CGST Act 62अध्याय XII · Assessment
धारा 62 · आयकर रिटर्न दाखिल न करने वालों का मूल्यांकन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 73 या धारा 74 [या धारा 74ए] में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, यदि कोई पंजीकृत व्यक्ति धारा 46 के तहत नोटिस तामील होने के बाद भी धारा 39 या धारा 45 के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो उचित अधिकारी उपलब्ध या एकत्रित सभी प्रासंगिक सामग्री को ध्यान में रखते हुए, अपने सर्वोत्तम विवेक के अनुसार उक्त व्यक्ति की कर देयता का आकलन कर सकता है और उस वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत करने हेतु धारा 44 के तहत निर्दिष्ट तिथि से पांच वर्ष की अवधि के भीतर आकलन आदेश जारी कर सकता है, जिस वित्तीय वर्ष से कर का भुगतान नहीं किया गया है।
(2) जहां पंजीकृत व्यक्ति उपधारा (1) के तहत मूल्यांकन आदेश की तामील के 2 [साठ दिन] के भीतर वैध रिटर्न प्रस्तुत करता है, तो उक्त मूल्यांकन आदेश वापस लिया हुआ माना जाएगा, लेकिन धारा 50 की उपधारा (1) के तहत ब्याज के भुगतान या धारा 47 के तहत विलंब शुल्क के भुगतान की देयता बनी रहेगी।
3. बशर्ते कि यदि पंजीकृत व्यक्ति उपधारा (1) के तहत मूल्यांकन आदेश की तामील होने के साठ दिनों के भीतर वैध रिटर्न प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो वह उक्त मूल्यांकन आदेश की तामील होने के साठ दिनों के बाद प्रत्येक दिन की देरी के लिए एक सौ रुपये का अतिरिक्त विलंब शुल्क अदा करने पर साठ दिनों की अतिरिक्त अवधि के भीतर रिटर्न प्रस्तुत कर सकता है, और यदि वह विस्तारित अवधि के भीतर वैध रिटर्न प्रस्तुत करता है, तो उक्त मूल्यांकन आदेश को वापस लिया हुआ माना जाएगा, लेकिन धारा 50 की उपधारा (1) के तहत ब्याज अदा करने या धारा 47 के तहत विलंब शुल्क अदा करने का दायित्व बना रहेगा।
(2) जहां पंजीकृत व्यक्ति उपधारा (1) के तहत मूल्यांकन आदेश की तामील के 2 [साठ दिन] के भीतर वैध रिटर्न प्रस्तुत करता है, तो उक्त मूल्यांकन आदेश वापस लिया हुआ माना जाएगा, लेकिन धारा 50 की उपधारा (1) के तहत ब्याज के भुगतान या धारा 47 के तहत विलंब शुल्क के भुगतान की देयता बनी रहेगी।
3. बशर्ते कि यदि पंजीकृत व्यक्ति उपधारा (1) के तहत मूल्यांकन आदेश की तामील होने के साठ दिनों के भीतर वैध रिटर्न प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो वह उक्त मूल्यांकन आदेश की तामील होने के साठ दिनों के बाद प्रत्येक दिन की देरी के लिए एक सौ रुपये का अतिरिक्त विलंब शुल्क अदा करने पर साठ दिनों की अतिरिक्त अवधि के भीतर रिटर्न प्रस्तुत कर सकता है, और यदि वह विस्तारित अवधि के भीतर वैध रिटर्न प्रस्तुत करता है, तो उक्त मूल्यांकन आदेश को वापस लिया हुआ माना जाएगा, लेकिन धारा 50 की उपधारा (1) के तहत ब्याज अदा करने या धारा 47 के तहत विलंब शुल्क अदा करने का दायित्व बना रहेगा।
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