिष्ट दस्तावेजों के आवरण के बिना किसी भी कर योग्य माल का परिवहन करता है;
(xv) अपने कारोबार को दबाता है जिससे इस अधिनियम के तहत कर की चोरी होती है;
(xvi) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार लेखा-पुस्तकों और अन्य दस्तावेजों को रखने, बनाए रखने या संरक्षित करने में विफल रहता है;
(xvii) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार किसी अधिकारी द्वारा मांगी गई सूचना या दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहता है या इस अधिनियम के अंतर्गत किसी कार्यवाही के दौरान झूठी सूचना या दस्तावेज प्रस्तुत करता है;
(xviii) ऐसी किसी वस्तु की आपूर्ति, परिवहन या भंडारण करता है जिसके बारे में उसे यह विश्वास करने का कारण है कि वह इस अधिनियम के तहत ज़ब्ती के योग्य है;
(xix) किसी अन्य पंजीकृत व्यक्ति के पंजीकरण संख्या का उपयोग करके कोई चालान या दस्तावेज जारी करता है;
(xx) किसी भी भौतिक साक्ष्य या दस्तावेज़ के साथ छेड़छाड़ करता है या उसे नष्ट करता है;
(xxi) इस अधिनियम के तहत जब्त, जब्त या कुर्क की गई किसी भी वस्तु का निपटान करता है या उसमें छेड़छाड़ करता है।
दस हजार रुपये का जुर्माना या कर चोरी की गई राशि या धारा 51 के तहत कटौती न की गई कर या कम कटौती की गई कर या कटौती की गई कर लेकिन सरकार को भुगतान न की गई कर या धारा 52 के तहत एकत्र न की गई कर या कम एकत्र की गई कर या एकत्र की गई कर लेकिन सरकार को भुगतान न की गई कर या इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनियमित रूप से लाभ उठाया गया या उसे आगे बढ़ाया गया या वितरित किया गया या धोखाधड़ी से दावा की गई वापसी राशि, इनमें से जो भी अधिक हो, उसका भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
1 [(1ए) कोई भी व्यक्ति जो उपधारा (1) के खंड (i), (ii), (vii) या खंड (ix) के अंतर्गत आने वाले किसी लेन-देन का लाभ अपने पास रखता है और जिसके कहने पर ऐसा लेन-देन किया जाता है, वह कर चोरी या इनपुट टैक्स क्रेडिट के बराबर राशि के जुर्माने का उत्तरदायी होगा।]
(2) कोई भी पंजीकृत व्यक्ति जो किसी भी वस्तु या सेवा या दोनों की आपूर्ति करता है जिस पर कोई कर अदा नहीं किया गया है या कम अदा किया गया है या गलत तरीके से वापस किया गया है, या जहां इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत तरीके से लिया गया है या उपयोग किया गया है, ---
(क) धोखाधड़ी या जानबूझकर गलत बयान देने या कर से बचने के उद्देश्य से तथ्यों को छुपाने के अलावा किसी अन्य कारण से, ऐसे व्यक्ति पर दस हजार रुपये या देय कर का दस प्रतिशत, जो भी अधिक हो, का जुर्माना लगाया जाएगा;
(ख) धोखाधड़ी या जानबूझकर गलत बयान देने या कर से बचने के उद्देश्य से तथ्यों को छुपाने के कारण, ऐसे व्यक्ति पर दस हजार रुपये के बराबर जुर्माना या उस व्यक्ति से देय कर, जो भी अधिक हो, लगाया जाएगा।
(3) कोई भी व्यक्ति जो---
(क) उपधारा (1) के खंड (i) से (xxi) में निर्दिष्ट किसी भी अपराध में सहायता करता है या उकसाता है;
(ख) किसी भी ऐसी वस्तु पर कब्ज़ा प्राप्त करता है, या किसी भी तरह से उसके परिवहन, हटाने, जमा करने, रखने, छुपाने, आपूर्ति करने, या खरीदने में शामिल होता है, या किसी अन्य तरीके से उससे संबंधित व्यवहार करता है, जिसके बारे में वह जानता है या उसे विश्वास करने का कारण है कि वह इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत ज़ब्ती के योग्य है;
(ग) सेवाओं की आपूर्ति प्राप्त करता है या किसी भी तरह से उससे संबंधित है या किसी अन्य तरीके से ऐसी सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित है जिसके बारे में वह जानता है या उसे यह मानने का कारण है कि वे इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करती हैं;
(घ) केंद्रीय कर अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने में विफल रहता है, जब उसे किसी जांच में साक्ष्य देने या दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए उपस्थित होने हेतु समन जारी किया जाता है;
(ई) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार चालान जारी करने में विफल रहता है या अपने लेखा-पुस्तकों में चालान का हिसाब देने में विफल रहता है,
उस पर पच्चीस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
2 [(1बी) 3 [कोई भी इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य संचालक, जो धारा 52 के तहत स्रोत पर कर वसूलने के लिए उत्तरदायी है,]---
(i) इस अधिनियम के तहत जारी अधिसूचना द्वारा पंजीकरण से छूट प्राप्त व्यक्ति के अलावा किसी अपंजीकृत व्यक्ति द्वारा इसके माध्यम से माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति की अनुमति देता है;
(ii) किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो अंतरराज्यीय आपूर्ति करने के लिए पात्र नहीं है, अपने माध्यम से वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की अंतरराज्यीय आपूर्ति की अनुमति देता है; या
(iii) धारा 52 की उपधारा (4) के तहत प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण में इस अधिनियम के तहत पंजीकरण प्राप्त करने से छूट प्राप्त व्यक्ति द्वारा उसके माध्यम से की गई माल की किसी भी बाहरी आपूर्ति का सही विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहता है।
दस हजार रुपये का जुर्माना या धारा 10 के तहत कर का भुगतान करने वाले व्यक्ति के अलावा किसी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा ऐसी आपूर्ति किए जाने पर लगने वाले कर की राशि के बराबर जुर्माना, इनमें से जो भी अधिक हो, अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
